बेटे ने कहा- लोया की मौत को लेकर किसी पर आरोप नहीं

जस्टिस लोया

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जज ब्रजगोपाल लोया के बेटे अनुज रविवार को मीडिया के सामने आए और कहा कि पिता की मौत को लेकर उन्हें किसी तरह का 'संदेह नहीं' है और उनके परिवार का किसी पर 'आरोप नहीं है'.

अनुज ने ये भी कहा कि वो इसे लेकर किसी तरह की 'जांच' नहीं चाहते हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ मौजूद वकील अमीर नाइक ने कहा कि 'परिवार नहीं चाहता कि इस मामले पर राजनीति हो और किसी को इसका फायदा हो'.

अनुज ने कहा कि उनका परिवार इन मामलों को लेकर बहुत तकलीफ में है और वो इससे बाहर आना चाहते हैं.

21 बरस के अनुज ने कहा, " पिछले कुछ दिनों से आ रहीं मीडिया रिपोर्टों को देखते हुए मैं ये साफ करना चाहता हूं कि परिवार को इन सब चीजों को लेकर बहुत तकलीफ हो रही है. हमारा किसी पर कोई आरोप नहीं है. हम काफी दर्द में हैं और इन सब चीजों से बाहर आना चाहते हैं. मैं आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि कृपया हमें परेशान करने की कोशिश नहीं कीजिए. मैं मीडिया के जरिए ये बात सभी तक पहुंचाना चाहता हूं. "

जस्टिस लोया
इमेज कैप्शन, वर-वधु के साथ खड़े जस्टिस लोया( सबसे बाएं)

'कोई संदेह नहीं'

जज लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को हुई थी. तब वो एक शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए नागपुर गए थे.

जज लोया सीबीआई की विशेष अदालत के जज थे और मौत के पहले वो गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे थे.

इस मामले में अन्य लोगों के साथ भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी अभियु्क्त थे. अब ये केस ख़त्म हो चुका है और अमित शाह को दोषमुक्त क़रार दिया गया है.

बीते दिनों 'द कारवाँ' पत्रिका ने जस्टिस लोया के रिश्तेदारों से बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें दावा किया गया कि उनकी मौत की परिस्थितियां संदेहास्पद हैं.

हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने अपनी एक ख़बर में दो जजों के हवाले से इस आशंका को आधारहीन बताया था.

रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब ये पूछा गया कि क्या वो अपने पिता की मौत की जांच चाहते हैं तो अनुज ने कहा, "वो ये तय करने वाले कोई नहीं हैं"

दोबारा पूछे जाने पर अनुज ने कहा, "उन्हें कोई संदेह नहीं है."

जज लोया के परिवार के कुछ सदस्यों के हवाले से ये रिपोर्ट सामने आई थी कि उन्हें मौत को लेकर संदेह है, इस सवाल पर अनुज ने कहा कि अब उनके सामने मामला साफ हो चुका है.

उन्होंने कहा, " उस वक्त भावनात्मक मुश्किल की वजह से उन्हें कुछ संदेह थे लेकिन उनके सामने अब कोई मुद्दा नहीं है."

सुप्रीम कोर्ट

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'नहीं चाहते कोई ले फायदा'

जब अनुज से सवाल किया गया कि उनके नाम से सोशल मीडिया में एक पत्र जारी हुआ था, क्या वो पत्र उन्होंने लिखा था, क्योंकि वो उनके मौजूदा रुख के विपरीत है तो अनुज ने कहा, "जैसा मैने कहा, वो भावनात्मक उलझन का दौर था. उस समय संदेह थे लेकिन अब स्थिति साफ है."

अनुज के साथ मौजूद वकील नाइक ने कहा कि वो नहीं चाहते कि कोई इस मुद्दे का फायदा ले.

उन्होंने कहा, "कोई विवाद नहीं है. इस मुद्दे के राजनीतिकरण का कोई सवाल नहीं है. जो कुछ हुआ वो दुखद है. लेकिन हम इस मुद्दे पर किसी भी राजनीति के शिकार नहीं होना चाहते हैं. हम नहीं चाहते कि कोई भी इसका फायदा ले."

राहुल गांधी

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इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका की सुनवाई करते हुए इस मामले को गंभीर बताया था.

इस मामले को कांग्रेस पार्टी भी उठाती रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को जज लोया की मौत की जांच कराने की मांग की थी.

इसके पहले बहरीन दौरे के दौरान भी राहुल गांधी ने कहा था कि संवेदनशील मामलों की जांच कर रहे जजों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो रही है.

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