ममता- मोदी, पुलिस- सीबीआई के उलझने की कहानी

मोदी और ममता बनर्जी

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    • Author, प्रभाकर एम.
    • पदनाम, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

जगहः पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का केंद्र कहा जाने वाला धर्मतल्ला इलाक़ा.

धरने पर बैठी महिला का नामः ममता बनर्जी.

रविवार रात जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां धरने पर बैठीं तो 12 साल पुरानी यादें ताजा हो गईं. उस वक़्त विपक्ष में रहते तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी हुगली ज़िले के सिंगूर में टाटा की लखटकिया नैनो प्रोजेक्ट के लिए ली गई किसानों की जमीन लौटाने की मांग में 25 दिनों तक यहां भूख हड़ताल पर बैठी थीं.

अब वो मुख्यमंत्री के तौर पर कोलकाता पुलिस के आयुक्त राजीव कुमार से चिटफ़ंड घोटाले की जांच के सिलसिले में पूछताछ की सीबीआई की कोशिशों के विरोध में धरने पर बैठी हैं.

सोमवार को राज्य के विधानसभा में बजट पेश होना है. उससे पहले कैबिनेट की पारंपरिक बैठक भी अब धरनास्थल के पास बने एक कमरे में होगी. बजट पेश होने के दौरान भी ममता सदन में होने की बजाय धरने पर रहेंगी.

एक पुलिस अधिकारी के बचाव में इस तरह किसी मुख्यमंत्री के धरना देने की दूसरी कोई मिसाल नहीं मिलती. दूसरी तरफ रविवार शाम उस अधिकारी के घर से बाहर पुलिस के जवानों और वहां पहुंची सीबीआई के अधिकारियों के बीच जिस तरह कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई, उसकी भी दूसरी कोई मिसाल मुश्किल है.

ममता बनर्जी

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इमेज कैप्शन, धरने पर बैठीं ममता बनर्जी. उनके साथ सादे कपड़ों में कोलकाता पुलिसआयुक्त राजीव कुमार और दूसरे अधिकारी भी धरने पर हैं.

मोदी, शाह से लेकर डोभाल तक निशाना पर

अब इस मुद्दे पर केंद्र और बंगाल सरकार आमने-सामने हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चिटफ़ंड घोटाले की जांच तो बस एक बहाना है. अब ममता के निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं.

वैसे, ऐसे किसी टकराव की सुगबुगाहट तो लंबे अरसे से चल रही थी, लेकिन शनिवार को बंगाल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के हमलावर रवैये और उसके ठीक अगले दिन ही सीबीआई टीम का पुलिस आयुक्त के घर पहुंचते ही यह टकराव चरम पर पहुंच गया.

कोलकाता पुलिस के रवैए के विरोध में सीबीआई ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फ़ैसला किया है.

दूसरी तरफ़, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस गतिरोध के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को ज़िम्मेदार ठहराते हुए देश और संविधान बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं. तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को पूरे राज्य में विरोध जुलूस निकालने का भी फ़ैसला किया है.

कोलकाता

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इमेज कैप्शन, सारणी पुलिस स्टेशन पर मीडिया का जमावड़ा

कोलकाता पुलिस और सीबीआई भी आमने-सामने

सीबीआई के अधिकारियों ने शनिवार को कहा था कि पुलिस आयुक्त लापता हैं और बार-बार समन भेजने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है. एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा था कि उनकी तलाश की जा रही है.

लेकिन रविवार सुबह ममता ने अपने एक ट्वीट में भाजपा पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए राजीव कुमार को दुनिया के सबसे बेहतरीन अधिकारियों में से एक बताया था.

कोलकाता पुलिस की ओर से जारी एक बयान में भी सीबीआई के आरोपों को निराधार बताया गया था. रविवार शाम को ही पुलिस आयुक्त के घर के बाहर भारी तादाद में पुलिस के जवानों के अलावा कई अधिकारियों की तैनाती की गई थी.

शाम को सीबीआई टीम के वहां पहुंचने पर कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि वे पहले से बिना अनुमति के घर भी नहीं जा सकते. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई. फिर सीबीआई के अधिकारियों को जबरन कारों में भर कर थाने ले जाया गया. हालांकि लगभग तीन घंटे बाद उन सबको छोड़ दिया गया.

नरेंद्र मोदी, अमित शाह

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'मोदी ने कल ही धमकी दी थी और आज...'

पुलिस के तमाम बड़े अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पुलिस आयुक्त के घर पहुंची थीं. आला अधिकारियों के साथ लगभग एक घंटे बैठक के बाद वहां से बाहर निकलीं ममता ने पत्रकारों से बातचीत में इस घटना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को ज़िम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा, "चिटफ़ंड घोटाले की जांच मेरी सरकार ने शुरू की थी और कई ऐसी कंपनियों के मालिकों को गिरफ्त़ार किया था. सीबीआई साल 2013 से ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस घोटाले की जांच कर रही है. लेकिन चुनाव नजदीक आते ही केंद्र के इशारे पर यह जांच एजेंसी सक्रिय हो जाती है."

ममता का आरोप है कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संकट पैदा करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने बंगाल में कल की रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि इस पद पर बैठे किसी व्यक्ति को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती.

ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल ही धमकी दी थी और आज सीबीआई उसे पूरा करने के लिए सक्रिय हो गई. उन्होंने कहा कि बिना किसी सर्च वॉरंट या सबूत के पुलिस आयुक्त जैसे अधिकारी के घर पहुंचना बेहद शर्मनाक है. यही वजह है कि वो यहां पहुंची हैं. अपने किसी भी सरकारी अधिकारी की रक्षा करना उनकी संवैधानिक और नैतिक ज़िम्मेदारी है.

ममता बनर्जी

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अब आगे क्या होगा?

ममता ने सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का नाम लेते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के निर्देशों को अमली जामा पहनाने के लिए वही ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों को निर्देश दे रहे हैं.

इस बीच कोलकाता में सीबीआई के संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि कोलकाता पुलिस बीते दो साल से सीबीआई के कामकाज में बाधा पहुंचाने का प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि सीबीआई के अधिकारियों को बेवजह परेशान किया जाता है और कोलकाता पुलिस इस रवैए के ख़िलाफ़ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगी.

श्रीवास्तव ने कहा, "पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से हर हालत में पूछताछ की जाएगी. चिटफ़ंड घोटाले के कई सबूत और दस्तावेज गायब हैं या उन्हें नष्ट कर दिया गया है. इसी बारे में पूछताछ के लिए सीबीआई की टीम राजीव कुमार के घर गई थी."

ऑडियो कैप्शन, पश्चिम बंगाल में अभी कैसा माहौल है? ममता बनर्जी और सीबीआई की आगे की रणनीति क्या है?

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के बीच पैदा होने वाला टकराव के अभी और तेज़ होने की संभावना है.

राजनीतिक विश्लेषक सुकुमार घोष कहते हैं, "भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में से जिसको जहां मौका मिल रहा वो एक-दूसरे पर करारे हमले करने से नहीं चूक रहा है. पहले तृणमूल कांग्रेस ने अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की रैलियों की अनुमति नहीं दी. उसके बाद प्रधानमंत्री ने बंगाल सरकार के ख़िलाफ़ आक्रामक रवैए अपनाया."

घोष मानते हैं कि हमलों और जवाबी हमलों का यह सिलसिला अभी और तेज़ होगा. ममता बेमियादी धरने पर बैठी हैं और विपक्ष के कई नेताओं ने उनके समर्थन का एलान कर दिया है. ऐसे में मौजूदा गतिरोध के जल्दी दूर होने के आसार कम ही हैं.

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