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सरदार सरोवर बांध पर मोदी का भाषण: 10 बड़ी बातें
जिस बांध का सपना देश की आज़ादी से पहले देखा गया था, उसे पूरा होने में सत्तर से ज़्यादा बरस लग गए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को औपचारिक रूप से सरदार सरोवर बांध राष्ट्र को समर्पित कर दिया.
मोदी इस बांध के उद्घाटन के लिए रविवार को गुजरात के दभोई के केवडिया कॉलोनी थे.
आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव के लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये एक अहम कार्यक्रम था.
10 ख़ास बातें
- सरदार पटेल ने बहुत पहले इस बांध का सपना देखा था. सरदार पटेल जीवित होते तो 60-70 के दशक में ही बांध बन जाता. आज सरदार पटेल का सपना पूरा हुआ. अड़चनों के बावजूद सरदार सरोवर बांध बनाकर ही दम लिया.
- सरदार पटेल और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को जल्दी खोना देश का दुर्भाग्य. दोनों महापुरुषों ने किसानों की ज़रूरतों और जलशक्ति को समझा था.
- सरदार साहब को देश को आज़ादी दिलाने का वो श्रेय नहीं मिला जिसके वह हक़दार थे.
- बांध के बनने में गुजरात के साधु-संतों की भी भूमिका. जब वर्ल्ड बैंक ने पैसे देने से मना कर दिया था, तब गुजरात के मंदिरों ने पैसा दिया, लेकिन बांध का काम रुकने नहीं दिया.
- सूखे और बाढ़ की समस्या को खत्म करेगा सरदार सरोवर बांध
- मैं जन्मदिन मनाने वालों में से नहीं, लेकिन जब जन्म दिन और विश्वकर्मा जयंती साथ हो, ऐसा पल इतने सालों में मेरे जीवन में कभी नहीं आया, जो आज गुजरात ने मुझे दिया है.
- ये नर्मदा का पानी, पानी नहीं पारस है. जब पारस का स्पर्ष लोहे से होता है तो लोहा भी सोना भी हो जाता है.
- जब-जब दल से बड़ा देश रहा है, नर्मदा परियोजना आगे बढ़ी, लेकिन जब-जब देश से बड़ा दल को समझने वालों का शासन रहा, परियोजना में अड़चनें आईं.
- सरदार साहब की प्रतिमा अमरीका में स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी से भी दोगुनी ऊंची होगी.
- अपनी ज़मीन देने वाले आदिवासी भाइयों का आभार प्रकट करता हूँ.
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