ब्लॉग: गर्लफ़्रेंड से माफ़ी कैसे मांगी जाए?

गर्लफ्रैंड

इमेज स्रोत, PRADIP LOKHANDE/BBC

    • Author, दिव्या आर्य
    • पदनाम, संवाददाता, दिल्ली

सर्च इंजन गूगल से पूछें कि 'गर्लफ़्रेंड से माफ़ी कैसे मांगनी चाहिए', तो साढ़े तीन करोड़ से ज़्यादा जवाब मिलते हैं.

मिसाल के तौर पर, सबसे पहले माफ़ी मांगने की सच्ची नीयत रखें, फिर अपने बर्ताव को स्पष्ट करें, गर्लफ़्रेंड की बात सुनें, मसला सुलझाने के लिए वक्त दें, तोहफ़ा लाएं, चिट्ठी लिखें वगैरह.

जब महाराष्ट्र में रहनेवाले एक युवक ने अपने शहर में 300 होर्डिंग लगाकर अपनी गर्लफ़्रेंड से माफ़ी मांगी, तब ना जाने उन्होंने उन जवाबों में से किसी को पढ़ा था या नहीं.

महाराष्ट्र में पुणे के पास पिंपरी-चिंचवाड़ में 25 साल के एक युवक ने 'शिवड़े, आई एम सॉरी' लिखकर ये होर्डिंग लगा दी.

माफ़ी जिसने दिलाई शोहरत

उस युवक को ये ख़्याल क्यों और कैसे आया कि सार्वजनिक जगहों पर 'आई एम सॉरी' छापने से उनकी बात उनकी गर्लफ़्रेंड के दिल तक पहुंच जाएगी.

और ये ख़्याल क्यों नहीं आया कि माफ़ीनामे में गर्लफ़्रेंड का नाम या उपनाम- शिवड़े- लिखने से, यानी उस लड़की की पहचान ज़ाहिर करने से उसे कोई परेशानी तो नहीं होगी.

गर्लफ्रैंड

इमेज स्रोत, PRADIP LOKHANDE/BBC

युवक का कारनामा ही ऐसा था कि अख़बारों में फ़ोटो छप गई और जिन्होंने होर्डिंग नहीं भी देखी थी, जो उस शहर या राज्य के बाशिंदे भी नहीं थे, देशभर में उन्हें भी इसकी ख़बर हो गई.

अब जिस इलाके में वो लड़की रहती है वहां की पुलिस उस युवक से पूछताछ कर रही है.

उस लड़की ने लड़के को माफ़ किया या नहीं ये हम नहीं जानते पर माफ़ी के तरीके पर बहस ज़रूर छिड़ गई है.

जब क्रिस ब्राउन ने रिहाना से मांगी माफ़ी

ये सार्वजनिक तौर पर मांगी गई ना पहली माफ़ी है ना ही आख़िरी. कुछ सेलिब्रिटी भी ये रास्ता अपना चुके हैं.

रिहाना

इमेज स्रोत, Getty Images

मशहूर गायिका रिहाना के बॉयफ़्रेंड क्रिस ब्राउन ने भी सार्वजनिक माफ़ी का रास्ता अपनाया था.

साल 2009 में क्रिस ब्राउन ने रिहाना को ख़ूब पीटा था जिसके बाद उन पर घरेलू हिंसा का मुकदमा चला.

कुछ महीने बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर माफ़ी मांगी और कहा कि वो पहले भी माफ़ी मांगना चाहते थे पर व़कील ने मुकदमे का हवाला देकर रोक दिया.

वीडियो में उन्होंने कहा कि वो रिहाना से कई बार निजी तौर पर माफ़ी मांग चुके हैं पर वो नहीं मानी, इसलिए अब वो सार्वजनिक तौर पर ये कह रहे हैं कि वो शर्मिंदा हैं और वो एक रोल मॉडल बनना चाहते हैं, इसलिए ऐसा फिर कभी नहीं करेंगे.

माफ़ी अपने केस के लिए मांगी जा रही थी, रोल मॉडल बनने के लिए या रिहाना का दिल जीतने के लिए? नीयत क्या थी?

क्रिस ब्राउन को माफ़ी नहीं मिली, ना रिहाना से और ना क़ानूनी तौर पर. उन्हें घरेलू हिंसा के लिए दोषी पाया गया और सज़ा दी गई.

शिग्गी डांस से माफ़ी

इसी महीने सोशल नेटवर्किंग साइट्स इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 'शिग्गी डांस' से लाखों फ़ॉलोअर्स जुटा चुके शिग्गी ने भी अपनी गर्लफ़्रेंड से सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगी.

शिग्गी डांस

इमेज स्रोत, DRAKE / YOUTUBE

एक वीडियो पोस्ट कर शिग्गी ने और लड़कियों के साथ रिश्ते बनाने के लिए माफ़ी मांगी और कहा कि ऐसा करने से वो अपनी गर्लफ़्रेंड को नीचा दिखा रहे थे और अब वो रोल मॉडल बनना चाहते हैं इसलिए शर्मिंदा हैं.

शिग्गी की ये माफ़ी गर्लफ़्रेंड का दिल क्या जीतती, सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर उनके अपने फ़ैन्स ही उनकी आलोचना करने लगे.

कई ट्वीट किए गए जिसमें कहा गया कि शिग्गी की माफ़ी दिखाती है कि वो कैसे बर्ताव को मर्दानगी मानते हैं और औरतों को किस नज़रिए से देखते हैं.

सेलिब्रिटी जब सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगते हैं तो उसका मक़सद अक़्सर व्यक्ति से नहीं बल्कि फ़ैन्स के बीच अपनी छवि ठीक करना होता है पर अगर नीयत सही नहीं हो तो वो भी भांप जाते हैं.

अब संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन या किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध ने गर्लफ़्रेंड से माफ़ी मांगने के कोई मानक तो तय किए नहीं हैं.

पर अगर कोई बात ना करना चाहे तो भी करने की कोशिश करना, ज़बरदस्ती ना को हां करवाना, 'स्टॉकिंग' जैसा महसूस हो सकता है.

मुनादी से नहीं मिलती मोहब्बत और माफ़ी

दबाव लग सकता है कि माफ़ी नहीं दी तो दुनिया के सामने बेरहम माने जाएंगे.

गर्लफ्रैंड

इमेज स्रोत, Getty Images

ऐसे माफ़ी मिल भी जाए तो ना वो दिल से दी गई होगी ना दिल मिलाने का काम करेगी.

मोहब्बत और माफ़ी, मुनादी से नहीं मिलती. मांगने का सलीका और तरीका दोनों सही नीयत का ही मोहताज होता है.

अपनी ग़लती मानने की नीयत और खुले दिमाग़ से दूसरे की सुनने की नीयत.

फिर जवाब का इंतज़ार करने की और अगर वो 'ना' हो तो वो सुनकर उसे समझने की नीयत.

और अगर वो 'हां' हो तो अपनी माफ़ी को सचमुच निभाने की नीयत. क्योंकि 'आई एम सॉरी' कहना आख़िरी नहीं सिर्फ़ पहला क़दम है, उसके बाद उस ग़लती को ना दोहराने की दिल से की गई कोशिश, माफ़ी की नीयत की सच्ची परख़ है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)