सैम पित्रोदा के किस बयान पर पीएम मोदी ने कहा जनता माफ़ नहीं करेगी

सैम पित्रोदा

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बालाकोट में हुई एयरस्ट्राइक को लेकर विपक्ष पहले भी सबूत मांगता रहा है.

अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के क़रीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में पित्रोदा ने बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने मारे गए चरमपंथियों की संख्या को लेकर सवाल किया है और कहा है कि उन्हें इस बारे में और अधिक जानना है.

जिसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके जवाब दिया है.

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प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "विपक्ष लगातार हमारी सेनाओं का अपमान कर रहा है. मैं इस देश के लोगों से अपील करता हूं कि वो विपक्ष द्वारा दिए जा रहे इस तरह के बयानों पर सवाल करें.

उन्हें बताएं कि 130 करोड़ भारतीय उन्हें उनके इस कृत्य के लिए माफ़ नहीं करेगी. भारत के लोग पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेना के साथ खड़े हैं."

हालांकि ये कोई पहला मौक़ा नहीं है जब विपक्ष के किसी नेता ने बालाकोट में मारे गए लोगों की संख्या और साक्ष्य को लेकर सवाल उठाया है. अभी एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव भी पुलवामा हमले से जुड़े अपने ऐसे ही एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए थे. उन्होंने बयान दिया था कि पैरामिलिट्री सेनाएं सरकार से दुखी हैं, जवान वोट के लिए मार दिए गए, चेकिंग नहीं थी जम्मू-कश्मीर के बीच में और जवानों को एक साधारण बस से भेजा गया, ये साज़िश थी.

वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पुलवामा हमले के बाद भारत की ओर से हुए बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर शुरू से ही साक्ष्य मांगती रही हैं.

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सैम पित्रोदा ने और क्या कुछ कहा?

विवाद सिर्फ़ बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर नहीं है.

सैम पित्रोदा अपने इंटरव्यू में एक जगह कहते हैं, "26/11 मुंबई हमले के दौरान आठ लोग आए और उन्होंने कुछ किया, इसके चलते आप पूरे पाकिस्तान को निशाने पर नहीं ले सकते. ऐसा मान लेना कि वहां से कुछ लोग यहां आए और उन्होंने हमला किया और सिर्फ़ इस वजह से उस मुल्क़ का हर इंसान दोषी है, ग़लत होगा. मैं इस बात पर यक़ीन नहीं करता."

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सैम की इस बात का भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया है. वो लिखते हैं "सैम पित्रोदा कांग्रेस पार्टी के सबसे विश्वसनीय सलाहकार हैं और पार्टी अध्यक्ष के मार्गदर्शक हैं. आज पाकिस्तान नेशनल डे मना रहा है और ऐसा बयान देकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से उन्हें इस ख़ास दिन पर एक बेहतरीन शुरुआत दी है. विडम्बना ये है कि एक ओर वो इस तरह का बयान दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर वो भारतीय सेनाओं का अपमान कर रहे हैं."

सैम पित्रोदा के बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "अगर गुरु ऐसा हो तो शिष्य कितना निकम्मा निकलेगा ये देश को आज भुगतना पड़ रहा है."

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संवाददाताओं से इसी मसले पर सवाल पूछे जाने के दौरान जेटली विस्तार से बोले.

उन्होंने कहा, "ये अपने आप में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बयान है. दुर्भाग्यपूर्ण इसलिए है कि जो लोग इस देश को समझते नहीं हैं, इस देश की सुरक्षा को नहीं समझते, इस देश के जज़बात को नहीं समझते केवल वो ही ऐसा बयान दे सकते हैं."

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"भारत की लड़ाई 26/11 को शुरू नहीं हुई थी. हम उससे कहीं पहले आतंकवाद के शिकार बन चुके थे और इसलिए हम लोग आतंक से लड़ रहे थे."

"हर बार यह होता था कि वो आतंकवादी आते थे, हम रोकते थे, हम उनको मारते थे, अपने लोगों को बचाते थे और साल में एक दो घटनाएं ऐसी होती थी जहां वो सफल हो जाते थे."

"उस नीति से जो भारत की एक सुरक्षा नीति रही, विशेष रूप से यूपीए सरकार के दौरान, मोदी जी के नेतृत्व ने इसमें सुधार किया है."

"दुनिया का एक देश भी ऐसा नहीं है जिसने इसकी निंदा की है. हमारे दोनों ऑपरेशन सफल हुए. आतंकवादियों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है."

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हालांकि बाद में सैम ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा "मैंने जो कुछ भी कहा वो बतौर नागरिक था. बतौर नागरिक मुझे ये जानने का हक़ है कि आख़िर हुआ क्या. मुझे यही नहीं समझ आ रहा है कि इसमें विवादित क्या है. मैं इस बात से चकित हूं कि लोग इस तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

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