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गुजरात के अस्पताल में क्यों मर रहे हैं नवजात?
- Author, रॉक्सी गागेदकर छारा
- पदनाम, बीबीसी गुजराती
गुजरात के अहमदाबाद सिविल अस्पताल में बीते पांच दिनों में 21 नवजात बच्चों की मौत हुई है.
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर एमएम प्रभाकर के अनुसार पिछले बुधवार से रविवार रात तक अस्पताल में 21 बच्चों की मौत हुई.
बीबीसी गुजराती से बात करते हुए उन्होंने बताया, "यह 100 बेड वाला अस्पताल है और यहां विभिन्न कारणों से रोज़ाना दो से तीन नवजात बच्चों की मौत होती है."
पिछले कुछ दिनों में हुई नवजात बच्चों की मौत पर डॉक्टर प्रभाकर ने बताया कि 'अधिकतर बच्चों की मौत की वजह समयपूर्व डिलीवरी, सांस लेने में परेशानी और इंफेक्शन था.'
इस अस्पताल में गुजरात के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों से भी लोग बच्चों का इलाज कराने आते हैं.
'दिवाली की छुट्टी पर थे डॉक्टर'
अस्पताल में बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख के एम महेरिया ने बताया कि शनिवार को जिन 9 बच्चों की मौत हुई उनमें से 6 बच्चों की मौत सांस में समस्या और तीन की मौत इंफेक्शन की वजह से हुई.
गुजरात के स्वास्थ्य सचिव जयंती रवि ने बीबीसी को बताया, "दिवाली की वजह से गुजरात के अलग-अलग जगहों पर डॉक्टर छुट्टी पर थे. इस वजह से बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफ़र किया गया."
उन्होंने बताया कि जब उन बच्चों को यहां लाया गया तो उसमें से 5 बच्चों की हालत बहुत ज़्यादा ख़राब थी.
शनिवार को जिन 9 बच्चों की मौत हुई उनमें से 4 बच्चे सुरेंद्र नगर, लूनावाड़ा, हिम्मतनगर और मनसा से रेफ़र किए गए थे.
अस्पताल की हालत
अहमदाबाद के इस सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के कैसे हालात हैं, इसकी जांच करने जब बीबीसी ने वहां मौजूद बीमार बच्चों के परिजनों बात की तो उन्होंने अस्पताल में स्टाफ़ की कमी को बड़ी वजह बताया.
सोनीबेन दंतानी नामक एक परिजन ने बताया, "मेरी पोती यहां भर्ती है, रात के एक बजे उसकी खाने वाली नली निकल गई, सुबह नौ बजे तक वह नली लगाने के लिए अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला."
कई परिजनो ने शिकायत की कि बच्चों के शरीर से बार-बार खून के सैंपल लिए जाते हैं, इसकी वजह यह है कि जो सैंपल लिए जाते हैं उनकी सही तरीके से मार्किंग नहीं की जाती.
सियासी रंग
गुजरात में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसे देखते हुए सरकारी अस्पताल में हुई नवजात बच्चों की मौत में सियासी रंग भी चढ़ने लगा है.
गुजरात में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने आरोप लगया कि गुजरात में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ख़राब हो चुकी हैं.
वहीं कुछ दिन पहले कांग्रेस में शामिल हुए ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने पीड़ित परिजनों को मुआवज़ा देने की मांग की है.
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
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