बलात्कार की शिकार छह साल की बच्ची की मौत

इमेज स्रोत, iStock
- Author, संदीप साहू
- पदनाम, भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी के लिए
आठ दिन तक लगातार संघर्ष के बाद ओडिशा के कटक ज़िले के सालेपुर इलाक़े में बलात्कार की शिकार हुई छह साल की नाबालिग़ बच्ची ने आख़िरकार रविवार शाम दम तोड़ दिया.
कटक के एस.सी.बी मेडिकल कॉलेज के सीनियर सर्जन भुवनानंद महाराणा ने पत्रकारों को बताया की बच्ची का इलाज कर रहे 13 सदस्यीय डॉक्टरों के दल की तमाम कोशिशों के बावजूद पीड़िता ने शाम क़रीब साढ़े पांच बजे दम तोड़ दिया.
उन्होंने कहा, "21 अप्रैल को जब पीड़िता यहाँ भर्ती हुई, उस समय उसकी हालत बेहद नाज़ुक थी. उसके मस्तिष्क में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पा रही थी, उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. आख़िरकार शाम के 5.30 बजे हृदयगति रुक जाने से उसकी मौत हो गई."
बच्ची के इलाज में जुटे डॉक्टरों के दल ने दो दिन पहले ही उसे 'ब्रेन-डेड' घोषित कर दिया था.
बच्ची के शव को उसके परिवार के हवाले करने से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच और सालेपुर के अतिरिक्त तहसीलदार और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पोस्टमॉर्टम किया गया.
घटना
21 अप्रैल को सालेपुर के निकट जगन्नाथपुर गांव में एक 28 वर्षीय विवाहित युवक ने स्थानीय स्कूल के बरामदे में इस बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या करने की कोशिश की थी और उसे मृत समझकर वहीं छोड़ दिया था.
मुहम्मद मुश्ताक नाम का यह युवक कथित तौर पर चॉकलेट का लालच देकर बच्ची को वहां ले गया था और फिर उसके साथ बलात्कार किया था.

इमेज स्रोत, Getty Images
बच्ची जब काफ़ी देर तक घर नहीं लौटी तो उसके घरवालों ने उसकी तलाश करते हुए आख़िरकार उसे स्कूल के बरामदे में बेहोश पाया और उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल ले गए. बच्ची की गंभीर हालत के मद्देनज़र उसे तत्काल कटक के एस.सी.बी. मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया था जहां आई.सी.यू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था.
घटना के कुछ ही घंटों बाद 22 अप्रैल की सुबह अभियुक्त मुश्ताक को गिरफ़्तार कर लिया गया था. बच्ची की मौत के बाद उसके ख़िलाफ़ लगी आई.पी.सी. और पोक्सो एक्ट की कई धाराओं के साथ हत्या की धारा को भी जोड़ दिया गया है.
कटक (ग्रामीण) के एस.पी. माधवानन्द मिश्र ने कहा है कि बहुत जल्द अभियुक्त के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की जाएगी.

कल रात बच्ची का शव जगन्नाथपुर गांव पहुंचने के बाद बहुत ही ग़मगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. किसी भी गड़बड़ी के मद्देनज़र गांव में भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया था.
सोमवार को विधानसभा में घटना के बारे में वक्तव्य रखते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बच्ची की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी. साथ ही उन्होंने पीड़िता के परिवार के लिए पांच लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा भी की.
वहीं, बच्ची की मौत के बाद इस घटना को लेकर राजनीति गरमा रही है. सोमवार को पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साहू के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के परिवार से मिला.
राजधानी भुवनेश्वर में बीजेपी ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया और राज्य सरकार की जमकर निंदा की.
ये भी पढ़ें:
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












