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राम मंदिर दो साल में: सुब्रमण्यम स्वामी
भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि अयोध्या में दो साल के भीतर वो राम मंदिर बनवाएंगे और वहीं बनवाएंगे जहां वो पहले से मौजूद है.
बीबीसी फेसबुक लाइव के दौरान बीबीसी संवाददाता सलमान रावी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर एक अहम मुद्दा है. उन्होंने कहा, "हम कहीं और राम मंदिर नहीं बना सकते क्योंकि ये आस्था का मामला है."
उन्होंने कहा कि मस्जिद बनाने के लिए मुसलमानों को कहीं भी ज़मीन दी जा सकती है, लेकिन राम का मंदिर तो वहीं बनेगा.
उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा न करने पर सुब्रमण्यम स्वामी कहते हैं कि यूपी में हमारे पास तीन कारण हैं जिस वजह से हम ये चुनाव जीतेंगे.
उन्होंने कहा, "बीजेपी के पास नेतृत्व की कमी नहीं, कई काबिल लोग हैं."
उन्होंने कहा, "बीजेपी के लिए हिंदुत्व एजेंडा है और पार्टी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रही है. विकास के बिना नहीं हो सकता, वो अनिवार्य है, पर्याप्त नहीं. विकास तो नरसिम्हा राव ने भी किया था, लेकिन वो हार गए थे. विकास का मुद्दा अकेले कुछ नहीं कर सकता, हमने विकास भी किया है, लेकिन हिंदुत्व भी हमारा एजेंडा है."
उन्होंने आगे कहा, "प्रदेश के लिए राम मंदिर भी एक अहम मुद्दा है." उन्होंने बेथेलहम का उदाहरण दिया और कहा कि हम कहीं भी पूजा नहीं कर सकते, वहीं कर सकते हैं जहां मंदिर था."
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जब सुब्रमण्यम स्वामी से पूछा गया कि उन पर आरोप लाए जाते हैं कि वो मुसलमानों पर ज़हर क्यों उगलते हैं तो उन्होंने कहा, "ऐसा कतई नहीं है. मुसलमानों को सरयू के के पार ज़मीन दे देता हूं ताकि वो वहां मस्जिद बना लें. मुझे नाहक ही लोग मुसलमान विरोधी कहते हैं."
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पारसी हैं और दामाद मुसलमान हैं, ऐसे में उन्हें नहीं पता कि लोग उन्हें मुसलमान विरोधी कैसे कहते हैं.
तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद उपजे संकट पर वो कहते हैं कि राज्य के गवर्नर विद्यासागर राव ने जो किया वो सही नहीं था. उन्होंने कहा, "जब शशिकला तैयार हैं तो उन्हें सरकार बनाने का मौक़ा मिलना चाहिए. गवर्नर को उन्हें शपथ दिलानी चाहिए."
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका एक ही रास्ता है कि विधायक इकट्ठा होंगे और फ़ैसला करेंगे."
उन्होंने कहा, "हम तो संविधान देखते हैं. विधानसभा में जिसे नेता चुना जाएगा, उसे ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए."
तमिलनाडु में जारी संकट में बीजेपी की किसी प्रकार की भूमिका से उन्होंने इंकार किया. उन्होंने कहा, "बीजेपी इसमें कहीं नहीं है, लेकिन मीडिया बातें कर रही है. संविधान की मर्यादा भंग नहीं करनी चाहिए. गवर्नर ने अपने कार्य का संपादन ठीक से नहीं किया, इसीलिए यह संकट उपजा है."
उन्होंने अनुसूचित जाति और आरक्षण के मुद्दे पर कहा, "सब एक हैं, सबको बराबर शिक्षा मिलनी चाहिए. अंबेडकर कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं और उन्होंने देश का संविधान लिखा है, लेकिन आप उन्हें पंडित नहीं कहते. उनसे कम पढ़े जवाहर लाल नेहरू को आप पंडित कहते हैं."
अगर आप प्रधानमंत्री बने तो वो क्या करेंगे, इस सवाल के उत्तर में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि पीएम बनने का मौक़ा मिला वो इनकम टैक्स ख़त्म कर देंगे और इससे लोग खुश हो जाएंगे.
नोटबंदी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नोटबंदी की कल्पना अच्छी थी, लेकिन वित्त मंत्रालय ने इसके लिए ठीक से तैयारी नहीं की थी, इसीलिए इतनी समस्या हुई.
उन्होंने कहा, "नोटबंदी सफल हुई मुझे ऐसा कुछ ऐसा दिखता नहीं है. कैशलेस सोसायटी तो धीरे-धीरे ही आएगी"
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा "वित्त मंत्रालय के मंत्री अरुण जेटली हैं और वो इकोनॉमिस्ट नहीं हैं. नोटबंदी के लिए वो बाबुओं पर निर्भर हो गए होंगे."
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