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न्यूयॉर्क में भारतीय फ़िल्मों का महोत्सव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
न्यूयॉर्क में भारतीय मूल की फ़िल्मों का वार्षिक महोत्सव शुरू हो गया है. जिसमें भारतीय मूल के फ़िल्मकारों और भारत से जुड़े हुए मुद्दों पर आधारित फ़िल्में दिखाई जा रही हैं. 'इंडो अमेरिकन फ़िल्म फ़ेस्टिवल' नाम के इस महोत्सव में करीब 50 फ़िल्में दिखाई जाएँगी. जिनमें बॉलीवुड की कुछ नई फ़िल्में भी शामिल हैं. बुधवार को महोत्सव की शुरूआत हुई संजय लीला भंसाली की नई फ़िल्म 'साँवरिया' के प्रीमियर शो के साथ. भारतीयों का जमावड़ा महोत्सव के पहले दिन के कार्यक्रम में भारतीय मूल के कई नामी-गिरामी लोग शामिल हुए जिनमें, मशहूर फ़िल्म निर्देशक मीरा नायर, फ़िरोज़ अब्बास खान, मशहूर लेखिका किरण देसाई, बॉलीवुड अभिनेता मिलिंद सोमन औऱ अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा शामिल थीं. मीरा नायर जो हर ऐसे मौकों पर मौजूद होती हैं, जहाँ वह भारतीय मूल के फ़िल्मकारों को प्रोत्साहित कर सकें. इस महोत्सव में भी वह अपने पति और ससुर के साथ पहुंची थीं. मीरा नायर इस तरह के फ़िल्म महोत्सव के आयोजन को बहुत ज़रूरी मानती हैं. वह कहती हैं, "इस तरह के महोत्सव के ज़रिए उन उभरते हुए कलाकारों औऱ फ़िल्मकारों को ऐसा बेशकीमती प्लेटफ़ार्म मिलता है, जिसके ज़रिए वह अपना काम लोगों तक पहुंचा सकते हैं, अपनी भी आवाज़ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं. और अगर हम अपनी कहानी खुद नहीं बयान करेंगे तो कौन करेगा?" फ़िल्मों में नयापन न्यूयॉर्क के इस फ़िल्म महोत्सव में कुल 12 फ़िल्मों का वर्ल्ड प्रीमियर शो हो रहा है, ग्यारह फ़िल्में पहली बार अमरीका में दिखाई जा रही हैं. ये फ़िल्में भारत, फ़्रांस, कुवैत, इंगलैंड, और अमरीका और कनाडा जैसे देशों में रह रहे भारतीय मूल के फ़िल्मकारों ने बनाई हैं.
महोत्सव की निदेशक पूजा कोहली कहती हैं, "इस साल के महोत्सव में जो फ़िल्में शामिल की गई हैं उनमें विविधता है.निर्देशकों औऱ कलाकारों ने भी कला को नए अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की है. इसलिए यह महोत्सव स्वतंत्र फ़िल्मकारों के प्रोत्साहन में काफ़ी मदद करेगा. वह काफ़ी कुछ सीख पाएंगे". महोत्सव के मुख्य आकर्षण के तौर पर जो फ़िल्में शामिल हैं उनमें अमिताभ बच्चन की अंग्रेज़ी फ़िल्म 'द लास्ट लियर', फिरोज़ अब्बास खान की 'गांधी माई फ़ादर', पैन नालिन की 'वैली आफ़ फ़्लावर्स', जिसमें मिलिंद सोमन ने काम किया है. और रितुपर्णो घोष की 'दोसार' में कोंकणा सेन शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई है. न्यूयॉर्क के कुछ युवाओं की ज़िंदगी पर आधारित पारस चौधरी की 'एस्टोरिया पार्क' जैसी एक स्थानीय फ़िल्म की भी चर्चा है. जिसमें सायला राव, मनीष दयाल, शाहजहाँ, सैम घोष और होज़े पेरेज़ जैसे उभरते हुए कलाकारों ने काम किया है. महोत्सव के पहले दिन सायला राव बड़ी उत्साहित दिखीं. उन्होंने बताया, "इस महोत्सव में आकर बहुत खुशी हो रही है, अलग अलग फ़िल्म निर्देशकों औऱ कलाकारों का काम देखने को मिलेगा. और हाँ मेरी पहली फ़िल्म भी है, जिसे पर्दे पर देखने के लिए मैं बेताब हूँ. मुझे उम्मीद है कि लोगों को फ़िल्म का संगीत पसंद आएगा". सामाजिक संदेश महोत्सव में एड्स से जुड़े मुददों पर आम लोगों की जानकारी बढ़ाने के मकसद से बनाई गई मीरा नायर की नई फ़िल्म 'एड्स जागो' को भी प्रदर्शित किया जा रहा है. इसमें चार शार्ट फ़िल्में शामिल हैं. जिन्हें फ़रहान अख़्तर, संतोष सीवान और विशाल भारद्वाज ने मीरा नायर के साथ मिलकर बनाया है. इन फ़िल्मों को देखने के लिए शहर के कई सिनेमा घरों में काफ़ी संख्या में भारतीय फ़िल्मों के शौकीन पहुंच रहे हैं. दर्शकों में अमरीकी भी शामिल हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें न्यूयॉर्क में एशियाई फ़िल्मों का समारोह06 अक्तूबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस अमरीका में बॉलीवुड पोस्टरों की प्रदर्शनी07 जून, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस न्यूयॉर्क में देसी फ़िल्म महोत्सव13 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस न्यूयॉर्क में 'मुस्लिम फ़िल्मोत्सव'20 अप्रैल, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस दक्षिण एशियाई फ़िल्मों का मेला09 दिसंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस न्यूयॉर्क में एशियाई फ़िल्म समारोह17 जुलाई, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस अमिताभ का जादू सर चढ़कर बोला17 अप्रैल, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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