सरदार सरोवर बांध: मोदी के हाथों पूरा हुआ नेहरू का सपना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के केवडिया में सरदार सरोवर बांध को राष्ट्र को समर्पित किया.

सरदार सरोवर बांध भारत के इतिहास की शायद सबसे विवादास्पद परियोजना रही है. इसका सपना भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देखा था.

लेकिन कई तकनीकी और कानूनी अड़चनों के चलते ये लटकती रही और आख़िरकार 1979 में इसकी घोषणा हुई.

नर्मदा बनने पर बनने वाले इस सबसे बड़े बांध के ख़िलाफ़ विरोध की जबर्दस्त लहर भी उठीं.

विरोध और लंबी मुकदमेबाज़ी के कारण परियोजना को वक्त पर पूरा करने में काफी वक्त लगा.

पांच ख़ास बातें

  • सरदार सरोवर बांध भारत की सबसे बड़ी जल संसाधन परियोजना है.
  • महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे बड़े राज्य इससे जुड़े हुए हैं.
  • पानी डिस्चार्ज करने की क्षमता के लिहाज से ये दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बांध है.
  • प्रोजेक्ट से जुड़ी 532 किलोमीटर लंबी नर्मदा मुख्य नहर दुनिया की सबसे लंबी सिंचाई नहर है.
  • सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के मुताबिक़ कंक्रीट से बना सरदार सरोवर डैम भारत का तीसरा सबसे ऊंचा बांध होगा. तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इसकी ऊंचाई 121 से 138.62 मीटर बढ़ाने की घोषणा की थी.

पांच फ़ायदे

  • सरदार सरोवर डैम से गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों के एक बड़े हिस्से की सिंचाई हो सकेगी.
  • राजस्थान और गुजरात की एक बड़ी आबादी को नर्मदा का पानी पीने के लिए मिलेगा.
  • सरदार सरोवर परियोजना से 1450 मेगावॉट बिजली के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
  • गुजरात के जिन इलाकों पर बाढ़ का ख़तरा रहता है, ये बांध उन्हें इससे भी बचाएगा.
  • शूलपानेश्वर, जंगली गधा, काला मृग जैसे वन्य जीव अभ्यारण्यों को भी इससे लाभ होगा.

परियोजना से जुड़े 5 विवाद

  • सरदार सरोवर बांध के विरोध में मेधा पाटेकर की अगुवाई में नर्मदा बचाओ आंदोलन वजूद में आया.
  • आंदोलन का कहना था कि इस प्रोजेक्ट से दो लाख से ज्यादा लोग विस्थापित होंगे और क्षेत्र के पर्यावरण तंत्र पर प्रभाव पड़ेगा.
  • कुछ वैज्ञानिकों ने ये भी दलील दी कि बड़े बांधों के निर्माण से भूकंप का ख़तरा बढ़ सकता है.
  • बांध विरोधी कार्यकर्ताओं को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब 1993 में विश्व बैंक ने सरदार सरोवर परियोजना से अपना समर्थन वापस ले लिया.
  • अक्टूबर, 2000 में सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बाद सरदार सरोवर बांध का रुका हुआ काम एक बार फिर से शुरू हुआ.

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