केरल नन केस: पादरी की मौत, पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज़?

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- Author, इमरान कुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
केरल में नन के कथित रेप के मामले में बिशप फ़्रैंको मुलक्कल के ख़िलाफ़ मुख्य गवाह फ़ादर कुरियाकोस कट्टूथारा का शव सोमवार को संदिग्ध हालत में उनके जालंधर स्थित घर से मिला. इस मौत से कई सवाल खड़े हो गए हैं जिनके जवाब मंगलवार को फ़ादर कुरियाकोस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेंगे.
फ़ादर कुरियाकोस को रविवार की दोपहर के बाद से जालंधर स्थित ट्रिनिटी कॉलेज के कैंपस में उन्हें नहीं देखा गया था. इसी कैंपस के क्वार्टर में वो रहते थे.
जालंधर के डीएसपी एआर शर्मा के मुताबिक 61 वर्षीय कुरियाकोस के शव के साथ कुछ ब्लड प्रेशर की गोलियां भी बरामद हुई हैं.
उन्होंने कहा, '' मौत से पहले उन्हें ख़ून की उल्टियां हुई थीं और शव के पास ब्लड प्रेशर की गोलियां पड़ी मिली है. उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं. लेकिन जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती हम कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं होंगे.''
फ़ादर कुरियाकोस के छोटे भाई जोस कुरियन ने बताया, '' वह कार्डियक और डायबिटीज़ की दवाएं ले रहे थे. लेकिन उनका स्वास्थ्य इतना ख़राब कतई नहीं था कि उनकी अचानक मौत हो जाए.''

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जोस कुरियन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है, ''फ़ादर कुरियाकोस को पहले से डर था और उन्होंने पहले ही बताया था कि उनके साथ कुछ बुरा हो सकता है. उन्हें बिशप के गुंडे धमकियां दे रहे थे और उनकी जान को पहले से ही ख़तरा था.''
जोस कुरियन ने कहा, ''जैसा कि सबको पता है मेरे भाई ने जांच एजेंसियों को बिशप फ़्रैंकों के खिलाफ़ गवाही दी थी. ऐसा करने के बाद उन्हें बिशप क एक नज़दीकी शख़्स उन्हें धमकियां दे रहा था. इतना ही नहीं उसने डराने के इरादे से फ़ादर कुरियाकोस की कार को भी नुकसान पहुंचाया था. ''
जोस का आरोप है कि गवाह को डराने के लिए बिशप ने कई कोशिशें की.

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केरल में रेप का शिकार हुई नन के समर्थन में आंदोलन करने वाले फ़ादर अगस्टिन वट्टोली ने बीबीसी से कहा, '' हम ये तो नहीं कह सकते कि फ़ादर कुरियाकोस की मौत एक सामान्य मौत है. वो बिशप फ़्रैंको के ख़िलाफ़ मुख्य गवाह थे. वह बिशप फ़्रैंको के साथ काम कर चुके हैं ऐसे में वह उन्हें काफ़ी बेहतर तरीके से जानते थे.''
क्या है ये मामला?
साल 2014 से 2016 के बीच बिशप फ़्रैंको मुलक्कल पर एक नन का कई बार यौन शोषण करने का आरोप है. केरल में ननों के एक समूह ने इस मामले पर पुलिस की निष्क्रियता के ख़िलाफ़ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किए जिसके बाद इस मामले में फ़्रैंको मुलक्कल की गिरफ़्तारी हुई. 17 अक्टूबर को बिशप फ़्रैंको को इस मामले में ज़मानत मिल गई और वे ज़मानत पर रिहा हैं.
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