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प्रेस रिव्यू: 13,260 करोड़ का कालाधन उजागर करने वाला फ़रार
हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि गुजरात के अहमदाबाद के एक रीयल एस्टेट व्यापारी ने सितंबर में 13,260 करोड़ रुपये की अघोषित आय का ब्यौरा दिया था जब सरकार ने इनकम डिक्लेरेशन स्कीम चलाई थी.
अब वो फ़रार हैं और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की है.
67 वर्षीय महेश शाह को 13,260 करोड़ की अघोषित आय पर 30 नवंबर तक 1000 करोड़ रुपए से ज़्यादा की इनकम टैक्स की पहली किश्त जमा करनी थी जो उन्होंने नहीं की.
पुलिस ने महेश शाह के चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ़्तर और रिश्तेदारों के घरों पर तलाशी ली है.
अपाजी अमीन एंड कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट तेहमुल सेठना ने कहा, "आयकर अधिकारियों को शक है कि मुझे शाह के बारे में जानकारी होगी और उनका पैसा कहां है. लेकिन मुझे कुछ पता नहीं है. मेरी भूमिका सिर्फ फ़ॉर्म भरने और आयकर विभाग के सामने उनकी आय घोषित करने तक है."
सरकार ने एमनेस्टी स्कीम में कहा था कि अघोषित आय बताने वाले की पहचान ज़ाहिर नहीं की जाएगी, लेकिन महेश शाह डिफ़ॉल्टर हो गए हैं इसलिए उनका नाम सामने आ गया है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ख़बर दी है कि अगर दिल्ली में अगर 48 घंटों में वायु प्रदूषण का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के पीएम 2.5 आपात स्तर के ऊपर जाएगा तो विवादित ऑड-ईवन स्कीम स्वत: लागू हो जाएगी.
इसके अलावा सभी निर्माण कार्यों पर भी रोक लग सकती है.
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वायु प्रदूषण को लेकर ग्रेडेड ऐक्शन प्लान रखा जिसे स्वीकृति मिल गई.
अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली में निजी वाहनों पर ऑड -ईवन योजना लागू की थी जिसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. इसमें ऑड तारीख को ऑड नंबर वाली गाड़ी और ईवन तारीख को ईवन नंबर वाली गाड़ी ही चलाने का नियम था.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से चीफ़ जस्टिस टीएस ठाकुर और जस्टिस एके सीकरी और एसए बोबडे की पीठ के समक्ष एक्शन प्लान अधिसूचित करने का आदेश दिया था.
इससे पहले वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों की बिक्री पर भी रोक लगाई जा चुकी है.
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि सिनेमा घरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य करने के बाद अदालतों में राष्ट्रगान बजाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उस आदेश को विस्तारित नहीं किया जा सकता.
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को अनिवार्य रूप से बजाए जाने का आदेश दिया था जिसके बाद एक वकील अश्वनी उपाध्याय ने याचिका दायर की थी कि सिनेमा घरों की तरह देशभर की अदालतों में कामकाज शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाए.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "तुम कौन हो? सही या ग़लत तरीके से हमने ये आदेश दिया था...इसे विस्तारित नहीं किया जा सकता..ये क्या है? हम ये नहीं चाहते.''
द हिंदू ने लिखा है कि पिछले 47 साल से देश का अकेला संस्कृत 'सुधर्मा' प्रकाशित किया जा रहा है, इसका ई-पेपर भी है लेकिन आमदनी घटती जा रही है.
राजनीति, खेल और संस्कृति पर ख़बरें देने वाला 'सुधर्मा' बढ़ते खर्च और विज्ञापन से होने वाली घटती आय के कारण ज़िंदा रहने की लड़ाई लड़ रहा है.
3,000 लोगों तक दो पन्नों का ये अख़बार डाक से भेजा जाता है और दस साल से इलेक्ट्रॉनिक पेपर भी उपलब्ध है जिसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1.5 लाख पाठक हैं लेकिन कोई आमदनी नहीं है.
अख़बार के संपादक मैसुरू के संपत कुमार का कहना है कि अख़बार छापना हर रोज़ एक जंग के समान है.
उनका कहना है कि उनका दिल नहीं करता कि वो इसे बंद करें, लेकिन सरकारी मदद और विज्ञापनों की कमाई काफ़ी नहीं है.
डीएनए ने लिखा है कि 117 हिंदू पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों के करीब 16 लाख रुपए के पुराने और नए नोट जलकर ख़ाक हो गए.
27 नवंबर को दिल्ली के मजनूं का टीला इलाके में 28 झोपड़ियों में आग लग गई जिसमें ये नकदी जल गई.
अब ये लोग सरकार से मुआवज़े का इंतज़ार कर रहे हैं.
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