प्रेस रिव्यूः गोहत्या के शक़ में पीट-पीट कर व्यक्ति की हत्या

इमेज स्रोत, Getty Images
मध्य प्रदेश के सतना ज़िले में गोहत्या के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने की घटना सामने आई है.
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक ख़बर में बताया गया है कि 45 वर्षीय रियाज़ पेशे से एक दर्ज़ी हैं. शुक्रवार को उन्हें भीड़ ने गोहत्या के संदेह में बुरी तरह पीट दिया. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां शनिवार को उनकी मौत हो गई.
अख़बार लिखता है कि रियाज़ के साथ उनके 38 वर्षीय दोस्त शकील को भी पीटा गया. वो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं.
रियाज़ के परिवार में उनकी पत्नी सहित तीन बच्चे थे, जबकि शकील पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है.
रविवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह सतना के दौरे पर जा रहे हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
रमज़ान में संघर्षविराम कश्मीरी नौजवानों के लिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर में रमज़ान के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों से संघर्षविराम का आदेश घाटी के युवाओं को दोबारा मुख्यधारा में शामिल करने के मक़सद से लिया गया है.
द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के अनुसार दो दिनों के जम्मू कश्मीर दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को युवाओं से अपील की कि हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें. प्रधानमंत्री ने इस दौरान जम्मू और कश्मीर में 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
इस मौके पर पीएम ने कहा कि राज्य के गुमराह नौजवानों द्वारा उठाया गया पत्थर जम्मू और कश्मीर को ही अस्थिर करता है.
साथ ही जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी रमज़ान के दौरान लागू किए गए एकतरफा संघर्षविराम का स्वागत किया है.

इमेज स्रोत, SAJJAD HUSSAIN/AFP/Getty Images
मणिपुर 'फर्जी' मुठभेड़ पर शीर्ष अदालत ख़फ़ा
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर नाराज़गी जताई है कि रक्षा मंत्रालय ने उन पत्रों का जवाब देना भी सहीं नहीं समझा, जो उसे सीबीआई के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लिखे थे. एसआईटी सेना, असम राइफल्स और पुलिस द्वारा मणिपुर में की गई कथित ज्यूडिसियल हत्याओं एवं फर्जी मुठभेड़ की जांच कर रही हैं.
जनसत्ता में प्रकाशित एक खबर के अनुसार जस्टिस बी लोकुर और जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने एसआईटी से इन मामलों में उसकी जांच को 30 जून तक पूरा करने को कहा है. ये मामले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, न्यायिक जांच और गुवाहाटी हाईकोर्ट के निष्कर्षों से संबंधित हैं.
एडिशनल सॉलीसिटर जनरल (एएसजी) मनिंदर सिंह ने सीबीआई की तरफ से पेश होते हुए पीठ से कहा कि वह इस मुद्दे को रक्षा मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे ताकि आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जा सके.
पीठ ने अपने आदेश में कहा, "हमने (एसआईटी द्वारा दाखिल) स्थिति रिपोर्ट संख्या पांच देखी जिसमें एसआईटी ने रक्षा मंत्रालयों को कुछ मामलों में फरवरी 2018 को पत्र लिखे थे. लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इन पत्रों का जवाब तक देना गंवारा नहीं किया."

इमेज स्रोत, EPA
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी सदस्यों ने राष्ट्रगान का अपमान किया और राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही उठकर सदन से बाहर चले गए.
नवभारत टाइम्स में प्रकाशित एक खबर में लिखा गया है कि राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, "देश की जनता ने देखा कि कर्नाटक की विधानसभा में राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही बीजेपी सदस्य और विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष उठकर सदन से चले गए."
"ये उनकी निशानी है कि वो हिंदुस्तान की किसी भी संस्था को चाहे वो संसद हो, विधानसभा हो या उच्चतम न्यायालय किसी की इज्जत नहीं करते."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












