प्रेस रिव्यू: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से रफ़ाल डील पर मांगी जानकारी

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे के फ़ैसले की प्रक्रिया का विवरण मांगा है और एक सील बंद लिफ़ाफे में 29 अक्तूबर तक कोर्ट को सौंपने को कहा है.
मामले की अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'हम रफ़ाल की प्रक्रिया इसलिए पूछ रहे हैं ताकि हम ख़ुद को संतुष्ट कर सकें, केंद्र को हम नोटिस जारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्रक्रिया का विवरण मांग रहे हैं'.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें रफ़ाल सौदे पर रोक लगाने की मांग की गई है.

दागी उम्मीदवारों को अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि का देना होगा विज्ञापन
चुनाव आयोग ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक उम्मीदवारों के लिये संशोधित हलफ़नामे का प्रारूप जारी कर दिया है.
बिज़नेस स्टैंडर्ड की ख़बर के मुताबिक़ संशोधित हलफ़नामे में सभी उम्मीदवारों को हलफ़नामे के साथ दो नये फ़ॉर्म भरकर देने होंगे.
इसमें उम्मीदवार को बताना होगा कि उसके ख़िलाफ़ लंबित आपराधिक मामलों की विभिन्न मीडिया माध्यमों से उसने जानकारी सार्वजनिक कर दी है.
उसे मीडिया विज्ञापन के ज़रिए बताना होगा कि उसके ख़िलाफ़ कितने आपराधिक मामले लंबित हैं और किन मामलों में उसे दोषी ठहराया गया है.

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'हर पांच में से दो महिलाएं यौन हिंसा के बारे में किसी को नहीं बतातीं'
टाइम्स ऑफ इंडिया में नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे-4 के आधार पर बताया गया है कि हर पांच में से दो महिलाएं अपने साथ हुई यौन हिंसा का ज़िक्र किसी से नहीं करती हैं.
रिपोर्ट करने वाली हर चार में से एक महिला की उम्र 15 से 19 साल होती है.
2015-16 के इस सर्वे में बताया गया है कि इसके पिछले साल 4 लाख से ज़्यादा किशोरियों के साथ यौन हिंसा हुई और सिर्फ़ 0.1 फ़ीसदी लड़कियां ही पुलिस में रिपोर्ट कर पाईं.
सर्वे के मुताबिक 15-19 साल की लड़कियों के साथ हिंसा करने वाले ज़्यादातर लोग उनके परिवार से होते हैं.

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जगन्नाथ मंदिर में जूते पहनकर और हथियार लेकर नहीं जा सकते पुलिसकर्मी
सुप्रीम कोर्ट ने तीन अक्तूबर को पुरी के जगन्नाथ मंदिर में हुई हिंसा पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि किसी भी पुलिसकर्मी को हथियार लेकर और जूते पहनकर मंदिर में प्रवेश नहीं करना चाहिए.
द हिंदू अख़बार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए कतार लगाकर दर्शन करने की व्यवस्था लागू करने के दौरान हिंसा पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही.
हिंसा के दौरान मंदिर प्रशासन के कार्यालय पर हमला कर उसमें तोड़फोड़ की गई थी, जो कि मुख्य मंदिर से क़रीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. ओडिशा सरकार ने कोर्ट को बताया कि हिंसा के सिलसिले में 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वहां स्थिति नियंत्रण में है.
हालांकि, मामले में हस्तक्षेप की मांग करने वाले संगठन की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि हिंसा के दौरान पुलिसकर्मी हथियारों के साथ जूते पहनकर मंदिर में घुसे थे.
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