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ज़ाकिर हुसैन को ग्रैमी पुरस्कार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एआर रहमान को बाफ़्टा में मिली सफलता के बाद भारत के जानेमाने तबलावादक उस्ताद ज़ाकिर हुसैन को प्रतिष्ठित ग्रैमी पुरस्कारों में भागीदारी मिली है. 'ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट' नाम की एलबम को सर्वश्रेष्ठ समकालीन विश्व संगीत एलबम श्रेणी का पुरस्कार मिला है. इस एलबम पर ज़ाकिर हुसैन ने तीन अन्य कलाकारों के साथ मिलकर काम किया था जिसमें शामिल हैं रॉक बैंड ग्रेटफुल डेड के मिकी हार्ट, नाइजीरिया के सिकिरू अदेपोजू और पोर्तो रिको के गिओवानी हिदाल्गो के साथ मिला है. मिकी हार्ट और ज़ाकिर हुसैन ने इससे पहले एलमब प्लेनट ड्रम पर एक साथ काम किया था जो 1991 में रिलीज़ हुई थी. भारत की ओर से ज़ाकिर हुसैन को ग्रैमी पुरस्कार मिला लेकिन ग्रैमी में नामांकित दूसरे भारतीय संगीतज्ञ इतने भाग्यशाली नहीं रहे. सर्वश्रेष्ठ पारंपरिक विश्व संगीत की श्रेणी में गिटारवादक देबाशीष भट्टाचार्य और गायिका लक्ष्मी शंकर को नामांकित किया गया था लेकिन दोनों में से किसी को भी ग्रैमी नहीं मिल सका. यह पुरस्कार दक्षिण अफ़्रीका के गायन समूह लेडीस्मिथ ब्लैक मंबाज़ो को मिला है. इसके अलावा जैज़ संगीतज्ञ लुई बैंक्स को भी नामांकन मिला था. इससे पहले पंडित रवि शंकर और पंडित विश्व मोहन भट्ट विभिन्न श्रेणियों में अवॉर्ड जीत चुके हैं. |
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