रूस में भारत को लेकर इतनी दीवानगी क्यों?

- Author, सर्वप्रिया सांगवान
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
कैसा लगेगा जब आपको 9 दिन तक एक दूसरे देश में अलग-अलग देशों के 25000 युवाओं के साथ झूमने, गाने, खेलने का मौका मिले.
इस जगह लेफ्ट भी है, राइट भी है लेकिन फाइट नहीं है.
ऐसा ही नज़ारा रूस के सोची में दिखा जब 185 देशों के हर पेशे से ताल्लुक रखने वाले युवाओं ने 19वें वर्ल्ड यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लिया.
14-22 अक्तूबर तक चले इस समारोह में भारत से भी लगभग 400 लोगों ने वहां हिस्सा लिया. भारतीय युवाओं ने बीबीसी के साथ अपने अनुभव साझा किए.

'जिम्मी-जिम्मी गाने पर टैक्सी वाले ने दिया डिस्काउंट'
जयंत जिज्ञासु, जेएनयू छात्र
रूस को अब तक मैंने उसके लेखकों की किताबों से ही जाना था और अब मैं और भी बहुत कुछ जान गया हूँ.
दुनिया भर से आए तमाम वामपंथी दलों के लोगों से मिला. कुर्दिस्तान आंदोलन से जुड़े लोग भी वहां आए थे. चे ग्वेरा की बेटी अलइदा ग्वेरा को वहां मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था. वो खुद वहां स्टॉल पर किताबें बेच रहीं थी.
संयुक्त राष्ट्र में युवा एंबेसेडर रही पाकितान की ज़ैनाब अली से बातचीत मेरे लिए यादगार रहेगी.
उज़बेकिस्तान से आया एक लड़का लाल बहादुर शास्त्री पर मुझसे बात करने लगा. उज़बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में ही शास्त्री जी की मृत्यु हुई थी.
रूस के लोग हिंदी फिल्म 'डिस्को डांसर' के गाने 'जिम्मी-जिम्मी' के दीवाने हैं. इतने दीवाने कि मेरे साथ घूम रहे दोस्त ने जब टैक्सी ड्राइवर को ये गाना सुनाया तो उसने 1350 के बिल में 50 रूपए का डिस्काउंट दिया.
राज कपूर तो आज भी युवाओं के पसंदीदा हैं.
दुनिया भर के युवा नए-नए मॉडल तैयार कर रहे हैं
अवनीश भट्ट, लॉ प्रोफेसर
कार्यक्रम की जगह ओलंपिक पार्क इतनी बड़ी थी कि पहले 2 दिन पैदल चलते-चलते थकान होने लगी. लेकिन अच्छी बात ये थी कि वहां एक साइकिल एप बनाई गई थी. इन साइकिलों का ताला भी इससे ही खुलता था और बंद होता था. फिर बाकी सब दिन मैंने भी साइकिल ही इस्तेमाल की.

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वहां कई तरह की गतिविधियां करवाई जा रहीं थीं. लगभग सभी गतिविधियां ऐसी थी जिन्हें विकलांग लोग भी कर सकते थे. जो लोग जीतते हैं या टास्क पूरा कर पाते हैं, उन्हें मैडल भी दिया जाता था.

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मेरे लिए सबसे सुखद था कि मेरी खुद की लिखी कहानी भी वहां एक सेमिनार में चुनी गई थी.
मैं अलग-अलग तरह के सेमिनारों में गया. बहुत से लोगों ने प्रभावित किया. किसी देश से आए एक युवा बिज़नेसमैन ने अपना एक दिलचस्प बिजनेस मॉडल बताया. जिसमें था कि प्लास्टिक बिन कर उन्हें दीजिए, बदले में आपको हेल्थ कार्ड देंगे जिसमें आपके लिए हेल्थ इंश्योरेंस होगा. जो प्लास्टिक उसे मिलता है, उसे वो रिसाइकिल करके अपना बिज़नेस चलाता है. मैंने यहां आकर जाना कि दुनियाभर में युवा क्या-क्या नया कर रहे हैं.
'मुझे पहली बार शर्मसार होना पड़ा'
वंश सलूजा, दिल्ली सरकार में कार्यरत
मुझे सबसे अच्छा लगा कि मैं दुनिया भर के युवा नेताओं से मिला, उनसे बातें की. हम सबने वादा किया है कि हम सब एक-दूसरे के साथ कई सोशल प्रोजेक्टस पर काम करेंगे.

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लेकिन एक बात ने मुझे थोड़ा शर्मसार किया. मुझे दूसरे देश के कई लोगों ने बताया और फोटो भी दिखाई कि कैसे भारत के लड़कों ने रूस और दूसरे देश की लड़कियों की चुपके से तस्वीरें लीं.
एक अंतराराष्ट्रीय कार्यक्रम में जब एक भारतीय होने के नाते मैंने ये शिकायत सुनी तो मुझे कितनी शर्म आई होगी. क्यों इतने देशों में से सिर्फ भारत से आए लड़कों के लिए ये कहा गया होगा!
कई दूसरे देश के दोस्तों ने कहा कि वो भारत घूमने आना चाहते हैं लेकिन भारत लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है.
ये आपके लिए मनोरंजन होगा लेकिन अपने मनोरंजन के लिए देश को बदनाम ना करें.

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कैसे हिस्सा ले सकते है?
इस कार्यक्रम में 18 से 35 साल के कोई भी युवा हिस्सा ले सकते हैं.

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इसमें हिस्सा लेने के लिए हर देश में एक नेशनल कमेटी बनती है जहां आप अप्लाई कर सकते हैं.
इसके अलावा आप ऑनलाइन भी रजिस्टर कर सकते हैं.
फेस्टीवल के दौरान रहने, खाने-पीने का इंतज़ाम मेज़बान देश ही करता है.
आपके आने-जाने का इंतज़ाम आपको खुद करना होता है.
भारत में पिछली सरकारों ने हिस्सा लेने वाले छात्रों को आर्थिक मदद भी दी है.
इस बार भी युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने लगभग 150 छात्रों को वहां भेजा था.
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