एनजीटी: ऑड-ईवन पर इन सवालों के जवाब दे केजरीवाल सरकार

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नेशनल ग्रीन ट्रायब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन लागू करने के फ़ैसले पर सवाल उठाए हैं.
दिल्ली सरकार 13 से 17 नवंबर के बीच, पांच दिनों के लिए ऑड-ईवन लागू करने जा रही है.
एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने दिल्ली सरकार से पहले लागू हुए ऑड-ईवन के दौरान हवा की गुणवत्ता पर आए असर के बारे में जानकारी मांगी है.
एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि ऑड-ईवन को लागू करने से पहले वह फ़ैसले की वजहों और संबंधित आंकड़ों को जमा कराएं.
बीते साल सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने 21 अप्रैल को एनजीटी को बताया था कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि दिल्ली में वाहन प्रदूषण पर कोई असर पड़ा हो.

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सीपीसीबी के उस वक्त ये भी बताया था कि हवा में पीएम10 और पीएम2.5 की मात्रा में भी ऑड-ईवन से कोई असर नहीं हुआ था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एनजीटी ने दिल्ली सरकार के फ़ैसले पर ये सवाल उठाए हैं-
•ऑड-ईवन वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी नहीं है.
•ऑड-ईवन पर दिल्ली सरकार से अंडरटेकिंग देने को कहा है कि तभी इसे लागू किया जाए जब पीएम मेटिरियल का स्तर 300 से पार हो जाए.
•एनजीटी ने दिल्ली सरकार से ये भी पूछा है कि ऑड-ईवन से दोपहिया वाहनों और महिलाओं को क्यों छूट दी गई है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक एनजीटी ने ये भी कहा है-

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•ऑड-ईवन फ़ार्मूला ऐसे लागू नहीं किया जा सकता, दिल्ली सरकार ने एक साल के दौरान कुछ भी नहीं किया है.
उधर दिल्ली सरकार ने 13-17 नवंबर के बीच, पांच दिनों तक डीटीसी और कलस्टर बसों में मुफ़्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है.
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