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फ़्रांस के लोग भी मुझे जानते हैं: शाहरुख़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बॉलीवुड स्टार शाहरुख़ ख़ान को मुंबई में आयोजित एक समारोह में फ़्रांस का प्रतिष्ठित 'ऑफ़िसर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ आर्ट एंड लेटर्स' पुरस्कार प्रदान किया गया. शाहरुख़ को ये पुरस्कार हिंदी फ़िल्म उद्योग में उनके योगदान के लिए दिया गया. शाहरुख़ को ये पुरस्कार भारत में फ्रांस के राजदूत ने मुंबई में चार दिवसीय फ़्रेंच फ़िल्म समारोह के उद्घाटन के अवसर पर दिया. समारोह के बाद शाहरुख़ ने कहा,'' जब मैं ब्रिटेन गया तो मुझे पता चला कि लोग मुझे जानते हैं. लेकिन मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि फ़्रांस के लोग भी मुझे जानते हैं.'' उनका कहना था कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि हमने फ़िल्मों के माध्यम से अपनी संस्कृति और पहचान फ़्रांस तक पहुँचाई है. उन्होंने दोनों देशों के बीच सिनेमा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की ज़रूरत बताई. शाहरुख़ ने चुटकी ली,'' मैं दिल्ली में फ़्रांसीसी सांस्कृतिक केंद्र में फ़िल्में देखने जाया करते थे क्योंकि मुझे बताया गया था कि ये सर्वश्रेष्ठ सिनेमा है. लेकिन मैं प्यार के दृश्य देखने के लिए इन फ़िल्मों को देखा करता था.'' उनका कहना था कि उन्होंने किसी विदेशी फ़िल्म में इसलिए काम नहीं किया है क्योंकि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव अभी तक नहीं मिला है. शाहरुख़ की 2007 में 'चक दे इंडिया' और 'ओम शांति ओम' फ़िल्में सुपर हिट रहीं हैं. |
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