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2 जी घोटाले में सभी अभियुक्त बरी, दिल्ली की अदालत का फ़ैसला
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और कनिमोड़ी समेत सभी 17 लोगों को 2 जी घोटाले में दिल्ली की अदालत ने बरी कर दिया है.
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले के 17 आरोपियों में 14 व्यक्ति और तीन कंपनियां (रिलायंस टेलिकॉम, स्वान टेलिकॉम, यूनिटेक) शामिल थीं.
2जी घोटाला साल 2010 में सामने आया जब भारत के महालेखाकार और नियंत्रक (कैग) ने अपनी एक रिपोर्ट में साल 2008 में किए गए स्पेक्ट्रम आवंटन पर सवाल खड़े किए थे.
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में कंपनियों को नीलामी की बजाए पहले आओ और पहले पाओ की नीति पर लाइसेंस दिए गए थे, जिसमें भारत के महालेखाकार और नियंत्रक के अनुसार सरकारी खजाने को अनुमानित एक लाख 76 हजार करोड़ रुपयों का नुक़सान हुआ था.
हालांकि सीबीआई ने जो आरोप दाख़िल किया था उसमें लगभग 30 हज़ार करोड़ के नुकसान की बात कही थी.
आरोप था कि अगर लाइसेंस नीलामी के आधार पर दिए जाते तो ख़जाने को कम से कम एक लाख 76 हज़ार करोड़ रुपए और हासिल हो सकते थे.
हालांकि महालेखाकार के नुक़सान के आंकड़ों पर कई तरह के आरोप थे, लेकिन ये एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था और मामले पर देश के सर्वोच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की गई थी.
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