फ़िल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा पहले हिरासत में, फिर रिहा मगर क्यों?

रामगोपाल वर्मा

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इमेज कैप्शन, विजयवाड़ा पुलिस ने फ़िल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा को हिरासत में ले लिया.
    • Author, वी शंकर
    • पदनाम, विजयवाड़ा से बीबीसी के लिए

फ़िल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा का नाम नए विवाद से जुड़ गया है. फ़िल्म 'लक्ष्मीज़ एनटीआर' (Lakshmi's NTR) को लेकर बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस की वजह से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की पुलिस ने उन्हें और फ़िल्म के प्रोड्यूसर को हिरासत में ले लिया. बाद में उन्हें हैदराबाद वापस भेज दिया गया.

रामगोपाल वर्मा का आरोप है कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस विजयवाड़ा के इलापुरम होटल में होनी थी, जब उसमें बाधा डाली गई तब उन्होंने विजयवाड़ा की पाइलपुला रोड के एनटीआर सर्किल में मीडिया के लोगों से मुलाकात करने का फ़ैसला किया.

रामगोपाल वर्मा जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पहुंचे तो उन्हें और फ़िल्म के प्रोड्यूसर राकेश रेड्डी को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लेने के बाद उन्हें विजयवाड़ा एयरपोर्ट के लाउंज में शिफ्ट कर दिया गया. बाद में उन्हें हैदराबाद वापस भेज दिया गया.

विजयवाड़ा पुलिस के मुताबिक वर्मा के खिलाफ़ कार्रवाई कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और आदर्श आचार संहिता की वजह से की गई.

फ़िल्म का पोस्टर

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विवाद में घिरी है फ़िल्म

'लक्ष्मीज़ एनटीआर' फ़िल्म बीते करीब दो महीने से विवादों में है. इस फ़िल्म का निर्देशन राम गोपाल वर्मा ने किया है. रिपोर्टों के मुताबिक ये फ़िल्म आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामाराव की बायोपिक की तरह है. इस फ़िल्म में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के किरदार को नेगेटिव शेड में दिखाया गया है.

फ़िल्म का विवाद न्यायालय में भी पहुंचा. आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने आंध्र प्रदेश में फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगा दी. इससे आंध्र प्रदेश में फ़िल्म की रिलीज़ टल गई.

हालांकि ये फिल्म तेलंगाना और दूसरी जगहों पर प्रदर्शित हो गई. राम गोपाल वर्मा आंध्र प्रदेश में फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर मीडिया से बात करना चाहते थे. आंध्र प्रदेश में ये फ़िल्म एक मई को रिलीज़ होनी है. वर्मा ने शनिवार को बताया कि फ़िल्म के प्रमोशन के लिए वो मीडिया से मुलाकात करने वाले हैं.

वर्मा ने आरोप लगाया कि तैयारियों के बाद भी होटलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए दी गई अनुमति रद्द कर दी.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की इजाज़त वापस लेने वाले होटलों ने उनसे पेमेंट पहले ही ले लिया था.

इसके बाद उन्होंने कहा कि वो शाम चार बजे सड़क पर ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी और कहा कि जो 'एनटीआर के वास्तविक प्रशंसक हैं और जो सच का सम्मान करते हैं' वो प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लें. इसके बाद ही मौजूदा विवाद शुरू हुआ.

रामगोपाल वर्मा

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पुलिस ने क्या कहा ?

विजयवाड़ा पुलिस के मुताबिक कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना को देखते हुए उन्होंने रामगोपाल वर्मा को नोटिस दिया था.

वर्मा को एयरपोर्ट पर जो नोटिस दिया गया, उसमें कहा गया था कि जब दंड संहिता की धारा 30 और धारा 144 लागू हो तब सड़क पर सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस किसी स्थिति में नहीं हो सकती है.

उनसे तुरंत विजयवाड़ा छोड़ देने को कहा गया. पुलिस के मुताबिक नोटिस का उल्लंघन कर आगे बढ़ने पर उन्हें हिरासत में लिया गया. पुलिस के मुताबिक रामगोपाल वर्मा की ओर से नोटिस के उल्लंघन को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वर्मा ने क्या कहा?

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पुलिस से ये जानकारी मिलने पर कि पाइपुला रोड पर एनटीआर सर्किल के करीब छात्रों की परीक्षा हो रही है, रामगोपाल वर्मा ने सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करने का फैसला किया. उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि उन्हें होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाज़त दी जाए. लेकिन उन्हें और रेड्डी को हिरासत में ले लिया गया.

रामगोपाल वर्मा ने ट्विटर पर पोस्ट किए वीडियो में कहा है, "हमें जबरन एक कार में बिठाकर एयरपोर्ट लाया गया. हमें बताया गया कि हमें विजयवाड़ा नहीं आना चाहिए और न ही यहां रुकना चाहिए. मुझे इसके किसी कारण की जानकारी नहीं है. कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए. लेकिन हमें उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया."

रामगोपाल वर्मा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को टैग करते हुए ट्वीट किया और सवाल किया, "लोकतंत्र कहां है? सच को क्यों बाधित किया जा रहा है?"

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होटल ने क्या कहा?

होटल इलापुरम की फ्रंट ऑफिस इनचार्ज रजिता ने बताया, "रामगोपाल वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए एक कमरा बुक किया था लेकिन वो होटल नहीं आए."

उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कराने का निर्देश दिया था. उन्होंने वर्मा की इस बात को ग़लत बताया कि होटल ने पहले ही पैसे ले लिए थे. उन्होंने बताया कि बुकिंग के बाद भी होटल में कोई नहीं आया.

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