भारत के कई राज्यों में तेज़ हवाओं का क़हर, अब तक 77 लोगों की मौत

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राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में रविवार शाम चली तेज़ हवाओं और बिजली गिरने के कारण कम से कम 77 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है.
सोमवार, दोपहर 5 बजे तक:
- बिहार में रविवार आधी रात आए आंधी-तूफान और इस दौरान बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल भी हुए हैं. दो लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई जबकि बाकी चार लोगों की मौत तब हुई जब आंधी-तूफान से उन पर पेड़, दीवार या मकान की छत गिर गई.
- बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के पटना स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मारे गए दो लोग सारण जिले से हैं जबकि एक-एक व्यक्ति की मौत पटना, दरभंगा, खगड़िया और रोहतास जिलों में हुई है. मारे गए लोगों में एक साढ़े तीन साल की बच्ची सहित दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं.

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- उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा 42 लोगों की मौत हुई है और 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
- पश्चिम बंगाल में 14 लोगों की मौत हुई है.
- आंध्र प्रदेश में 12 लोगों की मौत हुई है और एक शख़्स गंभीर रूप से घायल है.
- दिल्ली में 2 और हरियाणा के झज्जर ज़िले में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की गई है.
(राज्यों के राहत आयुक्त कार्यालय से बातचीत पर आधारित)

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मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में रविवार शाम 109 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से हवाएं चलीं.
हवाओं के असर से सैंकड़ों पेड़ और बिजली के खंबे उखड़ गए. इससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ था.

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आंध्र प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने बीबीसी को बताया, "प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की वजह से अब तक 12 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. ये संख्या बढ़ भी सकती है."
दिल्ली की राहत आयुक्त मनीषा सक्सेना ने बीबीसी को बताया, "तेज़ हवाओं की वजह से पेड़ गिरने से पांडव नगर इलाके में एक महिला की मौत हुई है."

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वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली में ईंटे गिरने से एक युवक की भी मौत हुई है.
बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली के मुताबिक़,पश्चिम बंगाल में पांच बच्चों समेत 14 लोगों की मौत हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंधी और तूफ़ान की वजह से लोगों की मौत पर दुख़ ज़ाहिर करते हुए ट्विटर पर लिखा, "देश के कुछ हिस्सों में तूफ़ान की वजह से हुई जनहानि से दुखी हूं. प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं. मैं घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की कामना करता हूं. अधिकारियों से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए कहा गया है."

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जारी की गई थी चेतावनी
रविवार को आए तूफ़ान से पहले मौसम विभाग ने एक अलर्ट जारी किया था.
मौसम विभाग की दी हुई चेतावनी में रविवार को दिल्ली समेत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज़ हवाएं चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई थी और लोगों से अपने घरों के भीतर या सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए कहा गया था.

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राहत विभाग फिलहाल तूफ़ान से हुए नुक़सान का जायज़ा ले रहा है और लोगों को सचेत कर रहा है.
इससे पहले 2 मई यानी बुधवार को आए तेज़ तूफ़ान में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 100 से अधिक लोग मारे गए थे.
उत्तर प्रदेश में कुल 70 लोगों की मौत हुई थी जिनमें 43 आगरा से थे.

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इस बार आगरा का पड़ोसी ज़िला कासगंज सबसे ज़्यादा प्रभावित है जहाँ अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
संजय कुमार कहते हैं, "तूफ़ान का ख़तरा अभी टला नहीं है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िलों को चपेट में लेने के बाद अब ये पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा है जहां दस से अधिक ज़िलों में रात एक बजे के करीब तेज़ हवाएं चल सकती हैं और भारी बारिश हो सकती हैं."
राहत आयुक्त संजय कुमार बताते हैं, "तूफ़ान पूर्वी यूपी की ओर बढ़ा है जहां महाराजगंज, गाजीपुर, बनारस, भदोही समेत दस ज़िलों में तेज़ हवाएं चल सकती हैं."












