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शुक्रवार, 21 मार्च, 2008 को 00:04 GMT तक के समाचार
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साढ़े छह करोड़ में बिकी हुसैन की पेंटिंग

पेंटिंग - गंगा-जुमाना
'गंगा-जमुना' शीर्षक वाली इस पेंटिंग को हुसैन ने 1971 में बनाया था
भारत के मशहूर और विवादास्पद चित्रकार एमएफ़ हुसैन की पेंटिंग भारतीय चित्रकला के इतिहास में सबसे महंगे दामों में बिकी है.

न्यूयॉर्क के मशहूर नीलामी घर क्रीस्टीज़ में शुक्रवार को हुसैन की एक पेंटिंग 16 लाख नौ हज़ार अमरीकी डॉलर ( लगभग साढ़े छह करोड़ रुपए) में खरीदी गई जो कि किसी भी भारतीय चित्रकार के लिए विश्व रिकार्ड है.

इससे पहले किसी भी नीलामी में किसी भारतीय मूल के आधुनिक काल के चित्रकार की पेंटिंग इतने ज़्यादा दाम में आज तक नहीं बिकी थी.

इस पेंटिंग का शीर्षक है- 'द बैटल ऑफ़ गंगा एंड जमुना, महाभारत' – और इसे हुसैन ने सन 1971 में बनाया था.

एमएफ़ हुसैन की इस पेंटिंग में हुसैन ने पहली बार प्राचीन महाकाव्य महाभारत के एक दृश्य को दर्शाया था.

हुसैन की इस पेंटिंग के कीर्तिमान बनाने से नीलामी में मौजूद भारतीय मूल के लोग काफ़ी खुश थे.

दिल्ली की वढेरा आर्ट गैलरी के मालिक अरूण वढेरा ख़ास रुप से इस नीमाली में हिस्सा लेने पहुँचे थे. इस नए कीर्तिमान से बेहद खुश होकर उन्होंने कहा कि भारतीय कला के लिए यह बहुत खुशी का अवसर है.

वढेरा ने कहा, “ भारतीय कला के लिए बहुत ही खुशी की बात है कि हुसैन की पेंटिंग का सही दाम लगाया गया है. जिसने यह पेंटिंग ली है वह बहुत खुशकिस्मत है. एम एफ़ हुसैन की तो ऐसी बहुत सी पेंटिंग्स हैं जिन्हे अगर निलामी में रखा जाए तो ऐसे ही दाम मिलेंगे.”

वैसे क्रीस्टीज़ की इस नीलामी में विश्व रिकार्ड बनाने वाली एमएफ़ हुसैन की एतिहासिक पेंटिंग को आठ लाख डॉलर तक की कीमत में नीलाम होने उम्मीद की जा रही थी.

इससे पहले सन 2005 में तैय्यब मेहता की 'महिसासुर' नामक कलाकृति 15 लाख 84 हज़ार डॉलर में बिकी थी.

विरोध प्रदर्शन

जहाँ एक ओर नीलामी घर के अंदर भारतीय मूल के लोग एमएफ़ हुसैन की पेंटिंग के रिकार्ड बनाने से फूले नहीं समा रहे थे वहीं कुछ लोग नीलामी घर के बाहर एम एफ़ हुसैन के खिलाफ़ नारे लगा रहे थे और उनकी कला की निंदा कर रहे थे.

एमएफ़ हुसैन
नीलाम घर के बाहर हुसैन का विरोध हुआ

कई घंटों तक चली नीलामी के दौरान न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मूल की संस्था इंडियन अमेरिकन इंटेलेक्चुएल फ़ोरम और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने क्रीस्टीज़ नीलामी घर के सामने एम एफ़ हुसैन की पेंटिंग्स के प्रदर्शन और उनकी नीलामी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी किया.

एमएफ़ हुसैन का विरोध करने वाले इन लोगों का कहना है कि हुसैन ने हिदू देवी देवताओं का अपमान करने वाली पेंटिंग्स बनाई हैं.

लेकिन क्रीस्टीज़ नीलामी घर ने हुसैन की पेंटिग्स को दक्षिण एशियाई कलाकारों की कलाकृतियों की नीलामी की सूची से हटाने से इंकार कर दिया था.

नीलामी घर का कहना था कि चित्रकार और कलाकार अपनी कला के ज़रिए विभिन्न मुद्दों औऱ विषयों पर अपनी निजी राय व्यक्त करते हैं औऱ इस अभिव्यक्ति की आज़ादी होनी चाहिए.

क्रीस्टीज़ नीलामी घर की इस नीलामी में एम एफ़ हुसैन की पेंटिंग्स के अलावा एसएच रज़ा, एफ़ सूज़ा, तय्यब मेहता और वासुदेव गायटोंडे जैसे मशहूर चित्रकारों की कलाकृतियां भी शामिल थीं.

इस नीलामी में बीसवीं और इक्कीसवीं सदी के कई दक्षिण एशियाई चित्रकारों की कुल 125 कलाकृतियों को नीलामी के लिए रखा गया था जिनमें भारत के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश के चित्रकार भी शामिल थे.

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