कम्युनिस्ट पार्टी में पहली बार ट्रांसजेंडर

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, अभिमन्यु कमार साहा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अपने यूथ विंग में पहली बार ट्रांसजेंडर को शामिल किया है. द डेमोक्रेटिक यूथ फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के तिरुवनंतपुरम के पीएमजी यूनिट में इन्हें जगह दी गई है.
11 सदस्यीय अधिकारियों की टीम में नौ ट्रांसजेंडर हैं. यह पहली दफ़ा है जब पार्टी ने अपने संगठनों का दरवाज़ा ट्रांसजेंडरों के लिए खोला है.
पीएमजी इकाई की सचिव श्यामा एस प्रभा ख़ुद एक ट्रांसजेंडर हैं और पार्टी के इस फ़ैसले को ऐतिहासिक करार देती हैं.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "यह पहली दफा है जब ट्रांसजेंडरों को किसी राजनीतिक पार्टी की अधिकारियों की टीम में जगह मिली है. हमलोग भी राजनीति में आना चाहते हैं और लोगों के लिए काम करना चाहते हैं."
देश के ट्रांसजेंडर अभी तक संगठन बनाकर अपने मुद्दों के लिए संघर्ष करते रहे हैं. यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक पार्टी का इन्हें सहयोग मिला है.

इमेज स्रोत, Shyama S Prabha
सक्रिय राजनीति में जगह
अधिकारियों ने बताया कि 'संगठन ट्रांसजेंडरों के मुद्दे को प्रखरता से उठाएगा. इसके साथ ही सामान्य युवा की परेशानियों के लिए भी लड़ाई लड़ेगा'.
डीवाईएफआई से जुड़े नेता एडवोकेट इसाजू ने बीबीसी को बताया कि पार्टी स्तरीय बैठक में इन्हें सक्रिय राजनीति में शामिल करने का फ़ैसला लिया गया.
उन्होंने कहा, "दो महीने पहले कोच्ची में हुई बैठक में हमलोगों ने संस्थान के संविधान को बदलने और ट्रांसजेंडरों को सदस्यता देने का फ़ैसला किया था. इससे पहले ट्रांसजेंडरों को पार्टी की सदस्यता नहीं दी जाती थी.
श्यामा एस प्रभा बताती हैं कि पार्टी के संविधान संशोधन के बाद सदस्यता फ़ॉर्म में ट्रांसजेंडर का कॉलम भी जोड़ा गया है. इससे केरल के अल्पसंख्यक ट्रांसजेंडर समुदाय भी राजनीति में आने के लिए प्रेरित होगा.
इकाई के अध्यक्ष पद पर सूर्या अभिलाष को चुना गया है. सूर्या ट्रांसजेंडर हैं और कला के क्षेत्र से जुड़े हैं. वो ट्रांसजेंडर जस्टिस बोर्ड की सदस्य भी हैं.
संध्या राजेश और अस्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया है. इनके अलावा वैष्णवी, कीरथी, अचू, दीया और अभि को भी संगठन में सदस्यता दी गई है. ये सभी ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंध रखते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
एजेंडा
नई कमेटी ट्रांसजेंडरों को शैक्षिक संस्थानों और नौकरियों में अवसर मुहैया कराने के लिए काम करेगी. श्यामा एस प्रभा ने बताया कि यह उनके मुख्य एजेंडे में शामिल है.
उन्होंने कहा, "केरल में ट्रांसजेंडरों को शिक्षा और नौकरियों में मौके नहीं मिलते हैं. हमलोग इसके लिए काम करेंगे. हमलोग तो केरल लोक सेवा आयोग की नौकरियों में आवेदन तक नहीं कर पाते हैं."
"कई ट्रांसजेंडर आईएएस, आईपीएस बनना चाहती हैं. मेरे मन में भी देश की पहली ट्रांसजेंडर आईएएस बनने का सपना है. अब संगठन इसके लिए काम करेगा."
ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए यह देश में राजनीति की पहली पाठशाला मानी जा रही है. आने वाले समय में इस समुदाय की राजनीतिक सक्रियता बढ़ेगी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












