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राजस्थान: अशोक गहलोत सीएम, सचिन पायलट बनेंगे उपमुख्यमंत्री
राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को घोषित हुए और उसी दिन से इंतज़ार था कि कांग्रेस सरकार की अगुवाई के लिए किसे चुनेगी.
रेस में दो नाम थे. दो बार मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट. आखिरकार कांग्रेस ने युवा पायलट के मुक़ाबले अनुभवी गहलोत को वरीयता दी.
कांग्रेस के पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार शाम चार बजे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का फ़ैसला सुनाया. उन्होंने बताया कि गहलोत को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया है. पायलट प्रदेश के डिप्टी सीएम होंगे.
कांग्रेस ने राजस्थान की नई टीम के कप्तान का नाम तय कर लिया है, ये पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले उस वक़्त साफ़ हो गया था जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर अपने साथ अशोक गहलोत और सचिन पायलट की तस्वीर शेयर की.
इस तस्वीर के साथ राहुल गांधी ने लिखा, 'यूनाइटेड कलर्स ऑफ राजस्थान' यानी राजस्थान की एकजुटता के रंग.
हालांकि, राहुल गांधी ने जिस एकजुटता की बात ट्विटर पर की वो बीते तीन दिन में कई बार बिखरती दिखी. दोनों खेमों की ओर से लगातार शक्ति प्रदर्शन होता रहा. दोनों के समर्थक भी सड़क पर आमने सामने दिखे.
नए मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गहलोत और पायलट के अलावा सीनियर नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत करनी पड़ी. इन बैठकों में पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हुईं.
राजस्थान में नए नेता का चुनाव इस कदर जटिल हो गया कि मध्य प्रदेश के चुनाव नतीजों की तस्वीर बाद में साफ़ होने के बाद भी वहां मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान पहले हो गया.
पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे अशोक गहलोत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आभार जताया.
अपने नाम के ऐलान के बाद गहलौत ने कहा, "मैं राहुल गांधी जी और अपने तमाम विधायकों का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे एक बार फिर राजस्थान की सेवा करने का मौका दिया. मैं बस ये कहना चाहूंगा कि हम चुनाव प्रचार के दौरान जिन मुद्दों को लेकर चले थे, राहुल गांधी ने जिस तरह किसानों, युवाओं, और बीते पांच साल के कुशासन पर बात की, हम उन्हें लेकर काम करेंगे. उन्होंने कहा है कि किसानों के कर्जे माफ होंगे, युवाओं को रोजगार मिलेगा, जन समस्याओं की सुनवाई होगी. मैं अभी बस ये कहना चाहूंगा कि मैं और मेरे साथी सचिन पायलट जी, राहुल गांधी जी की भावना के अनुरूप राजस्थान में सुशासन देंगे."
राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री बनने जा रहे सचिन पायलट को इस वजह से मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था क्योंकि वो एक लंबे समय से राजस्थान में रह कर कांग्रेस के समर्थन में माहौल बनाने में लगे हुए थे.
इस घोषणा के बाद सचिन पायलट ने जो प्रतिक्रिया दी और उस वक़्त उनके हाव भाव जिस तरह के थे, उसे लेकर कई विश्लेषक अलग-अलग आकलन कर रहे हैं.
पायलट ने अपनी बात रखते हुए सबसे पहले कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि हम सब इसी कमरे में बैठे थे और किसको मालूम था कि दो दो करोड़पति बन जाएंगे. लेकिन मैं सबसे पहले धन्यवाद देना चाहता हूं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विधायक दल के सभी सदस्यों का जिन्होंने अशोक गहलोत जी को मुख्यमंत्री बनाया. मैं उनको बहुत मुबारकबाद देना चाहता हूं."
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कितना मुश्किल था चुनाव करना?
बीती 11 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर एक साल का कार्यकाल पूरा करने वाले राहुल गांधी के लिए जितनी बड़ी चुनौती राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पार्टी को जीत दिलाने की थी, उससे कम बड़ी चुनौती नए मुख्यमंत्रियों के चयन की नहीं थी.
मध्यप्रदेश में कमलनाथ के साथ-साथ सिंधिया घराने से संबंध रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे थे.
राहुल गांधी ने आख़िरकार मुख्यमंत्री पद की कमान अनुभवी कांग्रेसी नेता कमलनाथ के हाथों में सौंप दी.
हालांकि, राजस्थान में राहुल गांधी के लिए मुख्यमंत्री चुनना एक ज़्यादा जटिल था. सचिन पायलट को एक लंबे समय से मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था.
राजस्थान में 199 विधानसभा सीटें हैं जिनमें से कांग्रेस ने 99 सीटें हासिल कीं.
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