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'दाढ़ी-मूंछ अब अतीत की बात हुई' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मर्दों की आन, बान, शान और पहचान मानी जाने वाली दाढ़ी और मूंछें, परंपरा का भी प्रतीक रहीं हैं. कहावत भी प्रचलित है - 'मूंछें हों तो नथ्थू लाल जैसी..' लेकिन अब इस परंपरा से नई पीढ़ी दूर होती जा रही है. एक नई किताब 'हेयर इंडिया' के अनुसार देश का पुराना और प्रसिद्ध हेयर स्टाईल धीरे-धीरे लुप्त होता जा रहा हैं और इस डिजिटल युग में 'क्लीन शेव' होने का चलन हावी है. किताब के अनुसार भारत में परंपरागत रुप से दाढ़ी मूंछें जवानी का प्रतीक मानी जाती हैं. लेकिन अब नौजवान मूंछें और दा़ढ़ी रखना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि उन्हे लगता है कि ये दाढ़ी-मूंछें उनकी उम्र बढ़ा देते हैं. शहरीकरण का असर 'हेयर इंडिया' के मुताबिक़ जैसे-जैसे भारत में शहरीकरण और 'क्लीन शेव' का चलन बढ़ रहा है. किताब के लेखक रिचर्ड मैक्कैलम का कहना है कि चिकने गाल नौजवानों में अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं और इनके रोल मॉडल दाढ़ी मूंछ वाले लोग नहीं हैं. रिचर्ड मैक्कैलम कहते हैं, "दाढ़ी और मूंछें आधुनिक भारत की कहनी बताती हैं - कैसे भारतीय नौजवान पश्चिमी तौर-तरीके अपना रहे हैं, एक समान दिख रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही पुरानी परंपरा और प्यार अभी बाक़ी हैं." मैक्कैलम के अनुसार भारत में लड़कों के बड़े होने को अहम माना जाता है. जब हमने दाढ़ी-मूंछ के विषय पर लोगों से बात की तो हम कई नई जगहों और लोगों के बीच जा पहुँचे." किताब के अनुसार मूछें बाल के अनुसार रखी जाती हैं. इसमें दुनिया में सबसे लंबी दाढ़ी 1.6 मीटर और सबसे लंबी मूंछ के दावों का भी ज़िक्र है. लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कैसे आम आदमी, छोटे दुकानदार और रिक्शा चालक भाँति-भाँति की मूंछें और दाढ़ी रखते हैं. किताब में ये भी बताया गया है कि सिख सुमदाय आज भी गर्व के साथ दाढ़ी और मूंछें रखता है. | इससे जुड़ी ख़बरें लंबी मूँछों वाला चंदन तस्कर19 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस रावण के पुतलों की 'मंडी'20 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस एक उम्मीदवार ऐसा भी05 मई, 2006 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ में हैं औषधीय चावल की कई प्रजातियाँ10 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस गंजापन और ब्रिटेन के चुनाव28 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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