ये हैं योगी आदित्यनाथ के सिपहसालार

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प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता चुने गए योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल समेत रविवार को शपथ ली.
उनके साथ दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.
मंत्रिमंडल में 22 कैबिनेट मंत्री, 13 राज्यमंत्री और 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं. पांच महिलाओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

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47 सदस्यों वाले इस मंत्रिमंडल में मुस्लिम समुदाय से सिर्फ एक नाम मोहसिन रज़ा को शामिल किया गया है. उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है.
कौन-कौन कैबिनेट मंत्री
- चेतन चौहान - क्रिकेटर से राजनीति में उतरे चौहान दो बार के सांसद रह चुके हैं.
- लक्ष्मी नारायण चौधरी- पहले भी मंत्री रह चुके हैं. वो मथुरा की छाता सीट से जीते हैं.
- श्रीकांत शर्मा- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं. वो मथुरा से जीतकर पहुंचे हैं.
- एसपी सिंह बघेल- बघेल लोकसभा और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं.
- राजेश आग्रवाल- वो बरेली कैंट से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.
- धरमपाल सिंह
- सुरेश खन्ना
- आशुतोष टंडन- वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के बेटे हैं. लखनऊ पूर्व से विधायक बने.
- बृजेश पाठक- भाजपा में शामिल होने से पहले दो बार बसपा के सांसद रह चुके हैं. उन्होंने सेंट्रल लखनऊ से सपा के उम्मीदवार को हराया.
- रीता बहुगुणा जोशी- इन्होंने सपा की अपर्णा यादव को हराया. चुनाव से काफी पहले ही वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था.
- मुकुट बिहारी वर्मा- बसपा के ख़ालिद ख़ान को शिकस्त दी. उन्होंने बहराइच के कैसरगंज सीट से दूसरी बार चुनाव जीता.
- रमापति शास्त्री-पहले भी मंत्री रह चुके हैं.
- सतीश महाना- वो पहले सदन में भाजपा के उप-नेता रह चुके हैं.
- सत्यदेव पचौरी- कानपुर की गोविंदनगर सीट से जीते हैं. पचौरी छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं.
- जय प्रकाश सिंह
- स्वामी प्रसाद मौर्य- चुनाव के ठीक पहले बसपा से बग़ावत कर भाजपा में शामिल हुए थे.
- सूर्य प्रताप शाही
- दारा सिंह चौहान- साल 2015 में भाजपा का हाथ थामने वाले चौहान ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के मधुबन (घोसी संसदीय क्षेत्र) सीट से चुनाव जीता है.
- राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह)- वो चौथी बार विधायक बने हैं.
- सिद्धार्थनाथ सिंह- इलाहाबाद पश्चिम सीट से जीते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती हैं.
- नन्द कुमार नंदी- इलाहाबाद दक्षिण से जीते हैं.
- ओम प्रकाश राजभर- सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से जुड़े हैं. भाजपा ने इस पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था.

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कौन-कौन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
- अनुपमा जायसवाल- बहराइच सीट से चुनाव जीता.
- सुरेश राणा- साल 2013 में मुज़फ़्फ़रनगर दंगे के वक़्त उन पर आरोप लगे थे.
- उपेंद्र तिवारी- बलिया के फ़ेफ़ना से जीते हैं. दूसरी बार जीतने वाले तिवारी योगी के क़रीबी माने जाते हैं.
- महेंद्र सिंह- भाजपा के असम के प्रभारी हैं.
- स्वतंत्रदेव सिंह- वो कुर्मी समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. बुंदेलखंड की कालपी सीट से जीते हैं.
- भूपेंद्र सिंह चौधरी (स्वतंत्र प्रभार)- चौधरी मुरादाबाद सीट से जीतकर पहुंचे हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अब तक चार बार मंत्री रह चुके हैं.
- धरम सिंह सैनी
- अनिल राजभर- वाराणसी के शिवपुर से विधायक बने.
- स्वाति सिंह- पहली बार विधायक बनीं स्वाति, दयाशंकर की पत्नी हैं जिन पर मायावती के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगा था.
कौन-कौन राज्य मंत्री
- गुलाब देवी- चंदौसी से विधायक बनी हैं. उन्होंने चौथी बार चुनाव जीता है.
- जय प्रकाश निषाद- देवरिया के रुद्रपुर से विधायक निषाद मल्लाह समुदाय से आते हैं.
- अर्चना पांडे- सपा के गढ़ कन्नौज की छबरा मऊ सीट से चुनाव जीता.
- जय कुमार सिंह जैकी- अपना दल से विधायक बने हैं.
- अतुल गर्ग- गाज़ियाबाद से बसपा उम्मीदवार को शिकस्त देकर बने विधायक.
- रणवेंद्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह)- हुसैनगंज सीट से जीतकर बने विधायक.
- नीलकंठ तिवारी- दक्षिण वाराणसी से चुनाव जीते.
- मोहसिन रज़ा- पूर्व क्रिकेटर, योगी मंत्रिमंडल का इकलौता मुस्लिम चेहरा.
- गिरीश यादव- जौनपुर सदर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.
- बलदेव ओलख - योगी कैबिनेट के पहले सिख मंत्री. वो रामपुर से जीतकर आए हैं.
- मन्नु कोरी - ललितपुर के महरौनी से विधायक.
- संदीप सिंह- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र हैं और अलीगढ़ की अतरौली सीट से विजयी हुए.
- सुरेश पासी- अमेठी के जगदीशपुर से चुनाव जीते हैं.












