मुस्लिम मर्दों को नाइंसाफ़ी का हैंडल दे रही है मोदी सरकार: असदुद्दीन ओवैसी

तीन तलाक़ बिल पर हैदराबाद से एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक लाइव में कहा, ''मुस्लिम महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षा है. आप संसद में मुस्लिम महिलाओं की पढ़ाई के लिए कानून लाइए और रोजगार दीजिए. लेकिन आप वो नहीं करेंगे.''
ओवैसी ने कहा, ''अभी जो बिल है, उसमें सबूत देने का बोझ औरत पर रहेगा. देश में जो घोटाले हुए, उसमें सीबीआई किसी को सजा दिला पाई क्या. ऐसे में मोदी क्या इंसाफ़ दिलाएंगे और आप तो मर्दों को नाइंसाफ़ी करने का हैंडल दे रहे हैं.''
ओवैसी ने कहा, ''बीजेपी बेवजह की उलझन का शिकार है और झूठ का सहारा ले रही है. मिसाल के लिए तौर पर पाकिस्तान को लीजिए. पाकिस्तान के पास सेक्शन 61 है. आज ही मैंने अख़बार में एक लेख पढ़ा. इस लेख में संविधान के जानकार ये कह रहे हैं कि जो भी इस्लामिक मुल्क है, क़ानूनी प्रावधान कहीं नहीं हैं.''

पढ़िए ओवैसी ने क्या ख़ास बातें कहीं
- अगर आप एक ही धर्म के ख़िलाफ कानून बना रहे हैं तो मैं इसे साजिश ही मानूंगा. किन आंकड़ों के आधार पर आप तलाक़ पर ये बिल ला रहे हैं. यकीनन मैं मानता हूं कि तीन तलाक़ समाज के लिए बुराई है. लेकिन ये ग़लत है कि आप एक राई को पहाड़ बनाकर पेश कर रहे हैं.
- ये एक फर्जी बिल है. इस्लाम में शादी एक सिविल कॉन्ट्रेक्ट है और सिविल कॉन्ट्रेक्ट का उल्लंघन होगा तो आप सज़ा किस बुनियाद पर देंगे? आप ये कर सकते थे कि कहते निकाहनामे में इन कुछ बातों को शामिल कीजिए कि अगर कोई मुस्लिम मर्द तीन तलाक़ देता है तो उसको मेहर का 100 गुणा चुकाना पड़ेगा. आप वो लगाइए. ये शरीयत का उल्लंघन नहीं है.
- हमारा तीन तलाक़ के मसले पर ये स्टैंड है कि अगर कोई मुस्लिम मर्द गुस्से में तीन तलाक़ बोलता है तो वो तलाक़ नहीं है.
- नए कानून से सुधार होने की अगर आप बात करते हैं तो निर्भया गैंगरेप केस के बाद कानून बनाया गया था. लेकिन आज भी भारत में हर एक घंटे में तीन महिलाओं का रेप होता है. एक घंटे में पांच का किडनैप और एक घंटे में आठ लोगों का उत्पीड़न होता है. समाज को सुधारने के लिए क़ानून नहीं, दिमाग सुधारने की ज़रूरत है.

इमेज स्रोत, RAVEENDRAN/AFP/Getty Images
- मुझे पाकिस्तान, सऊदी अरब से क्या मतलब. मैं क्या सऊदी का मुल्ला हूं या पाकिस्तान का जेहादी हूं. मुझे अपने मुल्क से मतलब है दूसरे मुल्कों से मुझे क्या. इसे हमारे हैदराबाद में कहते हैं कि खादर ख़ान से खट्टे डायलॉग मत पूछा करिए.
- अगर आप सोचते हैं कि एक क़ानून बनाने से जादू की छड़ी चल जाएगी तो ऐसा नहीं होगा.
- आप यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात करते हैं तो नागालैंड, मिजोरम को स्पेशल अधिकार दे सकते हैं आप?
- ये आरएसएस की साजिश है कि भारत को हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान बनाया जाए, जो इस मुल्क को कमज़ोर करेगा.
- अगर अधिकार देना है तो मुस्लिम महिलाओं की पढ़ाई पर ध्यान दीजिए.
- मैंने बीजेपी, कांग्रेस को एक्सपोज कर दिया. टीएमसी, कांग्रेस समेत जितनी सेक्यूलर पार्टी हैं, इस मुद्दे पर सब ग़ायब नज़र आए. हिंदू राष्ट्रवादी भी ग़ायब दिखे.
असदुद्दीन ओवैसी के साथ फ़ेसबुक बातचीत यहां देखिए
सामग्री् उपलब्ध नहीं है
सोशल नेटवर्क पर और देखिएबाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.पोस्ट Facebook समाप्त








