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बच्चों की ज़िद से मजबूर हुई सरकार, रोका टीचर का तबादला
- Author, प्रमिला कृष्णन
- पदनाम, बीबीसी तमिल संवाददाता
अपने शिक्षक को स्कूल से न जाने देने के लिए तमिलनाडु में बच्चों ने ऐसी ज़िद पकड़ी कि सरकार को भी अपने फ़ैसले पर रोक लगानी पड़ी.
यहां गुरु और शिष्य के रिश्ते की मज़बूती की एक बड़ी मिसाल सामने आई. राज्य के एक स्कूल के बच्चे अपने टीचर के ट्रांसफ़र का विरोध करने लगे और सरकार से उनके टीचर को न ले जाने की अपील करने लगे.
बच्चों के शिक्षक भगवान थोड़े ही समय में सोशल मीडिया पर सनसनी बन गए. अपने शिक्षक का ट्रांसफ़र रोकने के लिए बच्चों के रोने और गुहार लगाने का वीडियो व्हाट्सऐप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर वायरल होने लगा.
बच्चों की इस गुहार को सुनकर तमिलनाडु सरकार को शिक्षक का ट्रांसफ़र कुछ दिनों के लिए टालना पड़ा ताकि बच्चों को शांत किया जा सके.
बच्चों की जिद्द ने हैरान किया
भगवान तिरुवल्लूर ज़िले के वेलियाग्राम स्कूल में अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं. जब उनके ट्रांसफ़र पर स्कूल के बच्चे उन्हें घेरकर रोने लगे और छोड़कर न जाने का अनुरोध करने लगे तो वो बहुत हैरान हो गए.
उस वक्त को याद करते हुए भगवान बताते हैं, ''मुझे इसका बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि बच्चों पर मेरा इतना प्रभाव पड़ा है. मुझे महसूस हुआ कि मैंने पढ़ाने के अलावा भी उनके दिलों को छुआ है. वो मेरे हाथ, मेरे पैर पकड़ रहे थे और न जाने की ज़िद कर रहे थे. मैं उन्हें नहीं छोड़ सका.''
आखिर उन्होंने बच्चों पर ऐसा क्या जादू कर दिया कि वो उनके तबादले के विरोध में खड़े हो गए. इस पर भगवान कहते हैं, ''मैं ख़ुद इसका जवाब ढूंढ रहा हूं. मैंने हमेशा कोशिश की है कि जो भी मैं पढ़ाऊं, बच्चों को उसमें मज़ा आए. मैं उन्हें नए-नए तरीकों से पढ़ाने की कोशिश करता हूं जैसे मल्टीमीडिया कंटेंट, कहानी सुनाकर और बातचीत के ज़रिए.''
''हफ़्ते में एक बार मैं उन्हें पढ़ाए गए विषय से जुड़ा वीडियो दिखाता हूं. एक बार मैंने चेरी की खेती का वीडियो दिखाकर उन्हें इसके बारे में पढ़ाया था. छह महीने बाद एक स्टूडेंट मेरे पास चेरी लेकर आया और मुझे चखने के लिए कहा. तब पहली बार मैंने वो फल चखा. मुझे लगा कि वो पाठ बच्चे के दिमाग़ में बैठ गया है.''
डिप्रेशन से निकाला
स्कूल में सभी बच्चों के पास अपने पंसदीदा शिक्षक की कहानी थी. एक स्टूडेंट हेमसारी ने अपने शिक्षक भगवान के बारे में बताया, ''उन्होंने मेरे पिता को शराब न पीने के लिए समझाया था. उन्होंने मुझे डिप्रेशन से निकलने में मदद की थी.''
भगवान के बारे में सभी स्टूडेंट्स एक बात ज़रूर कहते हैं, ''वो हमें प्यार करते हैं.'' बच्चों ने बताया कि वो सिर्फ़ एक शिक्षक नहीं बल्कि सुख और दुख में भी हमें सुनते और हमारा साथ देते हैं.
भगवान बच्चों के बुलाने पर उनके गांव टेंपल कार फ़ेस्टिवल में शामिल हुए थे और बच्चों के माता-पिता से भी उनका मेलजोल हुआ था.
वह कहते हैं, ''मैं अपने स्टूडेंट्स की पारिवारिक पृष्ठभूमि जानता हूं और समझ सकता हूं कि वो क्यों अच्छा प्रदर्शन और पूरा काम नहीं कर पाते. मैं उनकी मदद करता हूं और बहुत सारा प्यार देता हूं.''
तबादला रुकना मुश्किल
वेलियाग्राम स्कूल के हेडमास्टर अरविंद ने भगवान के तबादले को लेकर कहा, ''हम सरकारी नियमों के मुताबिक विद्यार्थी और शिक्षक का अनुपात बनाकर रखते हैं क्योंकि हमें दो जूनियर टीचर को यहां से भेजना है तो उनमें भगवान का नाम भी था. हमें यह जानकर गर्व है कि बच्चे अपने शिक्षक से इतना जुड़ाव रखते हैं. लेकिन हम उन्हें हमेशा के लिए रोक नहीं सकते क्योंकि हमें प्रक्रियाओं को पूरा करना है. हमें ट्रांसफ़र स्थगित करने के आदेश मिले थे ताकि बच्चों को पूरी स्थिति के बारे में समझाया जा सके. मुझे खुशी है कि हमारे स्कूल में ऐसा उदाहरण सामने आया है. ''
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