असमः 'गोमांस' बेचने के शक में भीड़ ने मुसलमान व्यक्ति को पीटा

    • Author, दिलीप कुमार शर्मा
    • पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

असम के बिश्वनाथ चारआली शहर में कथित तौर पर गोमांस बेचने के आरोप में एक 48 साल के मुसलमान व्यक्ति पर भीड़ ने हमला कर दिया.

यह घटना रविवार शाम करीब 4 बजे की है लेकिन सोमवार को सोशल मीडिया पर जब उस व्यक्ति पर हमले का एक वीडियो अपलोड किया गया उसके बाद यह मामला सामने आया.

पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की शिनाख़्त शौकत अली के रूप में की है. इस घटना में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है जबकि हमला करने वाले कई लोग फ़रार हैं.

दावा किया जा रहा है कि शौकत अली अपने होटल में गोमांस बेच रहे थे. इस बीच कुछ लोग उनके होटल में घुस आए और तलाशी लेना शुरू कर दी.

बाद में भीड़ में मौजूद लोग शौकत अली को होटल से निकाल कर सड़क पर ले गए और वहां उनकी बुरी तरह पिटाई की.

इस घटना को लेकर जो वीडियो सामने आया है उसमें शौकत अली बुरी तरह घायल हैं और घुटने के बल बैठे हुए हैं.

सुअर का मांस खिलाने का आरोप

भीड़ में मौजूद लोग उनसे कई सवाल पूछे रहे हैं. वीडियो में सुनाई दे रहा है कि भीड़ में शामिल लोग पूछ रहे हैं कि गोमांस क्यूं बेच रहे हो? लाइसेंस कहां है, क्या तुम बांग्लादेशी हो?

शौकत अली का अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्हें पीठ और मुंह पर काफी चोटें आई हैं.

अस्पताल में मौजूद शौकत अली के छोटे भाई अब्दूल रहमान ने बीबीसी से कहा, "मेरे पिता और भाई (शौकत) पिछले 40 साल से बिश्वनाथ चारआली के साप्ताहिक बाजार में होटल चलाते आ रहे हैं. पिता के गुज़र जाने के बाद मेरे बड़े भाई शौकत होटल चलाते हैं. पहले यहां कभी ऐसी घटना नहीं हुई. उन लोगों ने मेरे भाई को बुरी तहर पीटा है. उनकी हालत काफी नाज़ुक बनी हुई है. वो बोल नहीं पा रहे हैं."

वो कहते हैं, " क़रीब 10 से 15 लोग अचानक भाई की दुकान में आ गए और तलाशी लेने लगे. चावल, दाल, मुर्गा और मछली का होटल है तो मीट तो मिलेगा ही. शक के आधार पर वो लोग मेरे भाई को दूकान से अपने साथ ले गए. साप्ताहिक बाजार के ठेकेदार ने भी भाई की मदद नहीं की. बाज़ार में सबके सामने उनकी पिटाई की गई लेकिन कोई बचाने नहीं आया. बाद में उन लोगों ने मेरे भाई के मुंह में ज़बरन सुअर का मांस डाल दिया."

पेशे से शिक्षक रहमान पुलिस से मदद नहीं मिलने से नाराज़ है. वो कहते हैं," पुलिस से क्या मदद मिलेगी. मारपीट की इस घटना के बाद पुलिस मेरे भाई और उनके दो बेटों को पकड़ कर ले गई. मेरे ज़ख्मी भाई को पुलिस ने सारी रात लॉकअप में रखा. जबकि उनकों अस्पताल में रखना चाहिए था."

एक सवाल का जवाब देते हुए रहमान कहते हैं, "हम यहीं के रहने वाले हैं कभी कुछ नहीं हुआ. मेरे मन में सवाल उठ रहे हैं क्या आरएसएस-बीजेपी के कारण ऐसा हुआ है? पता नहीं कुछ समझ में नहीं आ रहा है."

सोशल मीडिया में अपने भाई की पिटाई को लेकर वायरल हुए वीडियो के बारे में रहमान कहते हैं, "मैंने अपने भाई से वीडियो के बारे में पूछा था.. जब भीड़ में आए लोग उनकी पिटाई कर रहे थे तो कुछ लोग उनका वीडियो बना रहे थे. मैंने वो वीडियो देखा है वो फ़ेक नहीं है."

पुलिस का दावा- एक हिंदू की भी हुई पिटाई

बिश्वनाथ ज़िले के पुलिस अधीक्षक राकेश रोशन ने घटना की जानकारी देते हुए बीबीसी से कहा, "हमें एक शिकायत मिली है कि एक व्यक्ति की कुछ लोगों ने मिलकर पिटाई की है. हमने एक मामला भी दर्ज किया है और एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. इस घटना में जो भी अपराधी हैं, हम उनके ख़िलाफ कार्रवाई कर रहे हैं."

क्या सूबे में चुनाव की वजह से ऐसा माहौल बन गया और यह घटना हो गई?

इस सवाल का जवाब देते हुए पुलिस अधीक्षक कहते हैं, "चुनाव के कारण यह घटना नहीं हुई है. क्योंकि जिसकी पिटाई हुई है उसमें एक मुसलमान है और एक हिंदू भी है. जिस मुसलमान की पिटाई हुई है उसका नाम शौकत अली है और जो हिंदू व्यक्ति की पिटाई हुई है उनका नाम कमल थापा है. दोनों की पिटाई उन्ही अपराधियों ने की है. शिकायत के अनुसार शौकत अली अपने होटल में पकाया हुआ गोमांस बेचते थे. इस बात को लेकर कुछ लोगों ने उसके साथ बुरा व्यवहार किया लेकिन पुलिस को जब इसकी ख़बर मिली तो हमने कार्रवाई की. फ़िलहाल इलाके में माहौल सामान्य है."

सात बच्चों के पिता शौकत अली वैसे तो बिश्वनाथ चारआली से 15 किमी दूर कलाकटी गाँव के रहने वाले हैं लेकिन वो शहर में ही रह कर सप्ताह में दो दिन यानी रविवार और गुरुवार को बाज़ार में खाना बेचते हैं.

इसके अलावा वो घूम-घूम कर फेरी का सामान बेचते हैं.

11 अप्रैल को होना है मतदान

शौकत अली के एक रिश्तेदार ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि "वे अपने भोजनालय में दशकों से पका हुआ गोमांस बेच रहे हैं. किसी ने उन्हें नहीं बताया कि गोमांस नहीं बेच सकते. उन पर हमला करने के बजाय अगर नोटिस देकर बता देते तो वे ऐसा काम कभी नहीं करते. दरअसल हमला करने वाले अधिकतर लोग आस-पास के इलाके के ही रहने वाले हैं."

अखिल असम अल्पसंख्यक छात्र संघ के अध्यक्ष अज़ीज़ुर रहमान ने इस घटना पर कहा, "असम में जब से भाजपा का शासन आया है तब से इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. यहां के मुसलमानों पर अत्याचार किया जा रहा है. बिश्वनाथ की घटना इसी का एक उदाहरण है. भीड़ में आए लोगों ने केवल शक के आधार पर शौकत अली की न केवल पिटाई की बल्कि उन्हें ज़बरन सुअर का मांस खिलाया. "

उन्होंने कहा, "असम के इतिहास में ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई. असम सरकार और केंद्र सरकार से हमारी मांग है कि इस घटना में शामिल सभी लोगों की शिनाख़्त कर उन्हें गिरफ़्तार किया जाए. इन लोगों को सज़ा मिलनी होगी ताकि दोबारा यहां ऐसी घटना न हो. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस घटना को लेकर प्रदेश में कहीं भी सांप्रदायिक माहौल खराब न हो."

पुलिस इलाके में शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के लोगों से संयुक्त निगरानी करवा रही है. साथ ही सुरक्षा बलों के जवानों को भी अलर्ट किया गया है.

दरअसल बिश्वनाथ चारआली का इलाका तेजपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है जहां 11 अप्रैल को मतदान होना है. लिहाजा इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटना कहीं सांप्रदायिक तनाव न पैदा कर दें.

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