कश्मीर: सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में प्रदर्शनकारी की मौत

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से
भारत प्रशासित कश्मीर में श्रीनगर के पास एक एनकाउंटर ऑपरेशन के दौरान पत्थरबाज़ी की घटना में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है.
ये ऑपरेशन को श्रीनगर से 35 मील दूर बिजबिहारा कस्बे हो रहा था.
अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चरमपंथियों को भागने में मदद करने के लिए सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके.
घटना के चश्मदीद गवाह मुश्ताक़ सोफ़ी ने इस बारे में बीबीसी से फोन पर बात की.

इमेज स्रोत, EPA
उन्होंने बताया, "स्थानीय चरमपंथियों के फंसने पर कई स्थानीय लोगों ने एनकाउंटर की जगह पर पहुंचकर भारत विरोधी नारे लगाए और सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. सुरक्षाबलों ने पैलट गन, आंसू गैस और गोलियां चलाईं. इस घटना में दर्जनों लोगों को चोटें आईं हैं और एक व्यक्ति की अस्पताल पहुंचने पर मौत हो गई है."

इमेज स्रोत, Riyaz Masroor
अस्पताल प्रशासन ने इस घटना में मरने वाले युवक की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद अशरफ़ के रूप में की है जिनकी मौत पैलट गन के छर्रे लगने और गोली लगने से हुई है. पुलिस और सेना के अधिकारियों के मुताबिक ये ऑपरेशन अभी भी चल रहा है.
इससे पहले गुरुवार की रात अनजान हमलावरों ने श्रीनगर और कुलगाम ज़िले में दो पुलिसवालों को मार दिया था.

इमेज स्रोत, EPA
श्रीनगर के हैदरपुरा क्षेत्र में पुलिस पार्टी पर हमले के दौरान पुलिस कांस्टेबल शहज़ाद अहमद की मौत हो गई.

इमेज स्रोत, EPA
बांदीपुरा के स्थानीय फोटोग्राफ़र एजाज़ उल हक़ ने बताया है कि बांदीपुरा में हुए अहमद के जनाज़े में भारी संख्या में लोग शामिल हुए.
कुलगाम ज़िले में गुरुवार दोपहर एक अन्य पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

इमेज स्रोत, EPA
वहीं, रंग्रेथ इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में घायल होने के बाद एक युवा लड़के की मौत हो गई.
घाटी में हिंसा फैलने के बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करने के साथ इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है.
इसी बीच अधिकारियों ने एक बार फिर स्थानीय लोगों को एनकाउंटर वाली जगहों से दूर रहने को कहा है.
श्रीनगर स्थित एक विश्लेषक शबीर युसूफ़ कहते हैं, "भारतीय सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा है आतंकवादियों के ख़िलाफ़ जारी ऑपरेशन में बाधा डालने वालों के साथ सख़्ती से निपटा जाएगा. इसके बावजूद ये 16वीं बार हो रहा है जब लोग एनकाउंटर साइट पर पहुंचे हैं और चरमपंथियों को सुरक्षाबलों का घेरा तोड़ने में मदद की है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












