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शौच के लिए गई छात्रा के साथ दुष्कर्म, एक गिरफ़्तार
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
रुख़साना (बदला हुआ नाम) के बाएं हाथ पर सुर्ख़ लाल मेहंदी बहुत खिल रही थी लेकिन उनका हाथ बेजान पड़ा था. वो बिहार की राजधानी पटना के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं.
दसवीं में पढ़ने वाली रुख़साना का शरीर सूजा हुआ है. उनके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म हुआ है.
कभी-कभार वो एक-दो शब्द कहती हैं. वो बताती हैं कि वो ठीक हैं, उन्हें खाना मिलता है और वो सोना चाहती हैं.
भाई को है न्याय की उम्मीद
आईसीयू के बाहर रुख़सार के बड़े भाई पूछने वालों को पूरी घटना बता रहे हैं. बार-बार बताने पर भी वो थकतं नहीं. बल्कि हर बार जब वो बताते हैं तो उनका ये विश्वास बढ़ता जाता है कि उनकी बहन को न्याय मिलेगा.
दरअसल 16 जून को तड़के तक़रीबन ढाई बजे रुख़साना शौच के लिए घर से बाहर निकली थी. बहुत देर तक जब वो वापस नहीं आई तो घरवालों को चिंता हुई.
रुख़साना के बड़े भाई बताते हैं, "हमने उसको ढूंढना शुरू किया. थोड़ी देर बाद मालूम चला कि किऊल स्टेशन पर किसी लड़की को चलती ट्रेन से फेंक दिया गया है."
वो कहते हैं, "मैं जब अपने छोटे भाई के साथ वहां गया तो देखा पटरी पर खून से लथपथ मेरी छोटी गुड़िया रानी ही पड़ी थी."
सुरक्षा तो दूर की बात इलाज़ भी है मुश्किल
16 साल की रुख़साना के घरवालों ने पहले उनका इलाज स्थानीय स्तर पर ही कराया. लेकिन जब हालात में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 17 जून की रात पटना चिकित्सा महविद्यालय अस्पताल (पीएमसीएच) लाया गया.
रुख़साना के भाई कहते हैं, "हम उसे बिहार के सबसे बड़े अस्पताल ले आए, लेकिन स्त्री विभाग कहता था हम भर्ती नहीं लेंगें और इमरजेंसी कहता था कि हम नहीं लेंगे."
वो बताते हैं, "काफी हो-हंगामा के बाद यहां इमरजेंसी में भर्ती किया गया है. अब गरीब आदमी को इलाज भी नहीं मिलेगा क्या, उसकी बहन बेटियों को सुरक्षा को दूर की बात है."
मेडिकल रिपोर्ट आने पर होगी दुष्कर्म की पुष्टि
घरवालों की मानें तो 6 लोगों ने रुख़साना के साथ दुष्कर्म किया.
रुख़साना के बयान के आधार पर 2 लोगों मिथुनंजय कुमार और संतोष कुमार के खिलाफ़ नामजद एफ़आईआर और 4 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई गई है.
लखीसराय के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बीबीसी से कहा, "इस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी हो गई है और दूसरे की तलाश जारी है. अनुसंधान किया जा रहा है और प्राप्त होने वाले तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी. बाकी जहां तक दुष्कर्म की बात है तो इसकी पुष्टि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी."
कई हड्डियां टूटीं लेकिन ख़तरे से बाहर
वहीं, पीएमसीएच के अधीक्षक लखिन्द्र प्रसाद के मुताबिक पीड़िता की हालत अब ख़तरे से बाहर है.
लखिन्द्र प्रसाद ने कहा, "उनको मल्टीपल फ्रैक्चर है लेकिन इंटरनल पार्ट में कोई चोट नहीं है. बाकी गाइनोकोलिजस्ट ने भी उनकी जांच की है और कोई समस्या नहीं है, ऐसा बताया है."
वो कहते हैं, "पीड़िता को ठीक होने में 2 से 3 महीने लगेंगे क्योंकि हड्डियां टूटी हुई है."
बीजेपी की मांग- उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड बने नहीं तो अनशन
पीड़िता से मिलने पहुंची बीजेपी नेता उषा विद्यार्थी के मुताबिक़, "हमारी मांग है कि पीड़िता के इलाज के लिए एक उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड बने, सभी आरोपियों को कड़ी सजा मिले."
उनका कहना है, "अगर सरकार ये बातें नहीं मानती है तो 21 जून को प्रदेश बीजेपी पटना में अनशन पर बैठेंगें."
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