अमृतसर: निरंकारी भवन पर हमला, तीन की मौत

धमाके के बाद मौक़े पर पहुंचे पुलिस अधिकारी

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

इमेज कैप्शन, धमाके के बाद मौक़े पर पहुंचे पुलिस अधिकारी

पंजाब पुलिस के मुताबिक रविवार को अमृतसर के पास एक निरंकारी भवन पर हुए एक हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि 19 घायल हैं.

अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है.

अमृतसर सीमा रेंज के आईजी सुरिंदर पाल परमार ने बीबीसी के सहयोगी रविंदर सिंह रोबिन को बताया है कि ये एक ग्रेनेड हमला हो सकता है.

चश्मदीदों ने बताया है कि दो युवक निरंकारी भवन के पास पहुंचे और उन्होंने वहां गेट पर खड़ी एक लड़की को पिस्टल दिखाई और विस्फोटक सामग्री फेंक दी.

बताया जा रहा है कि दोनों अज्ञात हमलावर बाइक पर सवार थे.

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN/BBC

निरंकारी भवन में हर रविवार सतसंग होता है, धमाके के वक्त भी सतसंग चल रहा था जिस वजह से मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

एक चश्मदीद ने बीबीसी को बताया, "दोनों ही हमलावर पंजाबी बोल रहे थे. उन्होंने मुंह और सर पर कपड़ा बांधा हुआ था. उन्होंने हमला करने के दौरान किसी तरह का कोई नारा नहीं लगाया."

पुलिस ने कहा है कि वे इस धमाके की जांच कर रहे हैं और फ़िलहाल इसे चरमपंथी हमले से जोड़ना जल्दबाज़ी होगी.

निरंकारी भवन

इमेज स्रोत, Rabinder Singh Robin/BBC

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पंजाब में पहले से ही अलर्ट घोषित किया गया था क्योंकि ऐसी खबरें थीं कि चरमपंथी समूह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 5 या 6 लोग पंजाब के फ़िरोज़पुर इलाके़ में हो सकते हैं.

वहीं अमृतसर के ज़िलाधिकारी कुलदीप सिंह रंधावा ने कहा, "अभी ये नहीं कहा जा सकता है कि कौन इसके पीछे है. अभी तक की जांच से सीमापार से किसी का हाथ होने की बात सामने नहीं आई है. विस्तृत जांच के बाद ही कुछ ठोस आधार पर कहा जा सकता है."

पहले से मिले इंटेलिजेंस इनपुट के सवाल पर रंधावा ने कहा, "जो इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे वो इससे अलग तरह के थे."

अकाली दल के नेता विरसा सिंह वल्तोहा ने कहा कि यह हमला दिखाता है कि राज्य में हाई अलर्ट होने के बावजूद सरकार गंभीर नहीं है और इस तरह के धमाके हो रहे हैं.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, "अमतृसर के निरंकारी भवन में धमाके की में कड़ी निंदा करता हूं. गृह सचिव, पंजाब पुलिस के डीजीपी, डीजीपी इंटेलिजेंस और डीजीपी क़ानून व्यवस्था को तुरंत मौक़े पर जाने के लिए कहा गया है."

अमरिंदर सिंह ने मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान भी किया है.

कौन हैं निरंकारी

संत निरंकारी भवन

इमेज स्रोत, Rabinder Singh Robin

संत निरंकारी मिशन एक आध्यात्मिक संस्था है जिसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है. संत निरंकारी मिशन ख़ुद को न तो कोई नया धर्म मानते हैं और न ही किसी मौजूदा धर्म का हिस्सा, बल्कि वे ख़ुद को मानव कल्याण के लिए समर्पित एक आध्यात्मिक आंदोलन के तौर पर देखते हैं.

इस मिशन की नींव निरंकारी आंदोलन से पड़ी जिसकी शुरुआत बाबा दयाल सिंह ने की थी, लेकिन वे बहुत लंबे समय तक इससे जुड़े नहीं रहे.

1929 में इसकी स्थापना बाबा दयाल सिंह ने की. रुढ़िवादी सिख समुदायों ने इसका भरपूर विरोध किया.

ये भी पढ़ेंः

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)