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हुसैन ने जनता से माफ़ी माँगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चर्चित चित्रकार एमएफ़ हुसैन ने हाल में बनाए अपने एक चित्र में 'भारत माता' को बिना वस्त्र चित्रित करने के लिए माफ़ी माँगी है. इस चित्र को बुधवार को एक चित्रकला प्रदर्शनी में दिखाया जाना और फिर नीलाम किया जाना था लेकिन अब इसकी नीलामी नहीं होगी. इस चित्र को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताई थी और लोगों की भावनाएँ आहत करने के आरोप में हुसैन के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. मुंबई पुलिस ने कहा है कि वह मामले की जाँच कर रही है. हिंदू जनजागृति समिति और विश्व हिंदू परिषद के प्रदर्शनों के बाद, हुसैन ने मुंबई में कहा कि वे जनता से माफ़ी माँगते हैं. दिल्ली की जिस आर्ट गैलरी यानि चित्रशाला में इस चित्र की नीलामी होनी थी, उसकी निरीक्षक शरन अप्पाराव का कहना था कि इस विषय पर उन्हें कई फ़ोन आए हैं. उनका कहना था कि उन्हें ज़्यादतर महाराष्ट्र से फ़ोन आए हैं और कई लोगों ने गालियाँ तक दी हैं और ये स्वीकार्य नहीं है. इससे पहले भी हुसैन सरस्वती के चित्र को लेकर विवाद में पड़ चुके हैं और इसे लेकर हिंदू संगठनों ने बड़ा विरोध किया था. जिस चित्र को लेकर अब विवाद हो रहा है उसे चित्रकार एमएफ़ हुसैन ने हाल ही में बनाया है. भूकंप पीड़ितों के लिए मुंबई में 'मिशन कश्मीर' के नाम से एक चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित की गई थी. इसमें प्रदर्शित चित्रों की नीलामी से होने वाली आय को कश्मीर के भूकंप पीड़ितों को भेजा जाना था. इसी प्रदर्शनी के लिए हुसैन ने यह चित्र बनाया था. इस चित्र में हुसैन ने तिरंगे में लगने वाले अशोक चक्र के सामने खड़ी एक महिला का चित्र बनाया है. इस चित्र में महिला को निर्वस्त्र दिखाया गया है और उसके शरीर पर कई राज्यों के नाम लिखे हुए हैं. इस चित्र का विरोध कर रहे संगठनों का कहना था कि ये 'भारत माता' का चित्र है और जिस तरह से इसे बनाया गया है वह भारतीयों और हिंदुओं की भावनाओं का अपमान है. | इससे जुड़ी ख़बरें हिटलर की पेंटिंग 5200 पाउंड में बिकी03 नवंबर, 2005 | मनोरंजन शेक्सपियर की पेंटिंग " नकली"22 अप्रैल, 2005 | मनोरंजन कूची से कपड़े उतारने की कला08 अक्तूबर, 2004 | मनोरंजन जॉर्ज बुश की नग्न पेंटिंग हटाई गई09 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना हुसैन की 100 तस्वीरों के 100 करोड़10 सितंबर, 2004 | मनोरंजन हुसैन के कैनवास से एक और फ़िल्म 02 अप्रैल, 2004 | मनोरंजन कला-संस्कृति का द्वार था दरभंगा31 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस शौचालय में मिला खज़ाना 28 अप्रैल, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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