तरुण तेजपाल: पत्रकारिता, स्टिंग और रेप का आरोप

तरुण तेजपाल

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इमेज कैप्शन, तरुण तेजपाल न्यूज़ मैगज़ीन तहलका के पूर्व संपादक हैं

गोवा की एक अदालत ने न्यूज़ मैगज़ीन तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल के ख़िलाफ़ रेप के आरोप तय कर दिए हैं.

तरुण तेजपाल पर अपनी एक महिला सहकर्मी से बलात्कार का आरोप है. पश्चिमी गोवा के मापुसा की एक निचली अदालत में अब तरुण तेजपाल के ख़िलाफ़ रेप, यौन उत्पीड़न और जबरन गिरफ़्त में लेने का मुक़दमा चलेगा.

तरुण तेजपाल ने कोर्ट में ख़ुद को बेकसूर बताया है. पीड़िता ने उन पर ये आरोप लगाया है कि नवंबर, 2013 में तहलका मैगज़ीन की तरफ़ से आयोजित एक इवेंट में उनके साथ बदसलूकी की.

क़ानूनी जानकारों का कहना है कि अगर तरुण तेजपाल दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कम से कम सात साल जेल की सज़ा हो सुनाई जा सकती है. मुक़दमे की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 नवंबर तय की गई है.

रेप का आरोप लगने के बाद तरुण तेजपाल को गिरफ़्तार कर लिया गया था. सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने से पहले तरुण तेजपाल ने छह महीने जेल में बिताए थे.

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क्या है मामला

तरुण तेजपाल को इस केस में 30 नवंबर 2013 को गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आईपीसी की धारा 341 (ग़लत तरीक़े से नियंत्रण), धारा 342 (ग़लत तरीक़े से बंधक बनाना), धारा 354-ए (किसी महिला के साथ यौन दुर्व्यवहार और शीलभंग की कोशिश), धारा 376 (बलात्कार) लगाई गई है.

गोवा क्राइम ब्रांच का कहना था कि होटल की लिफ्ट के भीतर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे लेकिन लिफ्ट से बाहर लगे कैमरों से अपराध होने के बारे में पता चलता है.

तेजपाल पर आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013 की धारा 376 (2)(के) के तहत भी आरोप लगाया गया है, जिसका मतलब है कि एक ऐसे व्यक्ति के द्वारा बलात्कार की कोशिश जो महिला को काबू में करने की स्थिति में हो.

उन पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने एक ऐसी महिला के साथ बलात्कार को कोशिश की जो उन्हें अपना संरक्षक मानती थी.

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कौन हैं तरुण तेजपाल

तरुण तेजपाल के तहलका मैगज़ीन के एक स्टिंग ने तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को काफ़ी दिक़्क़तों में डाल दिया था. उस समय रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फ़र्नांडिस को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

उसी साल एशियावीक ने तेजपाल को एशिया के 50 सबसे शक्तिशाली पत्रकारों में एक माना. बिज़नेस वीक ने उन्हें एशिया के उन 50 नेताओं में से एक माना जो एशिया में होने वाले बदलाव के अगुआ हैं.

इस स्टिंग के सामने आने के 20 महीने बाद ब्रिटेन के गार्डियन अख़बार ने इस स्टिंग की तुलना अमरीका के 'वाटरगेट' मामले से करते हुए तेजपाल को भारत का "सबसे सम्मानित" पत्रकार कहा था.

एक सैन्य अधिकारी पिता के बेटे और पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक तेजपाल के लिए अब यह सब किसी धुंधले अतीत की बातें प्रतीत होती हैं.

सफ़ेद दाढ़ी और चुटिया रखने वाले सिलेब्रिटी पत्रकार तेजपाल तहलका शुरू करने से पहले अपने करियर के दौरान अपनी वर्तमान प्रतिद्वंद्वी पत्रिकाओं इंडिया टुडे और आउटलुक में काम कर चुके हैं.

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