BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 19 अक्तूबर, 2004 को 15:08 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
लंबी मूँछों वाला चंदन तस्कर
वीरप्पन
वीरप्पन पर दो हज़ार हाथियों को मारने का आरोप
भारत के अपराधी वीरप्पन की पुलिस को 120 हत्या के मामलों में तलाश थी.

लंबा छरहरा और लंबी मूँछों वाला यह शख्स सबसे क्रूर और ज़ोखिम मोल लेने वाला अपराधी माना जाता था.

वीरप्पन ने अपराध की दुनिया में क़दम हाथी दाँत बेचने से रखा. माना जाता है कि जब वह 14 साल का था तब उसने पहला हाथी मारा था.

लोग मानते हैं कि उसके बाद से उसने लगभग दो हज़ार हाथी मार डाले.

हाथी दाँत से वह चंदन की तस्करी के धंधे में आया और फिर अपहरण और हत्याएँ भी करने लगा.

उस पर करोड़ों रुपए के हाथी दाँत और चंदन की तस्करी के आरोप तो थे ही, सैंकड़ो अपहरण और हत्या की घटनाओं में भी पुलिस को उसकी तलाश थी.

आतंक

वीरप्पन दक्षिणी कर्नाटक और तमिलनाडु के जंगलों में सक्रिय रहे हैं.

लेकिन कभी-कभार वह केरल के जंगलों तक भी पहुँच जाते थे.

ये जंगल बेहद घने हैं और ये वीरप्पन का घर-बार सब जंगलों में ही था.

News image
वीरप्पन ने कन्नड़ फ़िल्म स्टार राजकुमार को जंगलों में सौ दिनों बंदी बनाए रखा

वीरप्पन को सहयोग देनेवाले उसकी छवि रॉबिनहुड की तरह पेश करते हैं.

उसको पकड़ने में सबसे बड़ी कठिनाई यह मानी जाती थी कि उसका सूचनातंत्र बेहद शाक्तिशाली था और सुरक्षाबलों से वह एक क़दम आगे ही रहता था.

हमेशा से सुरक्षाबलों की परेशानी यह रही कि वीरप्पन का इस इलाक़े में इतना आतंक है कि लोग उसके बारे में मुँह नहीं खोलते.

वीरप्पन के गिरोह के लोग जरा भी शक होने पर किसी की भी हत्या कर देते.

1990 में तीन राज्यों ने मिलकर वीरप्पन के ख़िलाफ़ एक अभियान चलाया था.

उसमें 15 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया.

अपहरण

तीन राज्यों की पुलिस के संयुक्त अभियान के दबाव में वीरप्पन ने आत्मसमर्पण की पेशकश की थी और इसके बदले सभी मामलों से बरी करने, मोटी रकम देने और हथियार रखने की अनुमति माँगी थी.

लेकिन उसकी माँग ठुकरा दी गई और इसके जवाब में उसने वन विभाग के नौ लोगों का अपहरण कर लिया.

केवल एक बार 1986 में वीरप्पन को गिरफ़्तार किया जा सका था.

लेकिन वीरप्पन चार पुलिसवालों की हत्या कर फ़रार हो गया था.

दो साल पहले वीरप्पन ने प्रसिद्ध कन्नड़ अभिनेता राजकुमार का अपहरण करके सनसनी फैला दी थी.

तीन महीने बाद राजकुमार को रिहा कर दिया गया.

सरकार वीरप्पन को पकड़ने की कोशिशों में 11 करोड़ रुपए से ज़्यादा ख़र्च किए.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>