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कश्मीर में सौतेली मां पर नौ साल की बच्ची का गैंगरेप करवाने का आरोप
- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर के बारामुला ज़िले में नौ साल की बच्ची के साथ ज़्यादती का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है.
पुलिस ने बच्ची के अपहरण, गैंगरेप और हत्या के मामले में एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है.
पीड़िता अभियुक्त महिला की सौतेली बेटी थी. आरोप है कि महिला ने बदला लेने के लिए अपने बेटे और उसके दोस्तों से बच्ची का बलात्कार और हत्या करवाई.
पुलिस के मुताबिक बच्ची की सौतेली मां ने अपने 14 साल के बेटे और अन्य तीन से बच्ची का रेप करवाया. रेप के वक्त वो खुद भी वहां मौजूद थी.
बच्ची की लाश रविवार को जंगलों में पड़ी मिली. बच्ची के शव के साथ बर्बरता की गई थी और उसके चेहरे को एसिड से जला दिया गया था.
पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "कई संदिग्धों से पूछताछ के बाद आखिर में महिला, उसके बेटे को चार साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया."
सौतेली मां ने ऐसा क्यों किया?
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक बारामुला में उरी के रहने वाले मुश्ताक अहमद ने 2003 में एक स्थानीय महिला फहमीदा से शादी की थी. दोनों का एक बेटा हुआ. लेकिन 2008 में मुश्ताक ने झारखंड की खुशबू से शादी कर ली. खुशबू ने एक बेटी को जन्म दिया.
फहमीदा ने पुलिस को बताया कि मुश्ताक अपनी दूसरी पत्नी के साथ ज़्यादा वक्त बिताते थे और खुशबू की बेटी से बहुत प्यार करते थे. फहमीदा इससे नाराज़ थी और इस बात को लेकर अक्सर घर में विवाद होता था.
लेकिन इस बार फहमीदा ने मुश्ताक से बदला लेने के लिए एक साजिश रची. पुलिस ने बताया, "महिला उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद थी, जब कम से कम पांच लोगों ने बच्ची का बलात्कार किया. बलात्कार करने वालों में महिला का बेटा भी शामिल है. बलात्कार के बाद बच्ची के चेहरे पर तेज़ाब डाला गया और उसे जंगलों में फेंक दिया गया."
पुलिस ने बीबीसी को बताया कि बच्ची पिछले 10 दिनों से लापता थी.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन ने बताया कि गैंगरेप के बाद बच्ची को कुल्हाड़ी से मार दिया गया. 19 साल के एक लड़के ने एक "नुकीले चाकू से उसकी आंखें बाहर निकाल दी और उसके शरीर पर तेज़ाब डाल दिया."
साल 2012 के दौरान दिल्ली में हुए गैंगरेप के बाद यौन हिंसा के मामलों से सख्ती से निपटा जा रहा है. दिल्ली में 23 साल की एक युवती के साथ चलती बस में बलात्कार हुआ था.
घटना के बाद कई दिनों तक प्रदर्शन होते रहे, जिसके दबाव में आकर बलात्कार के कानूनों को सख्त बनाया गया. कानून में मौत की सज़ा का प्रावधान भी शामिल किया गया.
इन कदमों के बावजूद देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की कई खबरें आई हैं.
साल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के कठुआ में भी आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था, जिसे लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए थे.
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