व्यंग्यः खेतों को गोविंदा जैसे डांस की ज़रूरत है

इमेज स्रोत, UGC/FACEBOOK
- Author, आलोक पुराणिक
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
भोपाल के संजीव श्रीवास्तवजी प्रोफेसर हैं इलेक्ट्रानिक्स के, पर फेमस हुए डांस के लिए.
इससे साफ होता है कि मुल्क की शिक्षा व्यवस्था एकदम फेल है. जिन्हे डांसर होना चाहिए था, वो इलेक्ट्रानिक्स के प्रोफेसर बने हुए हैं.
यह शिकायत मैं मुल्क की शिक्षा व्यवस्था से करने ही वाला था कि एक टीवी इश्तिहार में करीना कपूरजी आईबाल मोबाइल मोबाइल फोन की श्रेष्ठता का बखान करती दिखीं.
आईबाल मोबाइल फोन पर अगर इलेक्ट्रानिक के प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तवजी कुछ बात रखते, तो बात एकदम मानने योग्य होती, इलेक्ट्रानिक के प्रोफेसर को मोबाइल की तकनीकी पर बोलने का हक है. पर करीना कपूरजी मोबाइल पर बोलती हैं, इलेक्ट्रानिक के प्रोफेसर डांस के लिए ख्यात होते हैं.

अब आप नोट कर लीजिए, प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तवजी इलेक्ट्रानिक्स वाले तमाम टीवी चैनलों के न्यू ईयर प्रोग्रामों में डांस करते हुए दिखायी देंगे. अगली होली पर वह तमाम टीवी चैनलों में रंग बरसे पर भी डांस करते दिखेंगे.
मैंने ये बातें अपने एक टीवी पत्रकार मित्र से कहीं, तो उसने मुझसे कहा- तुम्हारे पास इतने बेहूदे आइडिए रहते हैं, तुम्हें तो किसी टीवी चैनल में प्रोग्रामिंग हेड होना चाहिए. एकदम कामयाब रहोगे.
किससे क्या कहें- अमिताभ बच्चनजी भी वन प्लस सिक्स फोन पर एक्सपर्ट राय रख रहे हैं. सलमान खान चप्पल टेक्नोलोजी के जानकार के तौर पर ख्यात नहीं हैं पर पर वह बहामा चप्पलों की श्रेष्ठता के बारे में बता रहे हैं.
विराट कोहली एक शैंपू की श्रेष्ठता को रेखांकित कर रहे थे, यद्यपि उनकी महारथ का क्षेत्र क्रिकेट है. खेती से जुड़ी एक कीटनाशक दवा की श्रेष्ठता के बारे में फ़िल्म अभिनेता सुनील शेट्टी अपने विचार एक टीवी इश्तिहार में रख रहे थे.

वाह रे! प्रचार युग
सांसद हेमा मालिनीजी किसी तकनीकी क्वालिफिकेशन के बारे में मुझे नहीं पता, पर पानी साफ करनेवाले एक आरओ सिस्टम के बारे में वह विस्तार से बताती हैं.
एक वक्त की बहुत ही हिट डांसर रहीं रवीना टंडनजी इन दिनों एक टीवी इश्तिहार में स्त्रियों के मुश्किल दिनों की एक दवा-टानिक के बारे में बताती हैं, यद्यपि रवीनाजी पेशे से चिकित्सक नहीं हैं.
गोविंदाजी पर जो गीत फिल्माया गया था, उस पर डांस करके ही प्रोफेसर श्रीवास्तव फेमस हुए हैं. गोविंदाजी देर रात के टीवी शो में कोई रोजगार-कमाई वर्धक यंत्र बेचते पाये जाते हैं, टीवी पर, यद्यपि अब ना गोविंदाजी को रोजगार मिला हुआ है ढंग का और ना वही तंत्र-मंत्र-यंत्र के जानकार हैं.

खेती 'नया दौर' से 'पीपली लाइव' पहुंच गई है
मुल्क कमाल का है, कोई कुछ भी सिर्फ कर ही नहीं सकता, फुल कामयाबी से कर सकता है.
पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं, टीवी चैनल उनकी कवरेज ना कर पा रहे हैं.
एक टीवी पत्रकार ने बताया कि अगर संजीव श्रीवास्तवजी खेतों में जाकर अपना डांस दिखायें, तो उनके बहाने हम खेत दिखा सकते हैं.
अभी बारिश का सीजन आनेवाला है. संजीव श्रीवास्तवजी को खेतों में डांस करते हुआ दिखाया जा सकता है- सावन आया झूम के.
माधुरी दीक्षितभी आ जायें, तो सही सेट बन जाये खेत पर. दिखायेंगे हम डांस ही, खेत दिख जायें, तो हमें एतराज नहीं है.
खेती के हाल बहुत बदल गये हैं. कभी खेती नया दौर फिल्मवाली होती थी, जिसमें दिलीप कुमार और वैजयंती माला हाथों में हाथ डालकर गीत गाते थे- साथी हाथ बढ़ाना.
अब खेती नया दौर से पीपली लाइव तक का सफर तय कर चुकी है. पीपली लाइव फिल्म के आखिरी सीन में खेत मजदूर खेती छोड़कर शहर में मजदूर बन रहा होता है.
एक्सपर्ट राय
मुझे कभी शक होता है कि शहर में मज़दूर बनकर भी वह प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तव का डांस वाला वीडियो देखकर उस वीडियो को वायरल ही बना रहा होगा.
खेती के सवाल बवाल सब समझें, इसके लिए क्या किया जाना चाहिए- एक कृषि एक्सपर्ट मुझसे पूछ रहा है.
मैंने उसे बताया है कि संजीव श्रीवास्वतजी का डांस खेतों में कराओ. फिर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री संजीव श्रीवास्तजी को बधाई देंगे, शुभकामनाएं देंगे, इस बहाने खेती पर बहस शुरु हो सकती है.
खेती को डांस की सख्त जरुरत है, उसके बगैर टीवी चैनलों का ध्यान वहां ना जाने वाला है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












