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शुक्रवार, 30 नवंबर, 2007 को 18:43 GMT तक के समाचार
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फ़िल्म 'आजा नच ले' पर यूपी में रोक

माधुरी दीक्षित
फ़िल्म के एक गाने की पंक्तियों पर आपत्ति जताई जा रही है
दलितों के लिए कथित तौर पर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने माधुरी दीक्षित की नई फ़िल्म 'आजा नच ले' पर रोक लगा दी है.

शुक्रवार को ही रिलीज़ हुई इस फ़िल्म पर उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए शुक्रवार को देर रात के शो भी रोक दिए हैं.

सिनेमा घरों पर इसके संबंध में सूचनाएँ लगा दी गई हैं.

मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस फ़िल्म पर पूरे देश में रोक लगाने की माँग की है.

दूसरी तरफ़ फ़िल्म के निर्देशक अनिल मेहता ने कहा है कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था और यदि किसी सरकार ने फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाने जैसा बड़ा फ़ैसला किया है तो वे गाने की वो पंक्तियाँ हटा लेंगे.

उल्लेखनीय है कि यह आपत्ति फ़िल्म के एक गाने की पंक्तियों को लेकर की जा रही है. दरअसल फ़िल्म के टाइटल गीत की दो पंक्तियाँ हैं, "मोहल्ले में कैसी मारा मार है, बोले मोची भी ख़ुद को सुनार है..."

आपत्ति करने वालों का कहना है कि 'मोची' शब्द दलितों के लिए अपमानजनक है.

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सूचना सचिव शैलेषकृष्ण ने कहा है कि फ़िल्म में जातिसूचक शब्द 'मोची' का इस्तेमाल किया गया है, जो कि असंवैधानिक है इसीलिए फ़िल्म पर रोक लगा दी गई है.

प्रदेश के मुख्य गृहसचिव जेएन चेंबर ने कहा है कि इस फ़िल्म से एक बड़े वर्ग की भावनाएँ आहत हो रही हैं और इससे क़ानून व्यवस्था की समस्या खड़ी होने की संभावना दिख रही है इसलिए यह निर्णय लिया गया है.

दृश्य हटाने को तैयार

उल्लेखनीय है कि इंडियन जस्टिस पार्टी ने फ़िल्म में जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी और इस फ़िल्म पर रोक लगाने की माँग की थी.

 मैं समझता हूँ कि अगर किसी एक शब्द को लेकर किसी सरकार ने इतना बड़ा क़दम उठा लिया है कि फ़िल्म को बैन कर दे तो हम उसे फ़िल्म से हटा देंगे
अनिल मेहता, फ़िल्म के निर्देशक

फ़िल्म ने निर्देशक अनिल मेहता ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा कि वे इस विवाद में नहीं पड़ना चाहते कि कोई शब्द आपत्तिजनक है या नहीं लेकिन उनका इरादा कभी भी किसी की भावनाएँ आहत करने का नहीं था.

उन्होंने कहा, "मैं समझता हूँ कि अगर किसी एक शब्द को लेकर किसी सरकार ने इतना बड़ा क़दम उठा लिया है कि फ़िल्म को बैन कर दे तो हम उसे फ़िल्म से हटा देंगे."

उन्होंने कहा कि सभी वितरकों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे टाइटल गीत की उस पंक्ति को हटा दें जिस पर आपत्ति जताई जा रही है.

अनिल मेहता का कहना था कि रात भर में हर सिनेमाघर तक ये निर्देश पहुँचाने की कोशिश की जा रही है कि वह पंक्ति फ़िल्म से निकाल दी जाए.

लखनऊ में नॉवेल्टी सिनेमा के मैनेजर राजेश टंडन ने बीबीसी को बताया कि ज़िलाधीश की ओर से ये निर्देश पहुँच चुके हैं कि फ़िल्म का प्रदर्शन रोक दिया जाए.

राजेश टंडन ने बताया कि फ़िल्म के निर्माता और वितरक की ओर से ईमेल पर ये निर्देश भी आ गए हैं कि गाने के आपत्तिजनक हिस्से को हटा दिया जाए.

उनका कहना है कि गाने से वो हिस्से हटा दिए गए हैं लेकिन अब सरकार को तय करना है कि आपत्तिजनक हिस्से हटाने के बाद फ़िल्म को दिखाया जा सकता है या नहीं.

'आपत्ति ग़लत'

प्रतिबंध के पहले का एक शो देखकर निकल रहे दर्शकों में से ज़्यादातर ने फ़िल्म पर प्रतिबंध को अनुचित ठहराया है.

एक दर्शक ने कहा, "मोची और सुनार अब जातिसूचक शब्द नहीं रह गए हैं और ये पेशे से जुड़े शब्द हैं और इन पर आपत्ति करना ग़लत है."

कुछ दर्शकों ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती दलितों की राजनीति करने के फ़ेर में यह प्रतिबंध लगा रही हैं.

'आजा नच ले' चर्चित अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की नई फ़िल्म है और इस फ़िल्म के ज़रिए वे कई साल बाद बॉलीवुड में एक बार फिर लौट रही हैं.

उल्लेखनीय है कि वे विवाह के बाद अमरीका चली गई थीं और उन्होंने इस बीच फ़िल्मों में काम नहीं किया.

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