You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मोदी मेरा दोस्त, आलोचना नहीं करता: सुब्रमण्यम स्वामी
बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी हिंदी के साथ फेसबुक लाइव में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके दोस्त हैं और वह उनकी आलोचना नहीं करते.
बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के साथ बातचीत में स्वामी ने राम मंदिर, अपने बयानों, धर्म और विवादों पर खुल कर बात की.
हाल ही में उन्होंने कहा था कि जीडीपी आंकड़ो में हेर-फेर संभव है. भारत ने इसराइल के ख़िलाफ़ वोट किया तो स्वामी ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना की थी.
पढ़िए बातचीत के दौरान उन्होंने क्या कुछ कहा:
'मोदी मेरा दोस्त'
मैं मोदी के ख़िलाफ़ कभी नहीं बोलता हूं. वो मेरा दोस्त है. मैं जो कहता हूं उसे पार्टी चार-पांच महीने बाद लागू करती है. मैं पार्टी के हित में बोलता हूं. गुजरात में बहुमत आया है. मैंने 105 सीट कहा था, लेकिन 99 सीटें मिलीं. जिसने 150 कहा था उससे पूछो कि क्यों नहीं आईं. अगर उससे पूछोगे तो कह देगा कि जुमला है.
क्या सुब्रमण्यम स्वामी हंसने से परहेज करते हैं? स्वामी ने इस सवाल के जवाब में कहा कि वो संदर्भ पर निर्भर करता है. अगर कोई मूर्ख राजनीति में आएगा तो उन्हें दुख होगा. इस पर हंसी नहीं आती.
स्वामी और क्या करते हैं?
कई लोग सोचते हैं कि मैं जो बोलता हूं उसके अलावा और क्या करता हूं. लोग ऐसा इसलिए सोचते हैं कि मैं जो करता हूं वो रूटीन है. मैं तो राजनीति को ही मनोरंजन मानता हूं. ऐसे में मुझे कुछ और करने की ज़रूरत नहीं पड़ती है.
मैंने पिछली फ़िल्म 'महात्मा गांधी' देखी थी. यह फ़िल्म अंग्रेज़ों ने ही बनाई थी. मेरे लिए रोमांटिक फ़िल्म का ज़माना अब बचा नहीं है. मेरा कोई पसंदीदा अभिनेता नहीं है. एमजीआर को तो मैं मानता ही नहीं हूं. मेरा पंसदीदा क्रिकेटर सहवाग है और दूसरा धोनी है. हालांकि सहवाग बीच में फिसल गया.
टू-जी पर क्या आपकी कोशिश नाकाम गई?
टू-जी को मैंने ही शुरू किया था. पहले हाई कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया था. उस वक़्त भी इसी तरह के सवाल किए गए थे. बाद में मैं सुप्रीम कोर्ट गया और वहां कितना बड़ा मुद्दा बना. हमारे देश में तीन स्तर के कोर्ट हैं. हम किसी में हारते हैं तो किसी में जीतते हैं. अभी कोर्ट का टू-जी पर जो फ़ैसला आया है वो मूर्खतापूर्ण था. हम इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.
पाश्चात्य कपड़े
मंत्रियों को विदेश में पश्चिमी कपड़े पहनकर नहीं जाना चाहिए. जब वो पश्चिमी कपड़े पहनकर जाते हैं तो उन्हें विदेशों में लोग वेटर समझते हैं. जो हीन भावना से ग्रसित होते हैं वो ही पाश्चात्य कपड़े पहनकर जाते हैं. महात्मा गांधी ने क्यों कहा था कि ब्रिटिश कपड़ों को जला दो? क्योंकि इससे हीन भावना आती है.
जीडीपी के आंकड़े फ़र्ज़ी
सीएसओ के मेरे पिताजी संस्थापक रहे हैं. हमारी जीडीपी में दो तरह के डेटा हैं. एक होता है औपचारिक आंकड़ा दूसरा अनौपचारिक आंकड़ा. एक में संगठित क्षेत्र आते हैं जिनके पास सारे रिकॉर्ड होते हैं, दूसरे असंगठित क्षेत्र में आते हैं जिनके पास वास्तविक रिकॉर्ड नहीं होते. अनौपचारिक आंकड़ों के लिए नेशनल सैंपल सर्वे के ज़रिए डेटा जुटाए जाते हैं. मैंने यही कहा कि जब सर्वे ही नहीं हुआ तो डेटा कहां से आया?
मैंने दूसरों को पीड़ा देता हूं
मैं किसी से परेशान नहीं हुआ. मैंने दूसरों को परेशान किया है. मेरे बारे में कहा गया कि मैं आपातकाल में परेशान हुआ. पर सच तो यह है कि मैं इंदिरा गांधी को उल्लू बनाकर संसद पहुंच गया था. मेरे नाम पर वॉरंट, फरार का नोटिस, इंटरपोल का नोटिस, इनाम और 18 मुक़दमे दायर किए गए थे. संसद में विदेश से पहुंचा था और वहां दो मिनट का भाषण देकर चला गया. पुलिस मुझे पकड़ नहीं सकी.
आतंकवादियों को अपने संगठन में लिया
मैंने वैसे लोगों को अपने संगठन में लिया है जो पहले आतंकवादी थे. जिन लड़कों से लोग परेशान थे उनको ठीक करने के लिए मुझसे आग्रह किया जाता था. मैंने ऐसे लोगों को रखा भी. अब्दुल रहमान लोध ऐसा ही व्यक्ति है जिसे जम्मू-कश्मीर में मैंने बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया है.
मुझे लगता है कि कश्मीर से और बच्चों को सिविल सर्विस में आना चाहिए. ये हिन्दुस्तानी हैं और बाहर जा नहीं सकते. सब मुसलमानों के पूर्वज भी हिन्दू हैं. ये हमारे परिवार के हिस्सा हैं. मैं मुस्लिम विरोधी नहीं हूं. देश विरोधियों को मैं घेरता हूं. हम सब एक डीएनए के हैं.
भारत ने इसराइल के ख़िलाफ़ वोट कर बहुत बुरा किया
इसराइल पर भारत को ख़िलाफ़ में वोट नहीं करना चाहिए था. मुझे बहुत बुरा लगा. इससे तो हमने एक मौक़ा खो दिया. अगर हम समर्थन में वोट करते तो अमरीका हमें एशिया में बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपता.
मोदी मंत्रिमंडल में जगह क्यों नहीं
ये सवाल तो मोदी से पूछना चाहिए. मैंने कभी मंत्री पद मांगा भी नहीं. मैं अगर मांगता तो जवाब भी देता. मैंने तो सांसदी के लिए भी नहीं कहा था.
भगवा क्यों नहीं पहनते?
हिन्दू धर्म में सफ़ेद वस्त्र भी पहना जाता है. श्री श्री रविशंकर तो सफ़ेद ही पहनते हैं. बाबा रामदेव भगवा पहनते हैं.
मंदिर कब बनेगा?
हम दिवाली मनाने के लिए लिए वहां व्यवस्था कर देंगे. दिवाली तक मंदिर बन जाएगा. सुन्नी वक्फ़ बोर्ड कहता है कि उसकी प्रॉपर्टी है. ये नहीं कहता है कि वहां मस्जिद थी. वो मस्जिद की मांग नहीं करता है. मैं तो कहता हूं अयोध्या में पूजा करना हमारा मूलभूत अधिकार है. ज़ाहिर है प्रॉपर्टी नहीं जीतेगी, पूजा करने के अधिकार को जीत मिलेगी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)