कन्हैया कुमार का वो बयान जिसे बताया जा रहा है 'भगवान हनुमान का अपमान'

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- Author, फ़ैक्ट चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
बिहार की बेगूसराय सीट से सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार का एक वीडियो इस दावे के साथ वायरल हो गया है कि उन्होंने हिंदुओं के भगवान 'हनुमान' का अपमान किया है.
25 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में कन्हैया कुमार यह कहते सुनाई देते हैं, "हनुमान जी जो हैं, वर्किंग क्लास देवता हैं. कहीं भी आपको मिल जाएंगे. दूसरे की पत्नी जो हैं, उनका अपहरण हुआ, उसकी लंका जला दी. सुग्रीव दोस्त था न राम जी का, सुग्रीव के लिए धोखा तक करने के लिए तैयार हो गए राम जी, कि दोस्ती बड़ी चीज़ है."
'चौकीदार स्क्विंटी' नाम के एक ट्विटर यूज़र ने इस वीडियो को ट्वीट किया है और कैप्शन में लिखा है, "हनुमान दूसरे की बीवी के अपमान के लिए लंका जला दिए - कन्हैया कुमार."

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आगे लिखा है, "यह न सिर्फ़ हिंदू विरोधी टिप्पणी है बल्कि महिलाओं के ख़िलाफ़ भी है. ये वो लोग हैं जो उस समय तमाशा देखते हैं, जब महिलाओं से छेड़छाड़ हो रही होती है."
ट्विटर पर डाले गए इस वीडियो को 50 हज़ार से अधिक बार देखा जा चुका है. कन्हैया कुमार के इस वीडियो को फ़ेसबुक पर और ट्विटर पर अन्य यूज़र्स द्वारा हज़ारों बार शेयर भी किया गया है.

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हमने पाया कि ये दावे भ्रामक हैं.
कन्हैया कुमार के 25 सेकंड के वीडियो में दिख रहे शब्द उन्हीं के हैं मगर इन्हें संदर्भ से अलग ग़लत ढंग से पेश किया गया है.
लंबे वीडियो के कुछ हिस्सों को ही इस वायरल क्लिप में इस्तेमाल किया गया है.
वीडियो का सच क्या है
वायरल वीडियो सिर्फ़ 25 सेकंड का है और यह 'न्यूज़ ऑफ़ बिहार' नाम के यूट्यूब चैनल पर 30 मार्च 2018 को अपलोड किए गए कन्हैया कुमार के भाषण के एक हिस्से से लिया गया है.
यू-ट्यूब पेज के अनुसार कन्हैया ने चंपारण के मोतिहारी में ये भाषण दिया था.
यह उस समय की बात है जब वह सीपीआई के क़रीबी माने जाने वाले छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन (एआईएसएफ़) के नेता थे.
लंबी क्लिप में जो वह बात कह रहे हैं, वह इस तरह से है:
"भगवान हनुमान ने दूसरे व्यक्ति की पत्नी के लिए लंका जला दी मगर उन्हीं भगवान हनुमान के नाम पर हमारे अपने लोग जलाए जा रहे हैं. हमारा देश भगवान राम की परंपराओं वाला देश है, जहां हम शबरी के जूठे फल खा लेते हैं और सौतेली माँ की ख़ुशी के लिए आराम भरी ज़िंदगी को भी छोड़ देते हैं."

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अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कन्हैया कहते हैं, "योगी जी भगवा रंग का चोला पहनकर जंगल से आते हैं और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहते हैं. फिर वह दावा करते हैं कि राम के भक्त हैं. भगवान राम तो अपना सिंहासन छोड़कर जंगल चले गए थे. तो बहुत फ़र्क है जो आपको समझना चाहिए."
हिंदू और मुसलमानों के विभेद पर बात करते हुए वह कहते हैं, "भगवान राम ने दोस्ती को अपने आदर्शों से भी ऊपर माना था. मगर इन लोगों ने उनके नाम पर रेखाएं खींच दी हैं."
बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया है कि एडिट किए गए एक वीडियो के आधार पर यह दावा करना कि कन्हैया कुमार ने भगवान और महिलाओं का अपमान किया, पूरी तरह भ्रामक है.

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