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हरियाणा सरकार ने फ़िर खोला रायन इंटरनेशनल स्कूल, बच्चे नदारद
- Author, सरोज सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल की जिम्मेदारी संभालने के बाद आज 10 दिन बाद स्कूल को एक बार फ़िर खोला गया है.
इसी बीच केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई, एनसीइआरटी, केंद्रीय विद्यालय और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक की.
इस मीटिंग में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूद वर्तमान उपायों की समीक्षा करने के साथ नए सुझाव रखे गए हैं.
मेनका गांधी ने ट्वीट करके बताया है कि छह मंत्रालयों के सचिवों वाली कमेटी बनाई जाएगी.
ये कमेटी स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुझावों के लागू होने पर ध्यान देगी.
लेकिन 10 दिन बाद खुलने के बावजूद स्कूल में आज केवल ढाई सौ बच्चे ही पहुंचे. जबकि रायन स्कूल में तकरीबन 1300 बच्चे पढ़ते है.
8 सितंबर को रायन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की स्कूल में ही हत्या हो गई थी. इसके बाद स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा था.
कैसा था स्कूल का पहला दिन
सोमवार सुबह आठ बजे, जब गुरुग्राम के सोहना रोड स्थित रायन स्कूल में दस दिनों के बाद बच्चे पहुंचे तो स्कूल के बाहर वो चहल पहल नहीं थी, जैसी आठ सितंबर के पहले होती थी.
हालांकि, स्कूल की बसें पहले की तरह ही स्कूल से निकली लेकिन वापस पहले के मुकाबले खाली लौटीं. इसकी वजह जानने के लिए बीबीसी ने वहां पहुंचे कुछ अभिभावकों से बात की.
पहली क्लास में पढ़ने वाले एक बच्चे के पिता राजकुमार ने बीबीसी को बताया कि आज भी बच्चे की जेहन में चाकू वाले डाकू का डर बैठा हुआ है.
राजकुमार ने बीबीसी को यह भी बताया कि स्कूल खुलने के पहले स्कूल प्रबंधन, गुरुग्राम के उपायुक्त और अभिभावकों के बीच एक बैठक भी हुई थी, जिसमें अभिभावको को बताया गया कि स्कूल में सब कुछ दुरुस्त होने में 10 दिन का वक्त और लगेगा. इसलिए राजकुमार ने निश्चय किया है कि दस दिनों के बाद ही अपने बच्चे को स्कूल भेजेंगें. आज वो स्कूल में सुरक्षा का मुआयना करने आए थे.
स्कूल बंद होने से पहले ही घर पहुंचे बच्चे
सुबह आठ बजे, जो गिने चुने अभिभावक बच्चों को स्कूल छोड़ने आए थे, उसमें से अधिकतर ने स्कूल के बंद होने का इंतजार भी नहीं किया और बच्चों को पहले ही स्कूल से लेने आ गए.
तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे के पिता राजेश खतना के मुताबिक उनका बेटा सबुह खुश होकर स्कूल आया था. लेकिन घंटे भर बाद ही स्कूल से फोन आया कि बच्चे को घबराहट महसूस हो रही है और इसलिए आकर ले जाएं.
राजेश ने बीबीसी को बताया कि स्कूल ने आज काउंसिलिंग की व्यवस्था भी की थी. लेकिन बच्चे अब भी डरे सहमे से हैं.
हालांकि कुछ अभिभावक ऐसे भी थे जिन्हें लगा कि स्कूल प्रशासन अपनी गलतियों से सबक लेगा और आने वाले दिनों में स्कूल प्रबंधन और मजबूत होगा.
कक्षा पांचवी में पढ़ने वाले छात्र के पिता राजेश कुमार सिंह ने बीबीसी से बात करते कहा, "दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है, उम्मीद है रायन स्कूल के प्रशासन ने भी ये कहावत अब अमल में लाई होगी. लेकिन जरुरत है दूसरे स्कूल वाले इस घटना से सबक लें."
बच्चों के घरवालों का स्कूल पर भरोसा कायम
स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने के बाद गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित भी किया.
उनके मुताबिक स्कूल को दोबारा शुरू करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि स्कूल का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो.
गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने ये भी कहा, "स्कूल में पढ़ने वाले कुछ अभिभावकों ने ही स्कूल दोबारा शुरू करने की गुजारिश की थी. लेकिन आज केवल 20 फीसदी ही बच्चे पहुंचे थे. इसलिए देर शाम तक हम अभिभावकों को इस बावत सूचित करेंगे कि मंगलवार को स्कूल बंद रहेगा या फिर खुलेगा."
सिंह ने बीबीसी को यह भी बताया कि आठ सितंबर से आज तक स्कूल से अपने बच्चे को निकालने या फिर ट्रांसफर के लिए किसी अभिभावक ने आधिकारिक चिट्ठी नहीं दी है.
रायन स्कूल में जल्द होगी पेरेंट टीचर मीटिंग
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने सभी अभिभावकों से अपील की कि उनकी सभी चिंताएं जायज है, लेकिन अब हरियाणा सरकार ने प्रबंधन का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है. परिस्तिथियां आने वाले दिनों में सुधरेंगी.
अभिभावकों की सभी शंकाएं दूर करने के लिए 23 सिंतबर को रायन स्कूल के प्रबंध ने पेरेंट टीचर की मिटिंग भी रखी गई है. इसके आलावा सीबीएसई की तरफ से रायन स्कूल की मान्यता रद्द करने का जवाब भी अब हरियाणा सरकार का स्कूल शिक्षा निदेशालय ही देगा.
हरियाणा सरकार की तरफ से रायन स्कूल की घटना के बाद स्कूलों को स्कूल स्फेटी गाइडलाइन जारी किए गए है, जिनका सभी स्कूलों को पालन करना अनिवार्य है.
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