कमाई में सबसे आगे है ताज

- Author, विभुराज
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
ताज महल पर चल रही बहस के बीच कई तरह की बातें कही-सुनी गईं.
लेकिन इन सब के बीच एक सवाल ये भी उठा कि भारत सरकार को ताज महल से कितनी कमाई होती है.
इसी साल 20 मार्च को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने बताया कि ताज महल से सरकारी ख़ज़ाने में तक़रीबन 17 करोड़ 87 लाख रूपए आए.
ये आमदनी 2015-16 के दौरान हुई थी.
बीजेपी नेता संगीत सोम ने हाल में ही एक बयान में कहा था कि ताज महल भारतीय संस्कृति पर धब्बा है. इस बयान को लेकर बहुत विवाद हुआ कुछ इतना की पार्टी ने कहा दिया कि ये संगीत सोम का अपना नज़रिया है और पार्टी इससे सहमत नहीं है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि ताज किसने बताया वो इसमें नहीं जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ये भारतीयों के ख़ून-पसीने से तैयार हुआ है.
मुग़लकाल की इमारतें
देश में पुरातात्विक महत्व की इमारतों को लेकर विवाद होते रहे हैं. इन विवादों को कई बार सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की जाती रही है.
लेकिन केवल ताज महल ही नहीं आगरा का किला, क़ुतुब मीनार, दिल्ली का लाल क़िला और हुमायूं का मक़बरा भी सरकार को राजस्व देने के मामले में सबसे टॉप पर हैं.

ये इमारतें मुस्लिमों के शासनकाल में बनी हैं. ताज महल और दिल्ली का लाल क़िला शाहजहां ने बनवाया था. क़ुतुब मीनार की नींव दिल्ली सल्तनत के संस्थापक क़ुतुबउद-दीन ऐबक ने रखी थी.
इन सभी पुरातत्व इमारतों से 2015-16 में करोड़ों की कमाई हुई.

इमेज स्रोत, BBC/Puneet
हम देखते हैं कि इस लिस्ट में ताज महल सबसे टॉप है और इसके बाद आगरा का किला, कुतुब मीनार, दिल्ली का लाल किला और हुमायूं का मकबरा (दिल्ली) क्रम से सबसे ऊपर है.

ये सवाल पूछा जा सकता है कि इन जगहों के रखरखाव पर सरकार कितना ख़र्च करती है.
महेश शर्मा ने 18 जुलाई, 2016 में लोकसभा में बताया था कि साल 2015-16 में ताज महल के रखरखाव पर 3.66 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए थे.
लोकसभा में महेश शर्मा ने बताया था कि ये कमाई टिकटों की बिक्री के ज़रिए हुई थी और इसकी कमाई सरकारी ख़ज़ाने में जाती है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












