प्रेस रिव्यू: '2050 तक दुनिया में मुस्लिम आबादी सबसे ज़्यादा भारत में'

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दैनिक भास्कर में छपी एक ख़बर के मुताबिक अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक साल 2050 तक दुनिया में मुस्लिम आबादी सबसे ज़्यादा भारत में होगी, जो 30 करोड़ तक पहुंच जाएगी. इसके बावजूद भारत में हिंदू धर्म को मानने वाले ही बहुसंख्यक रहेंगे.
फ़िलहाल इंडोनेशिया सबसे ज़्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है जहाँ लगभग 25 करोड़ मुसलमान रहते हैं.
द फ्यूचर ऑफ़ वर्ल्ड रिलीजन रिपोर्ट में कहा गया है, "2050 तक दुनिया की आबादी 35 फ़ीसदी की दर से बढ़ेगी. अगर मौजूदा वृद्धि दर 2050 के बाद भी बरकरार रहती है तो 2070 तक दुनिया में सबसे ज़्यादा लोग मुस्लिम धर्म को मानने वाले होंगे."

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रिपोर्ट कहती है, "2010 में दुनिया में 1.6 अरब मुस्लिम और 2.17 अरब ईसाई थे. अगर दोनों धर्म अपनी मौजूदा ग्रोथ रेट के मुताबिक बढ़ते रहे तो 2070 तक इस्लाम को मानने वालों की तादाद ईसाइयों से ज़्यादा होगी. तीसरे नंबर पर हिन्दू धर्म के अनुयायी होंगे."
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में भी मुस्लिम आबादी बढ़ेगी. अभी अमेरिका में मुस्लिमों की आबादी आबादी का करीब 1 फ़ीसदी है और 2050 तक इसके 2.1 फ़ीसदी होने का अनुमान है.

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जनसत्ता अख़बार में रिपोर्ट है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी और आइसा के बीच जारी गतिरोध और राष्ट्रवाद और स्वतंत्र अभिव्यक्ति को लेकर हो रही बहस पर राष्ट्रपति ने टिप्पणी की है.
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय परिसरों में स्वतंत्र चिंतन की वकालत की है. उन्होंने कहा कि अशांति की संस्कृति का प्रचार करने के बदले छात्रों और शिक्षकों को तार्किक चर्चा और बहस में शामिल होना चाहिए.
राष्ट्रपति ने महिलाओं पर हमले, असहिष्णुता और समाज में गलत चलनों को लेकर भी आगाह किया है. उन्होंने कहा कि देश में 'असहिष्णु भारतीय' के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह राष्ट्र प्राचीन काल से ही स्वतंत्र विचार, अभिव्यक्ति और भाषण का गढ़ रहा है.
मुखर्जी ने कहा कि अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मौलिक अधिकारों में से एक है. वैध आलोचना और असहमति के लिए हमेशा स्थान होना चाहिए.

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हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर है कि गुड़गांव में नेशनल हाईवे पर मौजूद रेस्त्रां और बार में शराब बिकती रहेगी.
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बुधवार को हरियाणा सरकार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक 1 अप्रैल से देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में आनेवाली दुकानों में शराब बिकने पर पाबंदी है, लेकिन इन जगहों पर रेस्त्रां और बार में शराब पहले की तरह परोसी जाती रहेगी.
हरियाणा के अधिकारी ने कहा है कि वे इस सलाह का पालन करेंगे.
शराब पीकर गाड़ी चलाने से होनेवाली दुर्घटनाओं के देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 15 दिसंबर को फ़ैसला दिया था कि नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब की दुकानों के लाइसेंसों का 31 मार्च 2017 के बाद नवीनीकरण नहीं होगा.
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