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दीपिका की सुरक्षा से लेकर पद्मावत का विरोध करने वाले करणी सेना के 'कमांडर'
- Author, रॉक्सी गागडेकर छारा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, अहमदाबाद से
ये हैं राज शेखावत - बीएसएफ़ से रिटायर हुए हैं और अब अहमदाबाद में एक सुरक्षा एजेंसी चलाते हैं.
कुछ दिन पहले तक राज शेखावत की पहचान ऐसे आदमी की थी जिसकी गुजरात के सरकारी हलकों में अच्छी पैठ थी.
वाइब्रेंट गुजरात समेत कई सरकारी समारोहों की सुरक्षा का इंतज़ाम कर चुके राज शेखावत को, निजी सुरक्षा मुहैया कराने के लिए गुजरात सरकार का ख़ास आदमी माना जाता है.
लेकिन आजकल राज शेखावत किसी और वजह से चर्चा में हैं. वे गुजरात में करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं और फ़िलहाल उन्हीं के नेतृत्व में संजय लीला भंसाली की फ़िल्म पद्मावत का विरोध किया जा रहा है.
दीपिका की सुरक्षा भी कर चुके हैं शेखावत
इंटरनेट पर राज शेखावत के ऐसे वीडियो मौजूद हैं जिनमें वे सिनेमा हॉल को जलाने और पद्मावत देखने वाले लोगों को भारी क़ीमत चुकाने की धमकियां देते नज़र आ जाएंगे.
हालांकि उनके ख़िलाफ़ पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले दीपिका पादुकोण के अहमदाबाद आने पर उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी राज शेखावत की एजेंसी को ही दी गई थी.
और अब उन्हीं की करणी सेना ने दीपिका पादुकोण की नाक काटने की धमकी दी है. करणी सेना का मानना है कि दीपिका ने राजपूत रानी पद्मिनी का अपमान किया है.
राज शेखावत हैं कौन?
हाथ की हर उंगली में सोने की बड़ी-बड़ी अंगूठियां पहनने वाले राज शेखावत की अनदेखी करना मुश्किल है.
और भी बहुत से गहनों से सजे राज शेखावत बॉडीगार्ड लेकर चलते हैं. उनके फ़ेसबुक पेज पर अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ए के सिंह के साथ तस्वीर लगी हुई है.
सुरक्षा एजेंसी के अलावा राज अहमदाबाद के एक होटल और जिम के मालिक भी हैं.
राज की तीन साल पुरानी सुरक्षा एजेंसी अब तक कई सरकारी इवेंट्स और मीटिंग में सुरक्षा का काम संभाल चुकी है.
राज शेखावत का कहना है कि इस एजेंसी को खोलने से पहले तक वे कश्मीर में बतौर बीएसएफ़ जवान तैनात थे.
'हम फूल देकर फ़िल्म ने देखने का अनुरोध करेंगे'
जब से पद्मावत का विरोध शुरू हुआ है, राज शेखावत का ज़्यादातर समय न्यूज़ चैनलों के स्टूडियो में आते-जाते बीत रहा है जहां वो अक्सर सिनेमा हॉल मालिकों और फ़िल्म का समर्थन कर रहे लोगों को धमकाते नज़र आते हैं.
मज़ेदार बात ये है कि एक तरफ़ तो राज शेखावत मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल्स को सुरक्षा मुहैया कराते हैं और दूसरी तरफ़ टीवी पर उन्हें जलाने की धमकियां देते हैं.
"धर्म और कर्म को मिलाना नहीं चाहिए. मेरा काम मेरे ऐसे प्रदर्शनों से अलग है. मैं करणी सेना का हिस्सा अपने धर्म और इतिहास को बचाने के लिए बना."
राज आगे कहते हैं, "मैंने अपने लड़कों को सिनेमा हॉल की प्रॉपर्टी की हिफ़ाज़त करने के लिए कहा है. अगर उन्हें लगे कि मामला हाथ से निकल रहा है तो मैंने उन्हें तुरंत पुलिस बुलाने का निर्देश दिया है."
लेकिन लोग दुकानें जला रहे हैं, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह पूछने पर राज शेखावत कहते हैं, "मुझे नहीं पता ये लोग कौन हैं. हम फ़िल्म का विरोध कर रहे हैं. हम सिनेमा हॉल जाकर लोगों को फूल देंगे और उनसे विवादास्पद फ़िल्म न देखने का अनुरोध करेंगे."
राज शेखावत का कहना है कि 'वे किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं लेकिन व्यापार के चलते उनके सरकार में बैठे लोगों से अच्छे संबंध हैं.'
शेखावत के मुताबिक़ 'गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उन्हें फ़ोन करके करणी सेना के गुस्से को क़ाबू करने में मदद भी मांगी है.'
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