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आदमखोर बाघिन का कैसे किया गया शिकार?
महाराष्ट्र के यवतमाल में अधिकारियों का कहना है कि कथित तौर पर 13 लोगों को मारने वाली बाघिन को शुक्रवार को मार दिया गया.
दो साल से इस छह वर्षीय बाघिन की महाराष्ट्र के जंगलों में तलाश की जा रही था.
पिछले महीने वन्यजीव अधिकारियों ने जंगल में ऐसी गंध का इस्तेमाल किया था जिससे उसे आकर्षित किया जा सके.
वन्य जीव कार्यकर्ताओं ने बाघिन को बचाने का अभियान चलाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि अगर फ़ॉरेस्ट रेंजर्स को गोली मारने पर मजबूर होना पड़ा तो वह इसमें कोई दख़ल नहीं देगा.
वन विभाग के बयान के अनुसार, गांव वालों ने टी-1 नामक बाघिन को देखा तो उसने वन विभाग को सूचित किया. इसके बाद उनकी टीम की गाड़ी उस जगह पहुंची. इस गाड़ी पर ट्रैंक्विलाइज़र गन और बंदूक़ थी.
शुक्रवार शाम को पेट्रोलिंग टीम बोराती गांव के नज़दीक पहुंची.
एक गोली से किया शिकार
इसी दौरान इस टीम को बाघिन की आहट मिली और उसने ट्रैंक्विलाइज़र का तीर उसकी ओर छोड़ा. बयान के अनुसार, तीर लगने के बाद आठ से 10 मीटर की दूरी से एक शॉट में बाघिन को मार डाला गया.
इस बाघिन का अब पोस्टमॉर्टम किया जाएगा.
यवतमाल ज़िले के पांढरकवडा में इस साल अगस्त में बाघिन और इसके दो नौ महीने के शावकों ने तीन लोगों को मार दिया था. इसके बाद इलाक़े के पांच हज़ार लोगों में ख़ौफ़ का माहौल था.
इस दौरान किसान और चरवाहे दिन में ही खेतों और जंगलों से लौट आते थे. काम करने के लिए लोग समूहों में निकलते थे और खुले में शौच नहीं जाते थे.
बाघिन के शिकार के लिए 100 से अधिक कैमरों का सहारा लिया गया. इसके लिए पेड़ पर नकली घोड़े और बकरियों को बांधा गया जिस पर कैमरे लगे हुए थे. साथ ही पेड़ों और पेट्रोलिंग गाड़ियों से नज़र रखी जा रही थी.
लार के डीएनए से पता चला
बाघिन को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अमरीका में प्रयोग के बाद सिवेटोन नामक रासायन का इस्तेमाल किया गया. इस रासायन का उपयोग तेंदुओं को आकर्षित करने के लिए किया जा सकता है.
अगस्त में तीन लोगों को मारने के अलावा ऐसा विश्वास किया जाता है कि 2016 तक टी-1 ने 20 महीनों में 10 लोगों को मारा था.
13 में से सात पीड़ितों के घाव से लिए गए लार का जब डीएनए टेस्ट किया गया तो इसमें यह पुष्टि हुई कि पांच लोगों को बाघिन ने मारा था.
शिकार किए गए बहुत से शवों के सिर धड़ से अलग थे. ऐसा लगता है कि उसे इंसानी मांस पसंद था और सिर्फ़ एक पीड़ित की टांग टूटी हुई थी.
भारत में इस समय 2,200 से अधिक बाघ हैं और भारत में विश्व के 60 फ़ीसदी बाघ हैं. महाराष्ट्र में 200 से अधिक बाघ हैं लेकिन इसमें एक तिहाई ही राज्य के 60 फ़ीसदी संरक्षित क्षेत्र में रहते हैं. इनमें अभ्यारण्य, राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिज़र्व शामिल हैं.
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