भागलपुर दंगा: केंद्रीय मंत्री के बेटे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बिहार के भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत और 8 अन्य के ख़िलाफ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
पुलिस ने भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के शोभायात्रा निकालने के दो दिन बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है.
पुलिस के अनुसार बिहार के भागलपुर में बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की रैली का नेतृत्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत ने किया था और इन कार्यकर्ताओं ने ही कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैला.
अर्जित दंगा करने, हिंसा फैलाने के आरोप में इन पर मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा इलाके के 10 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी आर्म्स एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है.
इंडियन एक्सप्रेस ने भागलपुर के उप पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के हवाले से कहा है, "हमने दो अलग-अलग एफ़आईआर दर्ज की हैं. अर्जित शास्वत और आठ अन्य के ख़िलाफ़ आईपीसी और लाउडस्पीकर एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने मोटरसाइकिल रैली के लिए इजाज़त नहीं ली थी. अगर प्रशासन ने मंज़ूरी दी होती तो वह शोभायात्रा के रास्ते का निर्णय लेता और उसके मुताबिक इंतज़ाम करता."
पाकिस्तानियों को वीज़ा नहीं

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए 500 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी नहीं करने पर इस्लामाबाद ने भारत पर 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
पाकिस्तान ने दावा किया है कि ऐसे कदम से दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की चल रही कोशिशें कमज़ोर होंगी. पाकिस्तान के इन आरोपों पर अभी भारत की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है.
पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि दौरा 'इंडिया-पाकिस्तान प्रोटोकॉल ऑन विजिट टू रिलिजियस श्राइन', 1974 के तहत होना था और यह हर साल होता है.
बयान में कहा गया है, "अजमेर शरीफ़ में हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के लिए 19 से 29 मार्च 2018 तक भारत द्वारा 503 पाकिस्तानी जायरीनों को वीजा जारी नहीं करने पर पाकिस्तान निराशा जाहिर करता है.'
विदेश कार्यालय ने कहा कि भारत के निर्णय से पाकिस्तानी जायरीन उर्स में भाग लेने से वंचित रह जाएंगे, जिसका विशेष महत्व है.
केजरीवाल की माफ़ी

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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल से भी माफ़ी मांग ली है.
अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी नेता नितिन गडकरी को 16 मार्च को पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने लिखा है, "हम दोनों अलग-अलग दलों में हैं. मैंने आपके बारे में बिना जांचे कुछ आरोप लगाए, जिससे आपको दुख हुआ होगा, इसलिए आपने मेरे खिलाफ मानहानि का केस दायर किया. मुझे आपसे निजी तौर पर कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए मैं आपसे माफी मांगता हूं."
अख़बार ने आम आदमी पार्टी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी उनके ख़िलाफ़ चल रहे ऐसे ही कम से 20 और मामलों पर माफ़ी मांग सकती है.
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