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अमित शाह की पश्चिम बंगाल से ममता को 'चुनावी ललकार'
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर आलोचना की और उनकी पहल पर हो रही गठबंधन की कोशिशों का मखौल भी उड़ाया.
पश्चिम बंगाल के मालदा में रैली के दौरान अमित शाह ने कहा कि वे आज से भाजपा के चुनावी प्रचार का शंखनाद कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ''ये सरकार घुसपैठियों की सरकार है. बीजेपी सरकार बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए लोगों को नागरिकता बिल के तहत भारत की नागरिकता देगी, लेकिन इस बिल को ममता जी समर्थन नहीं देंगी क्योंकि उनको वोट बैंक की चिंता है. मैं कहता हूं नागरिकता बिल राज्य का सबसे अहम चुनावी मुद्दा होगा.''
ये चुनाव बटुकेश्वर दत्त, श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल दोबारा बनाने का चुनाव है. बंगाल की संस्कृति को बर्बाद करने वाली तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का चुनाव है.
हाल ही में अंडमान निकोबार में तीन टापुओं के नाम बदले के मोदी सरकार के फ़ैसले को बंगाल से जोड़ते हुए अमित शाह ने कहा, ''अंडबान और निकोबार में पहली बार सुभाष बाबू गए थे, वहां हमने उन्हें सम्मान दिया. ये लोग उन्हें भुलाने का प्रयास कर रहे हैं. सुभाष बाबू को अमर रखने के लिए हमने टापू का नाम बदला. ये फैसला बंगाल का सम्मान करने वाला फ़ैसला था.''
'घुसपैठियों और गोतस्करों का बंगाल'
''सिनेमा, कला या तकनीक सभी क्षेत्र में बंगाली लोगों का दबदबा रहता था. लेकिन अब बंगाल घुसपैठियों का और गोतस्करी करने वाला बंगाल बन चुका है.''
लंबे वक्त से लेफ़्ट शासन और ममता दीदी के शासन ने बंगाल को कहां पहुंचा दिया. पहले राज्य की उत्पादन क्षमता 27 फ़ीसदी थी जो अब 3.3 फ़ीसदी पर पहुंच गई है. बंगाल को कंगाल बनाने का काम ममता सरकार ने किया है.''
ममता सरकार पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ''बंगाल में दुर्गा विसर्जन की इज़ाजत नहीं हैं. बंगालवासी ये करने के लिए अब पाकिस्तान जाएंगे क्या? राज्य में सरस्वती पूजन के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं.
''ऐसा बंगाल चाहते हैं क्या आप लोग? ये विवेकानंद का बंगाल है ये श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल है, जिसे हमें वापस लाना होगा. बंगाल में गोतस्करी हो रही है. इसे रोका नहीं जा रहा. बीजेपी ऐसा नहीं होने देगी.''
बंगाल की जनता से वोट की अपील करते हुए शाह ने कहा, ''आप लोगों ने लेफ्ट को हटाया और टीएमसी आई. आज जनता कहती है लेफ्ट सरकार इससे अच्छी थी. लोकतंत्र को समाप्त करने का काम ममता सरकार ने किया है. आप ने कम्युनिस्टों को हटाया आप ही टीएमसी को हटा सकते हैं और कोई नहीं.''
'इसलिए नहीं मिली यात्रा की अनुमति'
''हमारे कार्यकर्ता बंगाल के घर-घर में जाने वाले थे, लेकिन उन लोगों ने इस यात्रा की इज़ाजत नहीं दी. उन्हें डर था कि उनकी सरकार की अंतिम यात्रा ना निकल जाए लेकिन, आप बंगाल की जनता के दिल से बीजेपी के लिए प्यार खत्म नहीं कर सकते. कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई 1300 लोगों पर हमले किए गए.
''टीएमसी वालों ये ग़लती दोबारा ना करना यहां हमारे कार्यकर्ता ईंट से ईंट बजा देंगे. ये चुनाव सेंट्रल मिलिट्री के संरक्षण में होगा. क्या आप नहीं चाहते राज्य में ममता दीदी की पार्टी की गुंडागर्दी ख़त्म हो.''
''रविवार को ममता बनर्जी सहित विपक्ष की यूनाइटेड इंडिया रैली पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, ''ममता जी ने इतनी बड़ी रैली ब्रिगेड परेड मैदान में की लेकिन किसी ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे तक नहीं लगाए. इन लोगों को तो मोदी के अलावा कुछ दिखता ही नहीं.
''यूपीए वालों को ममता दीदी ने रैली में बुलाया. जरा बताएं बंगाल को उन्होंने कितना दिया. मैं बताता हूं महज एक लाख 32 हजार करोड़ की मदद दी थी.''
ममता सरकार पर विरोधी सिंडिकेट राज स्थापित करने का आरोप लगाते हैं. अमित शाह ने इसका ज़िक्र करते हुए कहा, ''अगर मकान बनाना है तो सीमेंट चाहिए या नहीं. ये सरकार उन्हें भी लूट रही है जो मकान बनवाना चाहते हैं.
''गुजरात में सिंडिकेट टैक्स नहीं लगता लेकिन यहां लगता है, किसके पास जाता है ये पैसा? हमारी सरकार आएगी तो सिडिंकेट टैक्स नहीं देना होगा.''
''उनके खुद के एमपी को सिडिंकेट टैक्स के लिए धरना देना पड़ा था. ऐसी निकम्मी सरकार को उखाड़ के फेंक दो. राज्य में बम की फैक्ट्रियां पकड़ी जाती हैं. राज्य में बम और हत्या की फ़ैक्ट्री पुरजोर चालू है. इसे इसबार रोकना होगा.''
क्या कहते हैं बंगाल में चुनावी आंकड़े?
साल 2014 में हुए लोकसभा में बंगाल के राजनीतिक गणित को देखें तो..
- तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की 42 सीटों में से 34 सीटों पर जीत हासिल की थी.
- बीजेपी के खाते में दो सीटें आई थीं
- कांग्रेस को चार और लेफ़्ट को दो सीटें मिली थीं.
- बीजेपी को राज्य में 17 फ़ीसदी वोट शेयर मिला था जो साल 2011 के आम चुनाव में महज़ 4 फ़ीसदी ही था.
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