गोडसे के मंदिर को लेकर कांग्रेस का मौन प्रदर्शन

गोडसे मंदिर

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    • Author, शुरैह नियाज़ी
    • पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हिंदू महासभा ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का मंदिर बना डाला है.

यह मंदिर उन्होंने अपने कार्यालय में मूर्ति स्थापित कर किया है. इसके चलते मध्यप्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है.

इस मामले को लेकर प्रदेश में कांग्रेस उग्र हो गई है. कांग्रेस ने शुक्रवार को पूरे प्रदेश में गांधी प्रतिमाओं के पास मौन धारण कर विरोध प्रदर्शन का फ़ैसला किया है.

पार्टी मांग कर रही है कि प्रतिमा को सरकार फौरन ज़ब्त करें और जिन लोगों ने यह किया है उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाएं.

ग्वालियर के दौलतगंज में अखिल भारत हिंदू महासभा का कार्यालय पिछले 80 सालों से मौजूद है. इस दफ़्तर में 1947 में नाथूराम गोडसे ने 7 दिन बिताए थे.

कांग्रेस का प्रदर्शन

महासभा का कहना है कि उन्होंने 9 नवंबर को प्रशासन को एक पत्र लिख कर नाथूराम गोडसे के मंदिर के लिए ज़मीन और अनुमति की मांगी थी लेकिन उन्हें दोनों ही नहीं मिला.

अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष डा. जयवीर भारद्वाज ने बताया, "इस मूर्ति को हमने 144 घंटे के अंदर तैयार कर दिया था. और धीरे धीरे हम एक भव्य मंदिर नाथूराम गोडसे का बनाएंगे."

गोडसे मंदिर

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वही हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश नारायण शर्मा ने बताया, "इसका मक़सद युवा पीढ़ी को इतिहास की सही जानकारी देना है. हमें बताना है कि नाथूराम गोडसे एक हत्यारे नही एक क्रांतिकारी थे जिन्होंने अखंड भारत के लिए गांधीजी का वध किया."

महासभा ने इस मूर्ति के लिए पांच लोगों से पैसे इकठ्ठे किए और इसे तैयार करवाया. इस पर कितना ख़र्चा आया यह महासभा बताने को तैयार नहीं है. महासभा का दावा है कि ग्वालियर जैसे शहर में उसके 1500 से लेकर 2000 तक सक्रिय सदस्य है.

गोडसे और देश हित?

वही नाथूराम गोडसे के एक समर्थक शैलेश अरजरिया इसमें कुछ भी ग़लत नहीं मानते है. उनका कहना है कि नाथूराम गोडसे ने जो भी किया वो देश हित में किया इसलिए हर भारतीय को उनका समर्थन करना चाहिए.

नाथूराम गोडसे का मंदिर बनने पर कांग्रेस भर में विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के के मिश्रा ने बताया,"जिस विचारधारा की सरकार देश और प्रदेश में काबिज़ है उससे यही उम्मीद की जा सकती है कि वो न केवल नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाएंगे बल्कि उसकी पूजा भी करेंगे. और ये हुई भी है इस देश में और प्रदेश में. यह एक तरह का षडयंत्र है जिसमें सरकार भी शामिल है. जिन लोगों ने यह किया है उन पर राष्ट्रदोह का मुक़दमा दर्ज होना चाहिए."

वही प्रदेश सरकार के मंत्री लाल सिंह आर्य का कहना है, "सब की अपनी अपनी मान्यता है. अपनी अपनी विचारधाराएं है. और लोकतंत्र में सभी को अधिकार है. जो अपनी मन्याताओं के अनुसार करता है उसे कौन रोक सकता है."

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