कोरेगांव हिंसा के विरोध में महाराष्ट्र बंद: अब तक का हाल

इमेज स्रोत, BBC/Amir Khan
महाराष्ट्र के कोरेगांव भीमा में हुई हिंसा के विरोध में दलित संगठनों ने आज प्रदेश बंद बुलाया है.
बंद का असर मुंबई, पुणे और औरंगाबाद में ज़्यादा है, हालांकि कहीं से किसी तरह के नुकसान की ख़बर नहीं है.
बंद के मद्देनज़र राज्य में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

इमेज स्रोत, SAGAR KASAR/BBC
सरकारी बसें न चलने से लोगों को परेशानी हो रही है.

इमेज स्रोत, PRAVIN THAKARE /BBC
प्रदर्शनकारियों ने सुबह गोरेगांव, विरार, ठाणे, नालासोपारा में ट्रेनें रोकीं लेकिन फ़िलहाल इन इलाक़ों में ट्रेन सेवा बहाल कर दी गई है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त

इमेज स्रोत, PRASHANT NANAVARE
मुंबई में आज एसी लोकल नहीं चलेंगी. बेस्ट की बसों पर भी बंद का थोड़ा असर है हालांकि कुल 2964 सेवाओं में से 2600 सेवाएं चालू हैं. घाटकोपर और चेंबूर में सुबह रास्ता रोका गया लेकिन किसी नुकसान या हिंसा की ख़बर नहीं है.

इमेज स्रोत, SHARAD BADHE/BBC
कल की घटना के बाद औरंगाबाद में धारा 144 लगा दी गई थी. वहां आज इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं.

इमेज स्रोत, ANIL SHINDE/BBC
ठाणे में सबुह शांतिपूर्ण मोर्चा निकाला गया लेकिन दोपहर तक कुछ बसों में तोड़फोड़ की ख़बर आई.

क्या हुआ था कोरेगांव में
कोरेगांव भीमा में सोमवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिस दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी जिसमें एक शख्स की मौत हो गई.
यह समारोह 200 साल पहले हुई एक घटना की खुशी मनाने के लिए रखा गया था.

इमेज स्रोत, MAYURESH KUNNUR/BBC
एक जनवरी 1818 को कोरेगांव भीमा में 'अछूत' माने जाने वाले आठ सौ महारों ने चितपावन ब्राह्मण पेशवा बाजीराव द्वितीय के 28 हज़ार सैनिकों को हरा दिया था.
ये महार सैनिक ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लड़े थे और इसी युद्ध के बाद पेशवाओं के राज का अंत हुआ था.

सोमवार के समारोह में हुई हिंसा का का असर जल्दी ही सारे महाराष्ट्र में दिखने लगा.
विरोध कर रहे लोगों ने मुंबई और पुणे में रास्ते जाम किए, पत्थरबाज़ी की और गाड़ियों में आग लगा दी. तक़रीबन 176 बसों में तोड़फोड़ की गई.
दोपहर आते-आते हालात इतने बिगड़ गए कि मुख्यमंत्री के पुणे में होने वाले एक कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया. औरंगाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई.
राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश और मृतक के परिवार को दस लाख का मुआवज़ा देने का एलान किया.

लेकिन डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश आंबेडकर ने इस पर असंतोष जताया. आंबेडकर की मांग है कि मामले की जांच किसी ग़ैर दलित सिटिंग जज से कराई जाए और उन्हें सबूत जमा करने और सज़ा देने की ताक़त भी दी जाए.
आंबेडकर समेत आठ संगठनों ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया.












