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बाघ उसे पसंद था, उसी ने ले ली जान
जानवरों का रख रखाव उन्हें पसंद था, लेकिन उन्हें नहीं पता था ये काम ही कभी जानलेवा साबित होगा.
ब्रिटेन में हंटिंगटन के पास स्थित हैमर्टन ज़ू पार्क में 34 साल की कर्मचारी रोज़ा किंग, सोमवार को एक बाघ के हमले में मारी गईं.
रोज़ा किंग की मां कहती हैं, "उसे यही काम पसंद था."
ये हादसा तब हुआ जब एक बाघ उस बाड़े में घुस आया, जिसमें रोज़ा मौजूद थीं.
पुलिस का कहना है कि रोज़ा किंग को जिस बाघ ने मारा, उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
चिड़ियाघर प्रशासन ने रोज़ा की मौत को एक अप्रत्याशित हादसा बताया है. पुलिस भी इसे संदिग्ध नहीं मान रही है.
'उसे चीते सबसे ज़्यादा पसंद थे'
रोज़ा के दोस्त गैरी चिज़म के मुताबिक, "वह इस वाइल्ड लाइफ़ पार्क का केंद्र और चमकती रोशनी थी."
वह कहते हैं, "वो हेमर्टन ज़ू की एक कर्मचारी ही नहीं थीं. वो ख़ुद हेमर्टन ज़ू थी. बेशक उसे चीते सबसे ज़्यादा पसंद थे."
प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी को बताया कि जब बाघ ने हमला किया तो उन्होंने चीख सुनी थी और उसके बाद कई कर्मचारी बाड़े की तरफ दौड़े.
उनके मुताबिक, बाघ का ध्यान बंटाने के लिए कर्मचारियों ने मीट के टुकड़े भी फेंके थे. ये सब कुछ 10-15 मिनट तक चला.
इस ज़ू में बंगाल टाइगर और अन्य एशियाई बाघ रखे गए हैं.
वन्यजीवों के जानकार स्टीव बैकशॉल कहते हैं कि शेरों के उलट, बाघ अकेले रहना पसंद करते हैं. जंगलों में उनके पास बड़ा क्षेत्र होता है और वे दूसरे बाघों के संपर्क में बहुत कम आते हैं.
'जबकि चिड़ियाघरों में उन्हें बहुत छोटे एरिया में रखा जाता है और बेशक यह तनाव बढ़ाने वाली स्थिति है.'
हेमर्टन ज़ू पार्क ने एक बयान में कहा है, 'यह अप्रत्याशित घटना है. घटना के दौरान कोई भी जानवर अपने बाड़े से नहीं भागा और किसी तरह से लोगों की सुरक्षा ख़तरे में नहीं आई.'
पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आने वाली है और चिड़ियाघर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.
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